ब्रिटेन: जनमत संग्रह से पहले महिला सांसद 'जो कॉक्स' की चाकू मारकर हत्या | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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ब्रिटेन: जनमत संग्रह से पहले महिला सांसद ‘जो कॉक्स’ की चाकू मारकर हत्या

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ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी की 41 वर्षीय महिला सांसद की उनके संसदीय क्षेत्र में गोली और चाकू से हमला करके हत्या कर दी गई।

ये हादसा ब्रिटेन के यूरोपीय संघ सदस्यता पर महत्वपूर्ण जनमत संग्रह से पहले हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सांसद को पहले गोली मारी गई, फिर उन पर चाकू से हमला किया गया।

लेबर पार्टी की सांसद जो कॉक्स अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर रही थीं, जहां एक छोटी सी बहस के बाद कथित रूप से यह हमला हुआ। इस हादसे के बाद सांसद को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी हमले में एक और व्यक्ति घायल हुआ है। उसका भी इलाज किया जा रहा है। वह गंभीर रूप से घायल नहीं है। उसकी उम्र 70-80 साल के बीच है।

वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हमें बताते हुए दुख हो रहा है कि जो कॉक्स ने आज हुए हमले के बाद दम तोड़ दिया।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘हम इलाके में उस दौरान मौजूद रहे प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आने और जांच में हमारी मदद करने की अपील करते हैं।’

पश्चिमी यॉर्कशायर पुलिस ने 52 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। उसके पास से बंदूक समते कई हथियार भी मिले हैं। उन्होंने कहा, ‘हम दुखद घटना के सिलसिले में किसी और की तलाश नहीं कर रहे।’ पुलिस के मुताबिक व्यक्ति को बीरस्टाल की मार्केट स्ट्रीट के पास गिरफ्तार किया गया। सांसद ने कुछ लोगों के साथ साप्ताहिक बैठक की थी। कॉक्स देश में 23 जून को होने वाले जनमत संग्रह से पहले ब्रिटेन के यूरोपीय संघ में बने रहने का समर्थन कर रही थीं।

wefornews bureau 

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वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के मामले 3.38 करोड़ के पार

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वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 3.38 करोड़ के पार हो गई है, जबकि इससे होने वाली मौतों की संख्या लगभग 1,012,900 हो गई है। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने गुरुवार को दी।

विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने अपने नवीनतम अपडेट में खुलासा किया कि गुरुवार की सुबह तक कुल मामलों की संख्या 33,874,283 हो गई और मृत्यु संख्या बढ़कर 1,012,894 हो गई।

सीएसएसई के अनुसार, अमेरिका दुनिया में सबसे अधिक संक्रमण के मामलों 7,229,723 और उससे हुई 206,905 मौतों के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। वहीं भारत 6,225,763 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में मरने वालों की संख्या 97,497 हो गई है।

सीएसएसई के आंकड़ों के अनुसार, मामलों की ²ष्टि से अन्य शीर्ष 15 देशों में ब्राजील (4,810,935), रूस (1,170,799), कोलम्बिया (829,679), पेरू (811,768), स्पेन (769,188), अर्जेंटीना (751,001), मेक्सिको (743,216), दक्षिण अफ्रीका ( 674,339), फ्रांस (604,031), चिली (462,991), ईरान (457,219), ब्रिटेन (455,846), बांग्लादेश (363,479), इराक (362,981) और सऊदी अरब (334,605) हैं।

संक्रमण से हुई मौतों के हिसाब से वर्तमान में ब्राजील 143,952 आंकड़ों के साथ दूसरे स्थान पर है।वहीं 10,000 से अधिक मौत वाले देश मेक्सिको (77,646), ब्रिटेन (42,233), इटली (35,894), पेरू (32,396), फ्रांस (32,396), स्पेन (31,791), ईरान (26,169), कोलंबिया (25,998), रूस (20,630), अर्जेंटीना (16,937), दक्षिण अफ्रीका (16,734), चिली (12,741), इक्वाडोर (11,355), इंडोनेशिया (10,740) और बेल्जियम (10,001) है।

आईएएनएस

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नवाज शरीफ ने गिरफ्तारी वारंट लेने से फिर किया इनकार

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने लंदन में अपने आवास पर गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने के लिए एक बार फिर इनकार कर दिया है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) को बुधवार इसके बारे में सूचित किया गया।

पीएमएल-एन प्रमुख शरीफ को इस महीने की शुरुआत में अपराधी घोषित किया गया है। उन्होंने इससे पहले भी अपने नाम से जारी गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने से इनकार कर दिया था।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, संघीय सरकार ने मंगलवार को ब्रिटेन के अधिकारियों को दोषी पूर्व प्रधानमंत्री के निर्वासन के लिए फिर से पत्र लिखने का फैसला किया है। शरीफ को नवंबर 2019 में चिकित्सा उपचार के लिए लंदन जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में पाकिस्तान में कुछ अदालतों द्वारा उन्हें फरार घोषित कर दिया गया।

आईएचसी की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अल-अजीजिया मामले में अपनी सजा के खिलाफ शरीफ की अपील पर सुनवाई करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन के बारे में पूछा।

इस पर अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल तारिक खोखर ने कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग का एक प्रतिनिधि पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तारी वारंट देने के लिए एवेनफील्ड अपार्टमेंट पहुंचा। उन्होंने बताया कि हालांकि उनके द्वारा गिरफ्तारी वारंट स्वीकार नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी, राव अब्दुल हनन वारंट के साथ एवेनफील्ड अपार्टमेंट पहुंचे। हालांकि, वारंट स्वीकार नहीं हुआ।

खोखर ने कहा, नवाज शरीफ के वारंट को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है।

अदालत ने कहा कि नवाज के वकील ने स्वीकार किया है कि वे पीएमएल-एन सुप्रीमो को जारी गिरफ्तारी वारंट के बारे में जानते हैं। सुनवाई के दौरान, भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के एक अधिकारी ने अदालत से पूर्व प्रधानमंत्री को भगोड़ा घोषित करने की प्रार्थना की।

न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी ने सुझाव दिया कि लंदन में पाकिस्तानी मिशन द्वारा एक बयान दर्ज किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरोपी भविष्य में दावा नहीं कर सकता है कि वह इसके बारे में जागरूक नहीं था।

उन्होंने कहा, आरोपी जानता है कि उसने पूरी व्यवस्था को बिगाड़ दिया है।

न्यायाधीश मोहसिन ने कहा कि पीएमएल-एन सुप्रीमो ने देश छोड़ दिया और सरकार और पाकिस्तान के लोगों को धोखा दिया है। मामले की सुनवाई सात अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को एक संघीय कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री इमरान खान ने संबंधित अधिकारियों को पीएमएल-एन नेता को वापस लाने के लिए सभी उपाय करने को कहा है।

एकेके/एसजीके

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नवाज शरीफ ने गिरफ्तारी वारंट लेने से फिर किया इनकार

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने लंदन में अपने आवास पर गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने के लिए एक बार फिर ‘इनकार’ कर दिया है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) को बुधवार इसके बारे में सूचित किया गया।

पीएमएल-एन प्रमुख शरीफ को इस महीने की शुरुआत में अपराधी घोषित किया गया है। उन्होंने इससे पहले भी अपने नाम से जारी गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने से इनकार कर दिया था।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, संघीय सरकार ने मंगलवार को ब्रिटेन के अधिकारियों को दोषी पूर्व प्रधानमंत्री के निर्वासन के लिए फिर से पत्र लिखने का फैसला किया है। शरीफ को नवंबर 2019 में चिकित्सा उपचार के लिए लंदन जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में पाकिस्तान में कुछ अदालतों द्वारा उन्हें फरार घोषित कर दिया गया।

आईएचसी की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अल-अजीजिया मामले में अपनी सजा के खिलाफ शरीफ की अपील पर सुनवाई करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन के बारे में पूछा।

इस पर अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल तारिक खोखर ने कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग का एक प्रतिनिधि पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तारी वारंट देने के लिए एवेनफील्ड अपार्टमेंट पहुंचा। उन्होंने बताया कि हालांकि उनके द्वारा गिरफ्तारी वारंट स्वीकार नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी, राव अब्दुल हनन वारंट के साथ एवेनफील्ड अपार्टमेंट पहुंचे। हालांकि, वारंट स्वीकार नहीं हुआ।

खोखर ने कहा, नवाज शरीफ के वारंट को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है।अदालत ने कहा कि नवाज के वकील ने स्वीकार किया है कि वे पीएमएल-एन सुप्रीमो को जारी गिरफ्तारी वारंट के बारे में जानते हैं। सुनवाई के दौरान, भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के एक अधिकारी ने अदालत से पूर्व प्रधानमंत्री को भगोड़ा घोषित करने की प्रार्थना की।

न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी ने सुझाव दिया कि लंदन में पाकिस्तानी मिशन द्वारा एक बयान दर्ज किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरोपी भविष्य में दावा नहीं कर सकता है कि वह इसके बारे में जागरूक नहीं था।

उन्होंने कहा, आरोपी जानता है कि उसने पूरी व्यवस्था को बिगाड़ दिया है। न्यायाधीश मोहसिन ने कहा कि पीएमएल-एन सुप्रीमो ने देश छोड़ दिया और सरकार और पाकिस्तान के लोगों को धोखा दिया है। मामले की सुनवाई सात अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को एक संघीय कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री इमरान खान ने संबंधित अधिकारियों को पीएमएल-एन नेता को वापस लाने के लिए सभी उपाय करने को कहा है।

आईएएनएस

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