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‘उड़ता पंजाब’ विवाद: प्रमाणन चाहते हैं, सेंसरशिप नहीं, कुछ बड़े बदलाव होंगे- अरुण जेटली

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अरुण जेटली
उड़ता पंजाब

नई दिल्ली: ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म पर उठे विवाद के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि फिल्म प्रमाणन नियम उदार होंगे तथा अगले कुछ दिनों में ‘कुछ बड़े बदलावों’ की जाएगी।

‘उड़ता पंजाब’ में सेंसर फिल्म प्रमाणन बोर्ड(सीबीएफसी) द्वारा कुछ कांटछांट करने करने पर उठे विवाद पर अपनी पहली टिप्पणी में उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे अति नहीं कहूंगा। वैसे मैं इस मामले को नहीं जानता क्योंकि मैंने संबंधित फिल्म नहीं देखी है।’’ उन्होंने कहा कि वह वर्तमान फिल्म प्रमाणन प्रणाली से संतुष्ट नहीं है, उसमें कुछ बदलाव किये जाने हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘श्याम बेनेगल की अच्छी तरह की दस्तावेजी रिपोर्ट है। उसका पहला हिस्सा, जो मेरे पास आया है, विचाराधीन है। अगले कुछ दिनों में हम उसमें :प्रणाली में कुछ बड़े बदलावों की घोषणा किया जा रहे हैं।’’ अरुण जेटली ने बताया कि समिति ने कुछ बदलाव सुझाए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित ही आपकी एक प्रणाली होगी जिसमें आपको प्रमाणपत्र लेना होगा। सही शब्द प्रमाणन है न कि सेंसरशिप। प्रमाणन नियम उदार होने चाहिये । ’’ सीबीएफसी ने दलील दी है कि मादक पदार्थ पर आधारित क्राइम थ्रिलर उड़ता पंजाब में कई काटछांट की जरूरत है क्योंकि यह राज्य की गलत छवि पेश करती है और यह धारणा पैदा करती है कि राज्य में ज्यादातर लोग नशा करते हैं। इसके बाद फिल्मकार और सेंसर बोर्ड में टकराव पैदा हो गया है।

अरुण जेटली ने कहा, मैं समझता हूं कि हम कुछ ज्यादा कह रहे हैं, क्योंकि आखिरकार आपके पास एक बोर्ड है, जो एक दृष्टिकोण अपनाता है, हो सकता है वह थोड़ा रूढ़िवादी दृष्टिकोण है, लेकिन तब अपील न्यायाधिकरण में अपील कर इससे निबटा जा सकता है। मेरा अनुभव है कि तब सब कुछ साफ हो जाता है।

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आंध्र के सीएम जगन मिले अमित शाह से, कई मुद्दों पर की चर्चा

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Jaganmohan Reddy

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ दूसरी बार बुधवार को मुलाकात की और राज्य के विकास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।

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विपक्षी दलों की सभापति को चिट्ठी, कहा- सांसदों की अनुपस्थिति में श्रम विधेयकों को न करें पारित

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Rajya Sabha

संसद के मानसून सत्र का आज 10वां दिन है। राज्यसभा से निलंबित आठ सांसदों का धरना खत्म हो चुका है।

विपक्षी दलों ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर कहा कि वह विपक्षी पार्टी के सांसदों की अनुपस्थिति में राज्यसभा में तीन श्रम संबंधी विधेयकों को पारित न करें।

राज्यसभा ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, सपा नेता रामगोपाल यादव और कांग्रेस के राज बब्बर सहित अपने 11 सदस्यों की विदाई दी जो इस साल नवंबर में सेवानिवृत्त होंगे। सुबह जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने जिक्र किया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 11 सदस्य नवंबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

इन सदस्यों में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा सदस्य नीरज शेखर और अरुण सिंह, सपा के राम गोपाल यादव, रवि प्रकाश वर्मा, जावेद अली खान और चंद्रपाल सिंह यादव, कांग्रेस के राज बब्बर और पी एल पुनिया तथा बसपा के वीर सिंह और राजा राम शामिल हैं।

राष्ट्रपति हाउस ने विपक्षी दलों को कृषि विधेयकों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने के लिए शाम 5 बजे का समय दिया। कोविड-19 प्रोटोकॉल के कारण केवल पांच विपक्षी नेताओं की ही मिलने की अनुमति दी गई है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मुलाका करने की मांग की थी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘बाइलेट्रल नेटिंग ऑफ क्वालिफाइड फाइनेंशियल कॉन्ट्रैक्ट्स बिल’ समाशोधन प्रणाली के बाहर द्विपक्षीय आधार पर दर्ज किए गए वित्तीय अनुबंधों को शामिल करता है। यह वित्तीय नियामकों आरबीआई, सेबी, आईआरडीएआई आदि को सशक्त करेगा। वे योग्य वित्तीय ठेकेदार के रूप में इसके दायरे में अनुबंध को अधिसूचित करेंगे। 

विपक्ष ने सांसदों के निलंबन वापस नहीं लिए जाने तक पूरे सत्र का बहिष्कार करने का फैसला किया है। विपक्ष के सांसदों के द्वारा किए गए दुर्व्यवहार को लेकर उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने उपवास रखा, जिसे उन्होंने आज तोड़ा है। 

विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने सदन को बताया है कि मुझे सदस्यों को सूचित करना है कि सरकार ने आज सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है। लेकिन लोकसभा द्वारा पारित किए गए कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य का सदन के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने से पहले तक निपटान होगा। 

शिवसेना सांसद अनिल देसाई ने ‘भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के विनिवेश पर पुनर्विचार करने की मांग’ को लेकर राज्यसभा में शून्यकाल नोटिस दिया है।

राजद सांसद मनोज कुमार झा ने राज्यसभा में ‘राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को स्वास्थ्य बीमा कवर की मांग’ को लेकर शून्यकाल नोटिस दिया है।

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बेंगलुरु हिंसा : एसडीपीआई पदाधिकारियों से पूछताछ करेगी एनआईए

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बेंगलुरु, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। बेंगलुरु हिंसा मामले में जांच को गंभीरता से लेते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के नेता मुजम्मिल पाशा और उनके निकट सहयोगियों से पूछताछ करने के लिए तैयार है, इन पर कथित रूप से भीड़ को उकसाने का आरोप है, जिसके बाद हिंसा भड़की थी।

एनआईए के एक बयान के अनुसार, पाशा ने कथित तौर पर एक बैठक बुलाई थी और कथित रूप से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और एसडीपीआई के सदस्यों को भीड़ को भड़काने और हिंसा के लिए उकसाने का निर्देश दिया था।

बयान में कहा गया, भीड़ ने बेंगलुरु में डीजे हल्ली, केजी हल्ली और पुलकेशी नगर इलाके में तोड़फोड़ की थी। भीड़ ने दो पुलिस स्टेशनों जैसे डीजे हल्ली और केजी हल्ली पर हमला किया और सरकारी और निजी वाहनों सहित पुलिस थानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

एक अधिकारी ने आगे कहा कि भीड़ ने पुलिस थानों पर हमला करने से पहले पुलकेशी नगर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर भी हमला किया, इसलिए पाशा से पूछताछ होगी।

गौरतलब है कि कवलब्य्रासंद्र में कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति (पुलकेशी नगर निर्वाचन क्षेत्र) के घर के सामने 1,000 से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी।

बयान में कहा गया कि भीड़ विधायक के भतीजे नवीन द्वारा 11 अगस्त को शाम 4 बजे के करीब सोशल मीडिया (फेसबुक) पर अपमानजनक पोस्ट करने का विरोध कर रही थी, जिसमें कथित तौर पर मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई गई थी।

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