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पुडुचेरी के दो कैबिनेट मंत्री कोरोना पॉजिटिव

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Coronavirus

नई दिल्ली, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी.नारायणसामी ने ट्वीट करके बताया कि उनके दो कैबिनेट मंत्री कंडासामी और कमलाकनन कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। साथ ही मैं लोगों से अपनी जांच करवाने की अपील करता हूं।”

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नए कृषि कानून किसानों के दिल में छुरा मारने जैसा : राहुल गांधी

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Rahul Gandhi

नई दिल्ली, केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को दावा किया कि ये कानून किसानों के दिलों में छुरा मारने और उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ने के लिए लाए गए हैं।

उन्होंने लगभग 10 मिनट तक वर्चुअल रूप से किसानों के साथ बातचीत भी की। कांग्रेस नेता ने कहा, हमें बताया गया था कि 2016 में नोटबंदी का उद्देश्य काले धन से लड़ना था, लेकिन यह झूठ था। मुख्य उद्देश्य किसानों और श्रमिकों को आर्थिक चोट पहुंचाना था।

उन्होंने कहा, इसी तरह, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रोलआउट का उद्देश्य समान था। कोरोनोवायरस महामारी के दौरान भी गरीबों को पैसे दिए जाने की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने कुछ भी नहीं दिया।

राहुल ने कहा, एनडीए सरकार का उद्देश्य किसानों और श्रमिकों की रीढ़ की हड्डी तोड़ना है। नोटबंदी और कृषि कानूनों के बीच या जीएसटी रोलआउट और कृषि कानूनों के बीच कोई अंतर नहीं है। अंतर केवल यह है कि तीनों कृषि कानून आपके दिल में छुरा मारने के समान है। मैं बहुत स्पष्ट हूं कि हमें केवल किसानों के लिए नहीं बल्कि देश के लिए इसका विरोध करने की जरूरत है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि वे (भाजपा) कभी भी भारत की आजादी के लिए नहीं लड़े क्योंकि उन्होंने ब्रिटिश शासकों का साथ दिया और किसानों के मुद्दों की उन्हें समझ नहीं है।

बातचीत के दौरान, पंजाब, बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के किसानों ने किसान कानूनों और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चिंताओं, कृषि उपज और अन्य जरिए से कमाई पर अपने विचारों को रखा।

राहुल गांधी ने 2011-12 के दौरान उत्तर प्रदेश के भट्टा पारसौल में भूमि अधिग्रहण कानून के विरोध में अपनी भागीदारी को याद किया। उन्होंने कहा, भट्टा परसौल में, किसानों के विरोध के दौरान, मैंने देखा कि उद्योगपति न केवल जमीन चाहते थे, बल्कि फसल उत्पादन भी चाहते थे। उस समय, मीडिया ने मुझे निशाना बनाया था।

–आईएएनएस

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हाथरस गैंगरेप की घटना के खिलाफ महिला कांग्रेस का विजय चौक पर प्रदर्शन

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फोटो- सोशल मीडिया

उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप की शिकार पीड़ित युवती की जान चली गई है। इस घटना को लेकर देशभर में आक्रोश है। घटना के विरोध में और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से मंगलवार को प्रदर्शन किया गया।

दिल्ली महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विजय चौक के पास प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कई महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, साथ ही दिल्ली महिला प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्ष अमृता धवन को भी गाड़ी में बैठाकर ले गए।

बता दें कि सुबह ही हाथरस घटना की पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. जिसके बाद से ही इस घटना पर राजनीतिक बवाल हो गया है।

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अकाली दल ने दिल्ली की निकाय संस्थाओं में अपने नेताओं से पदों से इस्तीफा देने को कहा

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AKALI DAL

कृषि कानूनों के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने अपने सदस्यों से कहा है कि वे दिल्ली के तीनों नगर निगम में अपने पदों से इस्तीफा दें। दिल्ली के नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा है।

शिअद की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि पार्टी ने निकाय समेत किसी भी संगठन में भाजपा के साथ नाता नहीं रखने का निर्णय लिया है। 

सोमवार को हुई पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में भविष्य की कार्ययोजना पर निर्णय लिया गया। कालका ने कहा कि शिअद पार्षद मनप्रीत कौर ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की लाइसेंसिंग और तहबाजारी समिति के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। 

शिरोमणि अकाली दल और भाजपा मिलकर दिल्ली के निकाय और विधानसभा चुनाव लड़ते रहे हैं। कालका ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन में शिअद के नेता जिन पदों पर हैं उन्हें उससे इस्तीफा देना होगा। पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर राजनीतिक सफर में अकेले चलने का निर्णय किया है। 

बता दें की किसान बिल को लेकर नाराज चल रही शिरोमणि अकाली दल ने NDA के साथ अपना नाता तोड़ लिया है। शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के बीच उस समय नाराजगी खुलकर सामने आ गई थी जब किसान बिल के विरोध में अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

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