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उत्तर प्रदेश – बीमार तो पूरा देश बीमार हो जाएगा : अखिलेश

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार को यूपी की सेहत की फिक्र करने की जरूरत है। अगर यूपी बीमार हो गया तो समझ लीजिए पूरा देश बीमार हो गया। यूपी से ही देश का बहुत कुछ तय होता है। यूपी के शाहजहांपुर के अजीजपुर जिगनेरा गांव में राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज का सीएम अखिलेश यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने संयुक्त रूप से शिलान्यास किया।

उन्होंने कहा कि विकास के मुद्दे पर केंद्र और प्रदेश सरकार के दिले मिले रहने चाहिए। केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को पूरा कराने में प्रदेश सरकार कतई पीछे नहीं रहेगी।

इस दौरान उन्होंने शाहजहांपुर के मेडिकल कालेज के लिए और जमीन अधिग्रहित किए जाने की बात कही, ताकि भविष्य में मेडिकल कालेज के विस्तारीकरण में दिक्कत न हो। स्वास्थ्य को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी भी अखिलेश यादव ने दी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत ही शाहजहांपुर में मेडिकल कालेज स्वीकृत किया गया है, उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर में बनने वाला 14वां मेडिकल कालेज है।

उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर में ही बंथरा में बने रूहेलखंड अस्पताल और वरुण अर्जुन मेडिकल कालेज का भी उद्घाटन किया। उन्होंने बिजली उपकेंद्र और पुलिस चौकी स्थापित किए जाने की घोषणा भी की।

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मानसून सत्र : राज्यसभा की कार्यवाही जारी, सीतारमण ने पेश किया संशोधन विधेयक

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संसद सत्र का आज छठा दिन है। सुबह नौ बजे से राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार प्रमुख सुधार विधेयकों को पेश कर सकती है।

वहीं केंद्रीय श्रम मंत्रालय द ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, 2020 पेश करेगा। इस विधेयक का उद्देश्य कारखानों और अन्य कार्यस्थलों में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति को विनियमित करने वाले कानूनों को समेकित और संशोधित करना है।

इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऊपरी सदन में दिवाला और दिवालियापन कोड, 2016 में संशोधन के लिए विधेयक पेश किया है।

संसद के मानसून सत्र का आज पांचवा दिन है। मोदी सरकार गुरुवार को लोकसभा से कृषि विधेयक पास कराने में बेशक सफल रही लेकिन उसकी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने इसका विरोध किया है।

विरोध जताते हुए पार्टी सांसद हरसिमरत कौर ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। वहीं कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने सरकार को किसान विरोधी बताया है। ऊपरी सदन ने आज होम्योपैथी संशोधन विधेयक पारित किया। 

अब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद सदन में पीएम केयर्स फंड को लेकर हंगामा हो गया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही को तीन बार स्थगित करनी पड़ी।इसके बाद एक बार फिर सदन का कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है। 

इससे पहले विरोध जताते हुए पार्टी सांसद हरसिमरत कौर ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। वहीं कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने सरकार को किसान विरोधी बताया है।

इसी बीच राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सदस्य अशोक गस्ती को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।

चौथे दिन राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश की है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन पर भारत बड़ा और कड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “सदन इस बात से अवगत है कि भारत और चीन सीमा का प्रश्न अभी तक अनसुलझा है।

भारत और चीन की बाउंड्री का कस्टमरी और ट्रेडिशनल अलाइनमेंट चीन नहीं मानता है। यह सीमा रेखा अच्छे से स्थापित भौगोलिक सिद्धांतों पर आधारित है।”

रक्षा मंत्री ने कहा, “चीन मानता है कि बाउंड्री अभी भी औपचारिक तरीके से निर्धारित नहीं है। उसका मानना है कि हिस्टोरिक्ल जुरिस्डिक्शन के आधार पर जो ट्रेडिश्नल कस्टमरी लाइन है उसके बारे में दोनों देशों की अलग व्याख्या है। 1950-60 के दशक में इस पर बातचीत हो रही थी पर कोई समाधान नहीं निकला।”

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “सदन को जानकारी है कि पिछले कई दशकों में चीन ने बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी शुरू की है, जिससे बॉर्डर एरिया में उनकी तैनाती की क्षमता बढ़ी है।

इसके जबाव में हमारी सरकार ने भी बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का बजट बढ़ाया है, जो पहले से लगभग दोगुना हुआ है।”

राजनाथ सिंह ने कहा, “यह सच है कि हम लद्दाख में एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं लेकिन साथ ही मुझे भरोसा है कि हमारा देश और हमारे वीर जवान इस चुनौती पर खरे उतरेंगे। मैं इस सदन से अनुरोध करता हूं कि हम एक ध्वनि से अपनी सेनाओं की बहादुरी और उनके अदम्य साहस के प्रति सम्मान प्रदर्शित करें।

इस सदन से दिया गया, एकता और पूर्ण विश्वास का संदेश, पूरे देश और पूरे विश्व में गूंजेगा, और हमारे जवान, जो कि चीनी सेनाओं से आंख से आंख मिलाकर अडिग खड़े हैं, उनमें एक नए मनोबल, ऊर्जा व उत्साह का संचार होगा।”

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कृषि विधेयक कॉर्पोरेट संस्कृति को बढ़ावा देगा: कांग्रेस नेता

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जयपुर, 19 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने लोकसभा में कृषि विधेयकों को पारित करने को लेकर केन्द्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार पर कॉर्पोरेट संस्कृति को बढ़ावा देने और खेती में किसान की भूमिका को सीमित करने का आरोप लगाया।

डोटासरा ने मीडिया से कहा, कृषि के सभी तीन अध्यादेश बिचौलियों को प्रोत्साहित करेंगे और बड़े उद्योगपतियों को बढ़ावा देंगे। इससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा और किसान की छवि मजदूर जैसी हो जाएगी। मंडी प्रणाली भी खत्म हो जाएगी। हालांकि बड़े व्यापारियों को इस प्रणाली से लाभ होगा।

उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और वह किसान विरोधी बिलों का विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) ऑर्डिनेंस में एक राष्ट्र, एक बाजार की बात कर रही है। लेकिन यह प्रणाली मंडी प्रणाली को खत्म कर देगी और यह कॉपोर्रेट्स और बड़े व्यापारियों को अपने मूल्यों पर फसल खरीदने में सक्षम बनाएगी।

इसी तरह फार्मस (एम्पॉवरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस अश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस ऑर्डिनेंस, 2020 के तहत अनुबंध के आधार पर खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसान जमीनों पर मजदूर के रूप में काम करेंगे और उनके भविष्य के लिए कोई सुरक्षा भी नहीं मिलेगी।

इसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 में संशोधन कालाबाजारी और जमाखोरी को बढ़ाने वाला है।

डोटासरा ने तीनों विधेयकों को किसान विरोधी करार दिया और कहा कि केंद्र ने अपने सहयोगियों से राय नहीं ली।

इस पर भाजपा के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा, बेहतर होता कि गुरुवार को लोकसभा में पारित हुए तीन विधेयकों को डोटासरा अच्छी तरह पढ़ते। तब वे किसानों को गुमराह करने की ऐसी कोशिश नहीं करते।

राठौड़ ने कहा कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कृषि उत्पाद बाजार अधिनियम में संशोधन करने और देश के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक साझा बाजार उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।

उन्होंने आगे कहा, उसके मुताबिक तो केंद्र सरकार ने किसानों को किसी भी स्थान पर किसी भी व्यक्ति और किसी भी व्यापारी को अपनी उपज बेचने की अनुमति देकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

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कृषि बिल के जरिए मोदी सरकार बढ़ाएगी अपने ‘मित्रों’ का व्यापार : राहुल गांधी

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कृषि बिल को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने कहा कि देश का किसान जानता है कि इस बिल के जरिए मोदी सरकार अपने ‘मित्रों’ का व्यापार बढ़ाएगी।

राहुल ने ट्वीट किया, “किसान का मोदी सरकार से विश्वास उठ चुका है क्यूंकि शुरू से मोदी जी की कथनी और करनी में फ़र्क़ रहा है- नोटबंदी, ग़लत GST और डीज़ल पर भारी टैक्स। जागृत किसान जानता है- कृषि विधेयक से मोदी सरकार बढ़ाएगी अपने ‘मित्रों’ का व्यापार और करेगी किसान की रोज़ी-रोटी पर वार।

बता दें कृषि बिल पर मोदी सरकार का भारी विरोध झेलना पड़ रहा है। सिर्फ विपक्षी दल ही नहीं बल्कि एनडीए में भी इस बिल की वजह से फूट पड़ गई है। इस मुद्दे पर गुरुवार को केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया है। 

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