अमेरिकी चुनाव : डोनाल्ड ट्रंप चुनावी रेस में हिलेरी से आगे | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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अमेरिकी चुनाव : डोनाल्ड ट्रंप चुनावी रेस में हिलेरी से आगे

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फाइल फोटो

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए 8 नवंबर को हुए मतदान के बाद रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप आगे चल रहे हैं।

उन्होंने अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन के मुकाबले बढ़त बना ली है। ट्रंप ने उन कुछ राज्यों में भी हिलेरी के मुकाबले बढ़त बना ली है, जहां पहले डेमोक्रेट उम्मीदवार के जीतने की संभावना जताई जा रही थी।

अब तक ट्रंप को निर्वाचक मंडल के 216 वोट मिले हैं, जबकि हिलेरी के हिस्से 209 वोट आए हैं। व्हाइट हाउस की दौड़ जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचक मंडल के 270 वोटों की जरूरत होगी।

इससे पहले ट्रंप एक हफ्ते पहले तक हारते नजर आ रहे थे, लेकिन अमेरिका के श्वेत लोगों, कामकाजी वर्ग व ग्रामीणों के समर्थन से उन्होंने फ्लोरिडा और महत्वपूर्ण राज्यों में बढ़त बना ली। करीब 22 राज्यों में ट्रंप की जीत की संभावना जताई है, जबकि हिलेरी को 15 राज्यों में बढ़त की बात कही गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप के दोस्त न्यूयॉर्क के मेयर रूडी गिउलियानी ने कहा है कि ट्रंप अपने अपार्टमेंट में बैठे सभी चीजों पर नजर रखे हुए हैं, हालांकि मैं उन्हें ऐसा न करने को कह रहा हूं।

गिउलियानी ने 8 नवंबर शाम को ट्रंप टावर में ट्रंप के साथ एक छोटी सी पार्टी में शरीक होने के बाद एक साक्षात्कार में यह कहा। गिउलियानी ने कहा कि ट्रंप टेलीविजन पर नजर बनाए हुए हैं और डाइट कोक पी रहे हैं। गिउलियानी से ट्रंप के मूड के बारे में पूछने पर कहा, “वह शांत हैं। हम सभी आशावान हैं।

wefornews bureau

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संगठित अपराधों का निशाना बन सकते हैं कोविड-19 के टीके : इंटरपोल का अलर्ट

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Corona Vaccine
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इंटरपोल ने अपने 194 सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वैश्विक अलर्ट जारी किया है कि संगठित अपराध नेटवर्क शारीरिक और ऑनलाइन दोनों ही तरीके से कोविड-19 टीकों को निशाना बना सकते हैं।

बुधवार को इंटरपोल द्वारा जारी किए गए बयान में ऑरेंज नोटिस के साथ कोविड-19 और फ्लू के नकली रूप, उनकी चोरी और अवैध विज्ञापन के संबंध में संभावित आपराधिक गतिविधि की बात कही गई है।

इसमें उन अपराधों के उदाहरण भी शामिल किए गए हैं जहां लोगों ने नकली टीकों का विज्ञापन, बिक्री और अवैध प्रशासकीय काम किए हैं।

उन्होंने कहा, कोविड-19 के कई टीके एप्रूव होने और दुनिया भर में वितरण के करीब हैं। ऐसे में इनकी आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नकली उत्पादों को बेचने वाली अवैध वेबसाइटों की पहचान करना जरूरी होगा।

इंटरपोल ने कहा, कानून प्रवर्तन और स्वास्थ्य नियामक निकायों के बीच समन्वय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समुदायों की भलाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इंटरपोल के महासचिव जर्गेन स्टॉक ने कहा, जैसा कि सरकारें वैक्सीन को लाने और उनके उपयोग की तैयारी कर रही हैं, वहीं आपराधिक संगठन इन वैक्सीन की सप्लाई चेन में घुसपैठ करने की योजना बना रहे हैं। आपराधिक नेटवर्क फर्जी वेबसाइटों के जरिए भी जनता को निशाना बना रहे होंगे। इससे लोगों के स्वास्थ्य और उनके जीवन को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

महासचिव ने आगे कहा, यह जरूरी है कि जितना संभव हो सके कानून प्रवर्तन एजेंसियां तैयार हो जाएं, ताकि कोविड-19 वैक्सीन से जुड़े सभी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। इसीलिए इंटरपोल ने यह वैश्विक चेतावनी जारी की है।

कोविड से संबंधित धोखाधड़ी को बढ़ते देख इंटरपोल ने जनता को सलाह दी है कि वे चिकित्सा उपकरणों या दवाओं की खोज के लिए ऑनलाइन सर्च करते समय विशेष ध्यान रखें।

इंटरपोल की साइबर क्राइम यूनिट द्वारा किए गए एक विश्लेषण से पता चला है कि ऑनलाइन फार्मेसी से जुड़ी 3,000 वेबसाइटों में से 1,700 को साइबर खतरा है।

ऑनलाइन घोटालों से बचने के लिए, सतर्क रहना महत्वपूर्ण। लिहाजा लोग कोविड-19 के संबंध में नई स्वास्थ्य सलाह के लिए हमेशा अपने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों या विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट देखें।

–आईएएनएस

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कोविड के चलते 7.2 करोड़ से ज्यादा बच्चों के गरीब बनने का खतरा : विश्व बैंक

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World Bank

विश्व बैंक ने कहा है कि कोविड-19 के कारण स्कूल बंद रहने से 7.2 करोड़ से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई जिससे उनके गरीब होने का खतरा पैदा हो गया है। इसका मतलब है कि वे 10 साल की उम्र तक साधारण पढ़ने लिखने का काम भी नहीं कर पाएंगे।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व बैंक की 2 नई रिपोटरें में कहा गया है कि महामारी पढ़ने-सीखने को लेकर वैश्विक संकट को बढ़ा रही है। विश्व बैंक ने सीखने, निवेश और नीतियों को लेकर एक नई सोच के साथ रूपरेखा तैयार की है।

महामारी निम्न और मध्यम आय वाले देशों में प्राथमिक स्कूल के बच्चों में सीखने की इस कमी को 53 प्रतिशत से 63 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। इसके साथ ही यह इस पीढ़ी के छात्रों को भविष्य में लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर खोने का खतरा पैदा करता है, जो वे अपने जीवन-काल में कमाते। यह राशि वैश्विक जीडीपी के लगभग 10 प्रतिशत के बराबर है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोविड-19 के चलते स्कूल बंद होने से अप्रैल-2010 में सबसे ज्यादा 1.6 अरब छात्र स्कूल से बाहर रहे और आज भी 70 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर हैं। परिवार की आय में आई अभूतपूर्व वैश्विक आर्थिक कमी के नकारात्मक प्रभाव ने स्कूल छोड़ने वालों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है।

महामारी के चलते बड़े पैमाने पर शिक्षा प्रणालियों को ऑनलाइन जैसे नवाचारों को तेजी से लागू करने के लिए मजबूर किया गया है। लेकिन माता-पिता के सपोर्ट और घर के सीखने के वातावरण की गुणवत्ता में असमानता के कारण सीखने की असमानता भी बढ़ गई है।

बुधवार को रिपोर्ट जारी करते हुए वल्र्ड बैंक के हयूमन डेवलपमेंट की वाइस प्रेसिडेंट ममता मूर्ति ने कहा, जरूरी कार्रवाई किए बिना छात्रों की यह पीढ़ी कभी भी सीखने की अपनी पूर्ण क्षमताओं और आय क्षमता को हासिल नहीं कर सकती है। ऐसे में देश दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए जरूरी आवश्यक मानव पूंजी खो देंगे।

मूर्ति ने आगे कहा, दूरदर्शी और साहसिक कार्रवाई के जरिए ही दुनिया भर के नीति निर्धारक और हितधारक इस संकट को शिक्षा प्रणालियों को बदलने में एक वरदान की तरह इस्तेमाल बदल सकते हैं ताकि सभी बच्चे सही मायने में हर जगह आनंद और उद्देश्य के साथ शिक्षा प्राप्त कर सकें।

–आईएएनएस

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वैश्विक स्तर पर कोविड-19 मामले हुए 6.44 करोड़

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Coronavirus

वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 6.44 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि संक्रमण से हुई मौतें 14.9 लाख से अधिक हो गई हैं। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी ने गुरुवार को दी।

विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने गुरुवार को अपने नवीनतम अपडेट में खुलासा किया कि वर्तमान में वैश्विक मामले 64,447,657 हो गए हैं और मृत्यु संख्या 1,491,559 हो गए हैं।

सीएसएसई के अनुसार, दस लाख से अधिक मामलों वाले अन्य देश ब्राजील (6,436,650), रूस (2,327,105), France (2,275,677), स्पेन (1,665,775), Britain (1,663,467), इटली (1,641,610), अर्जेंटीना (1,440,103), कोलंबिया (1,334,089), मेक्सिको (1,133,613), जर्मनी (1,106,074) और पोलैंड (1,013,747) हैं।

Covid से हुई मौतों के मामलों में America के बाद ब्राजील 174,515 मौतों के साथ दूसरे नंबर पर है।

वहीं 20,000 से अधिक मृत्यु दर्ज करने वाले देश मेक्सिको (107,565), Britain (59,796), इटली (57,045), France (52,822), ईरान (48,990), स्पेन (45,784), रूस (40,630), अर्जेंटीना (39,156), कोलंबिया (37,117), पेरू (35,966) और दक्षिण अफ्रीका (21,709) हैं।

–आईएएनएस

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