राजनीतियूपी विधानसभा चुनाव में BSP को उल्टा पड़ सकता है ये दाव

Anil ShrivastavJuly 25, 20212881 min

बहुजन समाज पार्टी की ब्राह्मणों को खुश करने की नीति और अयोध्या और राम मंदिर दौरा उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में वापसी की रणनीति पर पानी फेर सकता है। सप्ताहांत में अयोध्या से ब्राह्मण सम्मेलन की शुरूआत करने वाले बीएसपी सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने स्पष्ट रूप से अल्पसंख्यक समुदाय में मतभेद पैदा कर दिया है।

अयोध्या में जब मिश्रा मंच पर आए तो ‘जय श्री राम’ के जयकारे गूंज उठे। बीएसपी ने राम जन्मभूमि और हनुमान गढ़ी मंदिरों के दौरे के साथ अपने अभियान की शुरूआत की और कहा कि बीएसपी के सत्ता में आने पर मंदिर का निर्माण किया जाएगा। यह पहली बार है जब बीएसपी के किसी नेता ने पार्टी के मंच पर अपने हिंदू झुकाव को दिखाया था।

अंबेडकर नगर से बीएसपी नेता मोहम्मद क्वैस ने पूछा, “बीएसपी ने हमें दिखाया है कि यह बीजेपी से अलग नहीं है। अयोध्या में पार्टी का एजेंडा स्पष्ट था जब मंच से ‘जय श्री राम’ के नारे लगे और सतीश चंद्र मिश्रा ने उन्हें नहीं रोका। इसके अलावा, उन्होंने राम मंदिर को गति देने का वादा किया। क्या यह बीएसपी का 2022 का एजेंडा है?”

 

 

उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता कि बहनजी (मायावती) को इस तरह हिंदू कार्ड खेलने के लिए किसने राजी किया है, लेकिन चुनाव में हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हमारे कार्यकर्ता अभी भी ‘मिले मुलायम-कांशी राम, हवा में उड़ गए जय श्री राम’ के नारे को याद करते हैं और अब राम के लिए यह अचानक आत्मीयता?”

Related Posts