वोडाफोन ने छुट्टियों का लुत्फ उठाने के लिए नया स्कीम पेश किया | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

व्यापार

वोडाफोन ने छुट्टियों का लुत्फ उठाने के लिए नया स्कीम पेश किया

Published

on

Vodafone-wefornews
वोडाफोन

वोडाफोन इंडिया ने दिल्ली-एनसीआर के उन उपभोक्ताओं के लिए किफायती नेशनल रोमिंग पैक पेश किया है, जो छुट्टियों के इस सीजन में शहर से बाहर घूमने की योजना बना रहे हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उपभोक्ताओं की जरूरतों और उनसे मिल रही प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए रोमिंग ऑफर पेश किया गया है जिसके तहत प्रीपेड उपभोक्ता मात्र 32 रुपये में नि:शुल्क इनकमिंग और मात्र 80 पैसे/मिनट लोकल आउटगोइंग का लाभ उठा सकते हैं।

उपभोक्ताओं की यात्रा सम्बन्धी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैलिडिटी एवं टॉक टाईम से युक्त ऑफर पेश किए गए हैं। वोडाफोन के पोस्टपेड उपभोक्ता 35 रुपये से 205 रुपये तक की विभिन्न वैलिडिटी और टॉक टाईम का विकल्प चुन सकते हैं। वोडाफोन ने रोमिंग पैक की एक्सटेंड वैलिडिटी की सुविधा भी पेश की है जिसके द्वारा उपभोक्ता रोमिंग की चिंता किए बिना अपनी छुट्टियां एक्सटेंड करके उनका लुत्फ उठा सकते हैं।

नए ऑफर्स की घोषणा करते हुए वोडाफोन इण्डिया के दिल्ली एवं एनसीआर के बिजनेस हैड अपूर्व मेहरोत्रा ने कहा कि उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ये ऑफर पेश किए गए हैं, ताकि उन्हें शहर के बाहर यात्रा के लिए अपने फोन के इस्तेमाल के बारे में दो बार न सोचना पड़े। कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले हमारे 50 फीसदी उपभोक्ता छुप्तियां मनाने और या अपने होमटाउन जाने के लिए शहर से बाहर जाते हैं।

wefornews bureau

व्यापार

एटीएम से 5,000 से ज्यादा रुपये निकालने पर शुल्क लगाने की तैयारी

Published

on

bank-atm-image

आने वाले दिनों में एटीएम से पांच हजार रुपये से ज्यादा की राशि निकालने पर आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। ये आपके मुफ्त पांच ट्रांजैक्शन में शामिल नहीं होगा, इसके लिए आपको अलग से राशि का भुगतान करना होगा। यह तभी लागू होगा जब आप एटीएम से पांच हजार से ज्यादा की राशि निकालेंगे। 

एक बार में पांच हजार से ज्यादा की राशि निकालने पर किसी ग्राहक को 24 रुपये तक देने पड़ सकते हैं। मौजूदा समय में एटीएम से पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन की जा सकती है, इसके बाद अगर उसी महीने में और ट्रांजैक्शन की जा रही हैं तो छठे ट्रांजैक्शन पर 20 रुपये लगते हैं। 
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक की एटीएम शुल्क की समीक्षा के लिए गठित की गई समिति ने अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं। इसके आधार पर बैंक आठ साल बाद एटीएम शुल्क में बदलाव कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के एसएलबीसी समन्वयक एसडी माहुरकर के मुताबिक समिति ने दस लाख से कम आबादी वाले शहरों में एटीएम से लेन-देन बढ़ाने पर जोर दिया है।

यहां ज्यादातर लोग छोटी-छोटी राशि निकालते हैं, इसलिए समिति ने छोटे ट्रांजैक्शन को ही फ्री ट्रांजैक्शन में रखा है। छोटे शहरों में ग्राहकों को दूसरे बैंकों के एटीएम पर हर महीने छह बार पैसा निकालने की छूट मिलेगी। अभी छोटे शहरों में केवल पांच बार ही पैसा निकाला जा सकता है।

मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू जैसे महानगरों में ग्राहकों को एक महीने में एटीएम से तीन बार पैसा निकालने की छूट है, इसके बाद चौथी बार पैसा निकालने पर अतिरिक्त शुल्क लगता है।

Continue Reading

व्यापार

चेक इन काउंटर के उपयोग के लिए इंडिगो लेगा सर्विस फीस

Published

on

indigo airlines

वेब चेकिंग को बढ़ावा देने के मकसद से एअरलाइन कम्पनी इंडिगो ने हवाई अड्डों पर अपने चेक-इन काउंटर का उपयोग करने वालों से सर्विस फीस लेने का फैसला किया है। इंडिगो ने कहा है कि उसका यह फैसला तत्काल प्रभाव (शनिवार) से ही लागू हो रहा है।

एअरलाइन ने हालांकि कहा है कि वह यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हर व्यवस्था करने को तैयार है और साथ ही साथ वह यात्रियों से बिना किसी के सम्पर्क में आए विमान यात्रा करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करता है।

Continue Reading

व्यापार

रियल एस्टेट क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए RBI ने उठाए कदम

Published

on

rbi

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आवास ऋण को बढ़ावा देने के लिए हाल में घोषित उपायों को अमल में लाने की पहल कर दी है। इसके तहत कर्ज-मूल्य अनुपात (एलटीवी) यानी मूल्य के अनुपात में दिए जाने वाले आवास ऋण के लिए जोखिम भारांश को युक्तिसंगत बनाया गया है। 

ग्राहकों को कम ब्याज पर मिल सकेगा कर्ज

मालूम हो कि यह नई व्यवस्था 31 मार्च 2022 तक मंजूर किए जाने वाले सभी आवास ऋण पर लागू होगी। इससे एक तरफ जहां बैंकों के पास रियल एस्टेट क्षेत्र को कर्ज देने के लिए अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध होगी, वहीं वे ग्राहकों को लाभ देने के लिए ब्याज भी कम कर सकेंगे। 

रियल एस्टेट क्षेत्र में कर्ज को मिलेगी गति

आरबीआई की इस संबंध में जारी अधिसूना के अनुसार जहां मकान के मूल्य के समक्ष कर्ज यानी एलटीवी 80 फीसदी से कम है तो नए आवास ऋण पर जोखिम भारांश 35 फीसदी होगा। वहीं एलटीवी 80 फीसदी से अधिक है लेकिन 90 फीसदी से कम है तो जोखिम भारांश 50 फीसदी होगा। आरबीआई ने कहा कि इस उपाय से रियल एस्टेट क्षेत्र में बैंक कर्ज को गति मिलने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में रोजगार सृजन तथा दूसरे उद्योगों के जुड़े होने को देखते हुए यह आर्थिक पुनरुद्धार के लिए महत्वपूर्ण है। 

यानी इससे बैंकों को प्रत्येक आवास ऋण पर जाखिम के लिहाज से पहले जो ऊंचा प्रावधान करना होता था, वह अब कम होगा। इससे उनका बोझ कम होगा। इस प्रकार के कर्ज पर 0.25 फीसदी का मानक संपत्ति प्रावधान पहले की तरह लागू रहेगा। इस बारे में एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि एलटीवी अनुपात संपत्ति के मूल्य को दिए जाने वाले कर्ज की राशि से भाग देकर निकाला जाता है। 

उदाहरण के तौर पर यदि कोई 80 लाख रुपये का मकान खरीदता है और उसके लिए 10 लाख रुपये का शुरुआती भुगतान करता है तब उसे 70 लाख रुपये कर्ज लेना है। उन्होंने कहा, ‘एलटीवी पर जोखिम भारांश की व्यवस्था को युक्तिसंगत बनाने से बैंकों के पास कर्ज देने के लिए अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध होगी। इससे वे ब्याज दर भी कम कर सकेंगे क्योंकि उनके पास ऋण देने को लेकर अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध होगी।’

Continue Reading

Most Popular