उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पर्दा हटने के साथ ही सोमवार को अंतिम और सातवें चरण के मतदान में कुछ ही घंटे बचे हैं, ऐसे में प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए दांव अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। पूर्वांचल की कुल 54 विधानसभा सीटों पर सात मार्च को मतदान होगा जबकि सभी चरणों की मतगणना 10 मार्च को होगी।

 

अंतिम चरण में जिन जिलों में मतदान होना है उनमें आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र हैं।

 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला के अनुसार सातवें चरण में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदान के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

 

इस चरण में 54 सीटों पर कुल 613 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे, जिसमें 11 अनुसूचित जाति के आरक्षित और दो अनुसूचित जनजाति के लिए लगभग 2.06 करोड़ मतदाता शामिल हैं।

 

यह अंतिम दौर भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों के छोटे जाति-आधारित दलों के साथ गठजोड़ की भी परीक्षा होगी।

 

बीजेपी के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल), निषाद पार्टी और अखिलेश यादव के नए दोस्त अपना दल (के), ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) और अन्य अपने समर्थक ताबड़तोड़ रैली करने में लगे हैं।

 

कभी समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में 2017 में बीजेपी ने अपने सहयोगी अपना दल (4) और एसबीएसपी (3) के साथ 29 सीटें जीतकर अपनी पैठ बनाई।

 

बसपा को छह और समाजवादी पार्टी को 11 सीटें मिली थीं।

 

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने जौनपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो मल्हानी सीट से अपने लंबे समय के सहयोगी स्वर्गीय पारसनाथ यादव के बेटे लकी यादव के लिए समर्थन में आया।

 

मुलायम सिंह ने इससे पहले मैनपुरी की करहल सीट पर अपने बेटे और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए प्रचार किया था।

 

इस चरण के प्रमुख प्रतियोगियों में यूपी के मंत्री नीलकंठ तिवारी, अनिल राजभर, रवींद्र जायसवाल, गिरीश यादव और राम शंकर सिंह पटेल शामिल हैं।

 

योगी आदित्यनाथ कैबिनेट से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए दारा सिंह चौहान भी मऊ के घोसी से चुनाव लड़ रहे हैं।

 

एसबीएसपी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (जहूराबाद), धनंजय सिंह (मल्हानी-जौनपुर) जेडी (यू) के उम्मीदवार के बेटे अब्बास अंसारी मऊ सदर सीट से राजनेता बने मुख्तार अंसारी अंतिम चरण में अन्य प्रमुख उम्मीदवार हैं।

 

भाजपा अपने गढ़ को बरकरार रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी 2012 के विधानसभा चुनावों में जीते गए निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है।

 

साथ ही, यूपी विधानसभा चुनाव का सातवां और अंतिम चरण दोनों पक्षों के सहयोगियों के लिए एक परीक्षा होगी। भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में अनुप्रिया पटेल से लेकर सपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में ओम प्रकाश राजभर जैसे नेता शामिल हैं।

 

इस चुनाव में, भाजपा ने पार्टी के चुनाव चिह्न् पर 54 सीटों में से 48 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि उसके सहयोगी अपना दल (एस) और निषाद पार्टी ने 3-3 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।

 

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने अपने चुनाव चिह्न् पर 45 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि उसके सहयोगी एसबीएसपी ने सात उम्मीदवार और अपना दल (के) ने दो उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।

 

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और अमित शाह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2017 की सफलता की कहानी को दोहराने के लिए पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर प्रचार किया है।

 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा वाराणसी के कबीर चौरा मठ में पूर्वांचल के दलित मतदाताओं को जोड़ने के प्रयास में डेरा डाले हुए हैं, जो यहां बड़ी संख्या में हैं।

 

–आईएएनएस

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