टेकराष्ट्रीयलद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाना गलत, Twitter से मांगा लिखित स्पष्टीकरण

Rukhsar AhmadOctober 28, 20201752 min

डेटा संरक्षण विधेयक के संबंध में बुधवार को संसद की संयुक्त समिति के समक्ष माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। इस दौरान समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने कहा कि डाटा सुरक्षा पर संयुक्त समिति ने लद्दाख को चीन के भाग के तौर पर दिखाने के लिए ट्विटर से पूछताछ की। समिति की सर्वसम्मत राय है कि लद्दाख को चीन के भाग के तौर पर दिखाने के संबंध में ट्विटर का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है।

लेखी ने कहा कि लद्दाख को चीन के भाग के तौर पर दिखाना भारत की संप्रभुता के खिलाफ है और यह आपराधिक कृत्य के समान है जिसके तहत सात साल जेल की सजा हो सकती है। समिति ने इस मामले में ट्विटर के शीर्ष अधिकारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है।

लेखी ने कहा कि ट्विटर के प्रतिनिधि डाटा सुरक्षा विधेयक 2019 पर संसद की संयुक्त समिति के सामने पेश हुए और लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के लिए सदस्यों ने उनसे सवाल पूछे। समिति की सर्वसम्मत राय है कि लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के संबंध में ट्विटर का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है।

हालांकि उन्होंने कहा कि ट्विटर के प्रतिनिधियों ने समिति को बताया कि सोशल मीडिया कंपनी भारत की भावनाओं का सम्मान करती है। लेखी ने कहा कि यह केवल संवेदनशीलता का मामला नहीं है, यह भारत की संप्रभुता और अखंडता का मामला है, लद्दाख को चीनी भाग के तौर पर दिखाना आपराधिक कृत्य के समान है जिसके लिए सात जेल की सजा का प्रावधान है।

ट्विटर इंडिया की ओर से समिति के सामने वरिष्ठ प्रबंधक पब्लिक पॉलिसी शगुफ्ता कामरान, वकील आयुषी कपूर, पॉलिसी संचार अधिकारी पल्लवी वालिया और कॉरपोरेट सुरक्षा अधिकारी मनविंदर बाली पेश हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कानून एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारी भी समिति के सामने उपस्थित हुए।

जानकारी के अनुसार, अमेजन के प्रतिनिधि भी आज दोपहर 3 बजे समिति के समक्ष पेश होंगे। इसके अलावा कल यानि गुरुवार को गूगल और कुछ अन्य संगठन समिति के समक्ष पेश होंगे।

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