ब्लॉगस्वास्थ्यक्यों हुआ भारत में कोरोना का विस्फोट? पढ़ें WHO के टॉप सांइटिस्ट की रिपोर्ट

WeForNews DeskMay 9, 202171 min

भारत में कोरोना वायरस का ऐसा विस्फोट हुआ है जिसके कारण अब हर दिन 4 लाख से अधिक कोरोना केस सामने आ रहे हैं और करीब 4 हजार से अधिक लोगों की मौतें हो रहीं हैं। भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के पीछे कई वजहें सामने आईं हैं, जिसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टॉप वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कई कारण बता रहीं हैं।

डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि भारत में अचानक से कोरोना विस्फोट के पीछे की वजह कोरोना वायरस का नया वेरिएंट है, जो बहुत ही ज्यादा संक्रामक और जानलेवा है। साथ ही टीकाकरण की धीमी रफ्तार को भी उन्होंने सबसे बड़ी वजह माना है।

समाचार एजेंसी AFP को दिए एक इंटरव्यू में डॉ. सौम्या स्वामीनाथ ने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत में आज हम जो कोरोना महामारी देख रहे हैं, यह इस बात का संकेत है कि कोरोना का यह वेरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत में कोरोना विस्फोट से बचने का उपाय केवल टीकाकरण अभियान (Coronavirus Vaccination Drive) है और इसमें तेजी लाने की बहुत जरूरत है।

ज्ञात हो कि भारत में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार रोजाना चार लाख से अधिक कोरोना वायरस के केस सामने आ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली से लेकर यूपी तक अस्पतालो में बेड, ऑक्सीजन और दवाओं के लिए हाहाकार मचा हुवा है। भारत का हेल्थ सिस्टम लगभग ध्वस्त हो चुका है और कई विशेषज्ञ कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ें पर भी सवाल उठा रहे हैं।

भारतीय शिशु रोग विशेषज्ञ और WHO की टॉप मानी जानेवाली वैज्ञानिक डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोना का नया वेरिएंट B.1.617 जो कि भारत में अक्टूबर महीने में पाया गया था, वही अब भारत में कोरोना विस्फोट का सबसे बड़ा कारण है। यही नया वेरिएंट अब देश में हर दिन लाखों लोगों को अपना शिकार बना रहा है और यह जानलेवा साबित हो रहा है।

स्वामीनाथन ने अपने इंटरव्यू में आगे कहा कि भारत में पाये जाने वाला कोरोना का यह वैरिएंट काफी खतरनाक, जो कि यह शरीर में एंटीबॉडी बनाने से भी रोकता है और पुराने वेरिएंट के मुकाबले काफी तेजी से म्यूटेट करता है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और अमेरिका भी इस वेरिएंट को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने भारत में कोरोना विस्फोट के पीछे लोगों की लापरवाहियों को भी कसूरवार माना है। बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा होना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होना भी इस विस्फोट के कारण हैं।

डॉ. स्वामीनाथन की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य राजनेताओं द्वारा आयोजित बड़े पैमाने पर चुनावी रैलियां भी इसके लिए जिम्मेदार है। रैली में जुटी भीड़ ने भी कोरोना के प्रसार में मदद की। इसके अलावा, भारत में कई लोगों का यह मानना कि संकट टल गया है, यह भी बड़ी भूल है। क्योंकि ज्यादातर लोगों ने मास्क पहनना छोड़ दिया और बचाव के तरीकों का भी पालन नहीं किया, जिसकी वजह से कोरोना आसानी से फैलता चला गया।

उन्होंने भारत में जारी टीकाकरण अभियान की धीमी रफ्तार को भी कोरोना वायरस के प्रसार का जिम्मेदार माना है। डॉ. स्वामीनाथन बताया कि दुनियाँ के सबसे बड़े वैक्सीन बनाने वाले देश भारत ने अबतक 1.3 बिलियन से अधिक आबादी वाले लगभग दो प्रतिशत को पूरी तरह से टीकाकरण कर पाया है। उन्होंने कहा कि 70 से 80 प्रतिशत टीकाकरण के बिंदु तक पहुंचने में सालों नहीं तो कई महीने लगेंगे।

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