राजनीतिउत्तराखंड : तीरथ का इस्तीफा, शनिवार को होगा नए मुख्यमंत्री का चयन

नए मुख्यमंत्री के लिए धन सिंह रावत और सतपाल महाराज के अलावा पुष्कर धानी और रितु खंडूरी का भी नाम चर्चा में है।
WeForNews DeskJuly 3, 20213571 min
Satpal Maharaj and Dhan Singh Rawat

नई दिल्ली, 3 जुलाई | उत्तराखंड में पैदा हुए संवैधानिक संकट के बीच मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने चार माह से भी कम समय तक पद पर रहने के बाद शुक्रवार देर रात राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

यहां राजभवन पहुंचकर अपना इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री रावत ने संवाददाताओं को बताया कि उनका इस्तीफा देने की मुख्य वजह संवैधानिक संकट था जिसमें निर्वाचन आयोग के लिए चुनाव कराना मुश्किल था ।

उन्होंने कहा, ‘‘संवैधानिक संकट की परिस्थितियों को देखते हुए मैंने अपना इस्तीफा देना उचित समझा ।’’

रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अपने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने उन्हें उच्च पदों पर सेवा करने का मौका दिया ।

पौड़ी से लोकसभा सदस्य रावत ने इस वर्ष 10 मार्च को मुख्यमंत्री का पद संभाला था और संवैधानिक बाध्यता के तहत उन्हें छह माह के भीतर यानी 10 सितंबर से पहले विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना था ।

लेकिन मुख्यमंत्री के विधानसभा पहुंचने में सबसे बड़ी अड़चन के रूप में यह संवैधानिक संकट आ गया कि जब विधानसभा चुनावों में एक साल से कम का समय बचा हो तो ऐसे में सामान्यत: उपचुनाव नहीं कराए जाते । वैसे भी कोविड महामारी के कारण भी फिलहाल चुनाव की परिस्थितियां नहीं बन पायीं ।

उधर, धन सिंह रावत, सतपाल महाराज और कुछ अन्य लोगों के नाम उनके संभावित उत्तराधिकारी के रूप में आने लगे हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक की तैयारी भी चल रही है और विधायकों को देहरादून पहुंचने को कहा गया है।

पार्टी के सूत्रों ने बताया कि नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए शनिवार को विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी।

उत्तराखंड भाजपा के एक नेता ने कहा, “हमें पता चला है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एक नए मुख्यमंत्री का चयन करने के लिए विधायक दल की बैठक के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में आएंगे। हमने सुना है कि वर्तमान संवैधानिक संकट से बचने के लिए मुख्यमंत्री पद के लिए एक विधायक का चुयन किया जाएगा।”

नए मुख्यमंत्री के लिए धन सिंह रावत और सतपाल महाराज के अलावा पुष्कर धानी और रितु खंडूरी का भी नाम चर्चा में है।

तीरथ सिंह रावत सरकार में मंत्री रहे धन सिंह रावत इस पद के लिए सबसे आगे चल रहे हैं। आरएसएस के करीबी, उन्होंने इसके छात्र विंग एबीवीपी के राज्य सचिव के रूप में काम किया है और आरएसएस के पदाधिकारी के रूप में भी काम किया है। उन्होंने 2012 में पहली बार असफल चुनाव लड़ा, लेकिन 2017 में जीत हासिल की और वर्तमान में शिक्षा मंत्री हैं।

धन सिंह के बाद, एक और प्रमुख नाम अनुभवी सतपाल महाराज का है, जो वर्तमान सरकार में मंत्री भी हैं। एक पूर्व कांग्रेसी और केंद्रीय मंत्री रहे हैं। वह 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे। सतपाल महाराज स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री बनने की अपनी आकांक्षा जताते रहे हैं।

इस पद के लिए एक और नाम चर्चा में है, जो उधम सिंह नगर जिले के खटीमा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक धामी का है।

इस बीच, खंडूरी यमकेश्वर से विधायक और प्रदेश भाजपा महिला विंग की अध्यक्ष हैं।

उत्तराखंड भाजपा के एक अन्य नेता ने कहा, हमारी पार्टी हमेशा सभी को आश्चर्यचकित करती है, जैसा कि उसने मार्च में तीरथ सिंह रावत को नियुक्त करके किया था।

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