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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: ट्रंप पर नहीं कर सकते भरोसा- ओबामा

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फाइल फोटो

अमेरिकी चुनाव 2016 से पहले आखिरी दिन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डेमोक्रैटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के लिए प्रचार किया।

अमेरिकी शहर फिलाडेल्फिया में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने कहा कि आपको किसी के खिलाफ वोट करने की जरूरत नहीं है, आपको एक बहुत ही बेहतरीन प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन के लिए वोट करना है। हिलेरी क्लिंटन अमेरिकी लोगों की तरह मजबूत और सख्त हैं।

ओबामा ने यह भी कहा कि हिलेरी जानती है उनकी सरकारी नौकरी उनके लिए नहीं बल्कि राष्ट्र के लिए है। हम डोनाल्ड ट्रंप पर भरोसा नहीं कर सकते और जब बात हो न्यूक्लियर कोड की तो बिल्कुल नहीं उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी नागरिकों मैं आपसे अपील करना चाहता हूं कि ऐसे शख्स के लिए वोट ना करें जिसकी नजर में संविधान की कोई इज्जत नहीं।

चुनावी सभा में डेमोक्रैटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने भी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन हो रही रैली को संबोधित किया उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में आपको चुनना होगा एकता और विभाजन, ऐसी अर्थव्यवस्था जो सबके लिए हो या ऐसी जो केवल अमीरों के लिए हो।

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बाइडेन की घोषणा : हमारा प्रशासन दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार

बाइडेन ने ट्रंप प्रशासन के फैसले का स्वागत किया, जिससे उनकी ट्रांजिशन टीम को सभी जरूरी सूचनाओं तक पहुंच हासिल हो सकी और अब वे महामारी को नियंत्रित करने, देश को बेहतर बनाने और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर सकेंगे।

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Joe Biden

न्यूयॉर्क, 25 नवंबर । जनवरी में राष्ट्रपति पद संभालने जा रहे जो बाइडेन ने अपनी विश्व नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा टीमों को पेश करते हुए अमेरिकी नेतृत्व के तैयार होने की घोषणा कर दी है।

मंगलवार को विलमिंगटन में अपनी विदेश नीति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारी दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं, वे हमारे विरोधियों से भिड़ने के लिए तैयार हैं, वे हमारे सहयोगियों को अस्वीकार नहीं करेंगे और हमारे मूल्यों के लिए खड़े होंगे।

विश्व नेताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं इस बात से उत्साहित हूं कि वे एक वैश्विक नेता के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए अपनी ऐतिहासिक भूमिका को स्वीकार करने के लिए कितना उत्सुक हैं।

बाइडेन ट्रम्प के अमेरिका फस्र्ट ब्रांड के आलोचक थे। सहयोगी दलों के साथ संबंधों को मजबूत करने और उनके साथ काम करने को लेकर बाइडेन ने कहा कि वह अमेरिका को अनावश्यक सैन्य संघर्षों में उलझाए बिना सुरक्षित रखेंगे।

विदेश नीति को लेकर उन्होंने आगे कहा, चलिए हम अमेरिका और दुनिया को ठीक करने और एकजुट करने के लिए काम शुरू करते हैं।

राज्य के सचिव एंटनी ब्लिंकेन ने विदेश नीति को लेकर अपना ²ष्टिकोण बताते हुए कहा, हमें विनम्रता और आत्मविश्वास के समान उपायों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। विनम्रता इसलिए क्योंकि दुनिया की अधिकांश समस्याएं हमसे जुड़ी नहीं हैं और वे हमें प्रभावित करती हैं। हम एक स्विच दबा कर उन्हें हल नहीं कर सकते। हमें दूसरों के साथ साझेदारी करने की आवश्यकता है। आत्मविश्वास इसलिए, क्योंकि अमेरिका अभी भी चुनौतियों का सामना करने के लिए पृथ्वी पर किसी भी देश की तुलना में अधिक क्षमता रखता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने कहा, हम परमाणु हथियारों से लेकर आतंकवाद तक सभी स्थायी खतरों के प्रति सतर्क रहेंगे।

चीन का नाम लिए बिना बाइडेन ने भविष्य के लिए प्रतिस्पर्धा की बात कही और कहा कि अमेरिका को अपने प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों की गलत व्यापार प्रथाओं का मुकाबला करना होगा। साथ ही उन्होंने मध्यम वर्ग के विकास और असामनता को दूर करने के लिए दुनिया भर के लोकतंत्रों की आर्थिक ताकत को एकजुट करने की जरूरत जताई।

बाइडेन ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को भी उंची प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका के पास पूर्णकालिक जलवायु नेता जॉन केरी होंगे जो मंत्री-स्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। इस मौके पर कैरी ने कहा, कोई भी देश अकेले इस चुनौती को हल नहीं कर सकता है, यहां तक कि संयुक्त राज्य अमेरिका भी। पूरी दुनिया को इस समस्या को हल करने के लिए साथ आना चाहिए।

बाइडेन ने ट्रंप प्रशासन के फैसले का स्वागत किया, जिससे उनकी ट्रांजिशन टीम को सभी जरूरी सूचनाओं तक पहुंच हासिल हो सकी और अब वे महामारी को नियंत्रित करने, देश को बेहतर बनाने और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर सकेंगे।

बता दें कि चुनाव के बाद से ट्रंप सार्वजनिक रूप से दुर्लभ तौर पर ही दिखाई दिए हैं। उन्होंने केवल स्टॉक मार्केट बैरोमीटर का जश्न मनाने के लिए की गई छोटी सी न्यूज कॉन्फ्रेंस की थी। जब डॉउ जोन्स औसत 30,000 के निशान को पार कर गया था, जबकि उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि अगर बाइडेन जीते तो बाजार क्रैश हो जाएगा। उन्होंने केवल 60 सेकंड इस बारे में बात की और सवालों के जबाव दिए बिना चले गए।

बाद में पारंपरिक थैंक्सगिविंग डे भोजन का आयोजन किया, जिसमें टर्की परोसी जाती है।

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वैश्विक स्तर पर कोविड-19 मामले 5.85 करोड़ हुए

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वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 5.85 करोड़ से अधिक हो गई है, जबकि मौतें 13,86,000 से अधिक हो गई हैं। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने सोमवार को दी।

विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने सोमवार को अपने नवीनतम अपडेट में खुलासा किया कि, वैश्विक स्तर पर कुल मामले 5,85,42,174 हो गए हैं और संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या 13,86,454 हो गई है।

सीएसएसई के अनुसार, कोविड-19 से प्रभावित होने वाले देशों में अमेरिका शीर्ष पर है। यहां संक्रमण के 1,22,26,643 मामले और 256,741 मौतें दर्ज की गई हैं।

संक्रमण के मामलों के हिसाब से भारत 9,095,806 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में मरने वालों की संख्या 133,227 है।

वहीं 10 लाख से अधिक मामलों वाले अन्य देशों में ब्राजील (6,071,401), फ्रांस (2,191,180), रूस (2,071,858), स्पेन (1,556,730), ब्रिटेन (1,515,802), अर्जेंटीना (1,370,366), इटली (1,408,868), कोलंबिया (1,248,417) और मेक्सिको (1,025,969) हैं।

कोविड से हुई मौतों के मामले में अमेरिका के बाद ब्राजील है। यहां 169,183 मौते दर्ज की गई हैं।वहीं 20,000 से अधिक मृत्यु दर्ज करने वाले देशों में मेक्सिको (100,823), ब्रिटेन (55,120), इटली (49,823), फ्रांस (48,807), ईरान (44,802), स्पेन (42,619), अर्जेंटीना (37,002), रूस (35,838), पेरू (35,549), कोलंबिया (35,287) और दक्षिण अफ्रीका (20,903) हैं।

आईएएनएस

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वैश्विक स्तर पर कोविड-19 मामले 5.8 करोड़ से अधिक हुए

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प्रतीकात्मक तस्वीर

वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 5.8 करोड़ की संख्या पार कर चुकी है, जबकि इस घातक संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या 1,379,500 से अधिक हो गई है। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने रविवार को दी।

यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने रविवार को अपने नवीनतम अपडेट में, खुलासा किया कि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर संक्रमण के मामलों की संख्या 58,035,296 हो गई है और मृत्यु दर 1,379,508 हो गई है।

सीएसएसई के अनुसार, अमेरिका संक्रमण के 12,079,296 मामलों और उससे हुई 255,804 मौतों के साथ दुनिया का सर्वाधिक कोविड-19 प्रभावित देश है।

वहीं भारत 9,050,597 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 132,726 हो गई है।

सीएसएसई के आंकड़ों के अनुसार, 10 लाख से अधिक मामलों वाले अन्य देश ब्राजील (6,020,164), फ्रांस (2,178,023), रूस (2,047,563), स्पेन (1,556,730), ब्रिटेन (1,497,129), अर्जेंटीना (1,366,182), इटली (1,380,531), कोलंबिया (1,240,531) और मेक्सिको (1,025,969) हैं।

कोविड से हुई मौतों के मामले में अमेरिका के बाद ब्राजील दूसरे स्थान पर है, जहां 168,989 मौतें दर्ज की गई हैं।

वहीं 20,000 से अधिक मौतें दर्ज करने वाले देश मेक्सिको (100,823), ब्रिटेन (54,721), इटली (49,261), फ्रांस (48,593), ईरान (44,327), स्पेन (42,619), अर्जेंटीना (36,902), पेरू (35,484), रूस (35,442), कोलंबिया (35,104) और दक्षिण अफ्रीका (20,845) हैं।

आईएएनएस

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