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यमन: क्या आज ISIS भारतीय पादरी की हत्या कर देगा।

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दुनिया के सबसे बर्बर आतंकी संगठन में शुमार ISIS शुक्रवार को यमन से अगवा किए गए भारतीय पादरी टॉम उझुन्नैलील की हत्या कर सकता है।

गुड फ्राइडे को देखते हुए इंटरनेट पर ऐसी खबरों और आशंकाओं के बीच लोग बहुत डरे हुए हैं। 4 मार्च को एक वृद्धाश्रम पर हमले के बाद से ही टॉम लापता हैं, जबकि बताया जाता है कि उन्हें इस्लामिक स्टेट संगठन के हमलावरों ने बंधक बनाकर रखा हुआ है।

बता दें कि 4 मार्च को यमन के अदन शहर में कोलकाता की संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा चलाए जा रहे एक वृद्धाश्रम पर आतंकवादियों ने हमला किया जिसमें एक भारतीय नन समेत 16 लोग मारे गए थे।

हमले के बाद जिबूती स्थित भारतीय कैंप कार्यालय के अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि दो-चार अतंकवादियों ने वृद्धाश्रम के सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वह अपनी माताओं से मिलने आए हैं और वह गेट खोल दें। भीतर घुसने के बाद उन्होंने सबसे पहले दरबान की हत्या कर दी और फिर अंदर मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे।

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टू प्लस टू वार्ता में भारत-अमेरिका वैश्विक सहयोग की होगी समीक्षा

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अगले हफ्ते नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ‘टू प्लस ट’ मंत्रिस्तरीय वार्ता में दुनिया के दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच वैश्विक सहयोग की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

इसके साठ ही आगे उठाए जाने वाले कदमों का खाका भी तैयार किया जाएगा। यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड्र ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कही।  

अमेरिका में तीन नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है और उससे पहले ट्रंप सरकार की यह आखिरी सबसे बड़ी राजनयिक वार्ता होगी। दो दिवसीय वार्ता में भारत और अमेरिका के शीर्ष चार कैबिनेट मंत्री हिस्सा लेंगे। इसमें दोनों देशों के संबंधों की आगामी चार साल के लिए आधारशिला रखे जाने की संभावना है, भले ही चुनाव कोई भी जीते।

वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत के साथ संबंधों को लेकर अमेरिका में द्विदलीय समर्थन है।

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने वाशिंगटन डीसी में फॉरेन प्रेस सेंटर द्वारा आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल’ के दौरान कहा कि इस टू प्लस टू वार्ता में अमेरिका और भारत के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आगामी कदमों का खाका तैयार किया जाएगा। इस साल वार्ता में चार बड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना हैं।

ये मुद्दे हैं- हिंद प्रशांत में जन स्वास्थ्य के मामले में सहयोग एवं काम समेत वैश्विक सहयोग, ऊर्जा एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग समेत आर्थिक सहयोग, लोगों के बीच आपसी संबंध और रक्षा संबंध।

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका अर्थव्यवस्था और द्विपक्षीय व्यापार को पटरी पर लाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। अमेरिका अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त सहयोग (यूआईडीएफसी) ने भारत में निवेश परियोजनाओं में 50 करोड़ डॉलर की सहायता मुहैया कराने की प्रतिबद्धता जताई है और हाल में मुंबई में एक प्रबंध निदेशक को नियुक्त किया है, जो भारत और क्षेत्र में निवेश को विस्तार देने में मदद करेगा।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 का टीका विकसित करने के संयुक्त प्रयास उल्लेखनीय प्रगति के साथ जारी है। छह से अधिक अमेरिकी कंपनियां और संस्थान ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ जैसे भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर टीका खोजने का प्रयास कर रहे हैं।

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वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के मामले हुए 4.25 करोड़

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वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 4.25 करोड़ हो चुकी है, वहीं घातक संक्रमण से अब तक 1,148,940 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय ने रविवार को दी।

विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) के नए अपडेट के अनुसार, रविवार की सुबह तक कुल मामलों की संख्या 42,532,198 हो गई, जबकि मौतों का आंकड़ा बढ़कर 1,148,943 हो गया।

सीएसएसई के अनुसार, अमेरिका दुनिया में कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित देश हैं। यहां संक्रमण के 8,571,943 मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं इससे हुई मौतों का आंकड़ा 224,771 है।

वहीं संक्रमण के मामलों के हिसाब से भारत 7,814,682 आंकड़ों के साथ दूसरे स्थान है, जबकि देश में मरने वालों की संख्या 117,956 है।

सीएसएसई के आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के अधिक मामलों वाले अन्य शीर्ष 15 देश ब्राजील (5,380,635), रूस (1,487,260), फ्रांस (1,084,659), अर्जेंटीना (1,081,336), स्पेन (1,046,132), कोलम्बिया (1,007,711), मेक्सिको (886,800), पेरू (883,116), ब्रिटेन (857,043), दक्षिण अफ्रीका (714,246), ईरान (562,705), इटली (504,509), चिली (500,542), इराक (449,153) और जर्मनी (427,808) हैं।

कोविड-19 से हुई मौतों के मामले में अमेरिका के बाद ब्राजील का स्थान है, जहां 156,903 मौतें दर्ज की गई हैं। वहीं 10,000 से अधिक मौत दर्ज करने वाले देशों में मेक्सिको (88,743), ब्रिटेन (44,835), इटली (37,210), स्पेन (34,752), फ्रांस (34,536), पेरू (34,033), ईरान (32,320), कोलंबिया (30,000), अर्जेंटीना (28,613), रूस (25,647), दक्षिण अफ्रीका (18,944), चिली (13,892), इंडोनेशिया (13,205), इक्वाडोर (12,542), बेल्जियम (10,658), इराक (10,568) और जर्मनी (10,015) हैं।

आईएएनएस

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ग्रे लिस्ट से निकालने के लिए केवल तुर्की ने किया पाकिस्तान का समर्थन

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फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को एक बार फिर से ग्रे लिस्ट में रखकर जहां जोरदार झटका दिया है वहीं 39 देशों में 38 ने भी उससे मुंह मोड़ लिया। केवल तुर्की ही एक ऐसा देश रहा जिसने पाक को ग्रे लिस्ट से बाहर निकाले जाने की वकालत की। 

हालांकि आईसीआरजी की बैठक में तुर्की, चीन और सऊदी अरब ने तकनीकी आधार पर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर निकालने की वकालत की, लेकिन एफएटीएफ की प्लेनरी बैठक में केवल तुर्की ने ही पाकिस्तान की वकालत की। लगभग सभी देशों ने बैठक में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की निंदा की।

पाकिस्तान और तुर्की के बीच दोस्ती के पीछे असली वजह इस्लाम का विस्तारवाद है, जो इस्लामिक दुनिया में सऊदी अरब से नेतृत्वकारी स्थान लेना चाहता है। तुर्की प्रधानमंत्री रेसप तैयप एर्दोगन के नेतृत्व में तुर्क साम्राज्य की विरासत को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रहा है।

मध्य-पूर्व पर नजर रखने वाले एक विशेषज्ञ ने कहा कि इराक, सीरिया से लेकर लीबिया और अजरबैजान में तुर्की समसयाएं पैदा कर रहा है। तुर्की पाकिस्तान के साथ मिलकर इस्लामी विद्रोहियों को संगठित करके दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हिंसा, अस्थिरता और अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है।


एफएटीएफ ने पाकिस्तान को जून 2018 में ‘ग्रे’ सूची में डाला था और इस्लामाबाद को धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की 27 बिंदुओं की कार्य योजना को वर्ष 2019 के अंत तक लागू करने को कहा था। कोविड महामारी की वजह से इस मियाद में वृद्धि कर दी गई।

भारत ने पाकिस्तान की सच्चाई से दुनिया के सामने पर्दा उठाया और बताया है कि पाक ने 27 में से सिर्फ 21 बिंदुओं पर काम किया है और अभी भी वहां आतंकियों को पनाह दी जा रही है। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया और दाउद इब्राहिम जैसे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा है। 

भारत ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कही इकाइयों और लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि एफएटीएफ के 6 ऐसे अहम बिंदु हैं जिन पर पाकिस्तान ने कोई काम नहीं किया है।


इस साल पाकिस्तान ने 3800 बार बिना उकसावे के नागरिक इलाकों में संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। इसकी आड़ में आतंकियों को घुसपैठ करने में मदद की कोशिश की गई ताकि हथियार पहुंचाए जा सकें। उन्होंने कहा कि ड्रोन और क्वॉडकॉप्टर की मदद से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिश की जा रही है। कूटनीतिक माध्यमों और नियमित डीजीएमओ के स्तर की वार्ता से इस तरह के उल्लंघन के बारे में पाकिस्तान को लगातार अवगत कराया जा रहा है।

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