राष्ट्रीयकरोड़ों रुपये जमा कराने वालो को धड़-दबोचेगा “राजस्व विभाग”: सोर्स

Priyanka SharmaNovember 9, 2016121 min

नई दिल्लीः मोदी ने जब से 500 और 1000 के नोट बैन करने की खबर को कहा है ,तब से लोगो के बीच घबराहट बनी हुई है कि उनके पास रखे 500 और 1000 के नोटों का क्या होगा?

वहीं लोगो इस बात का भी डर है कि अगर बैंक में नोट बदलने जाएंगे तो उनसे बेवजह पूछताछ तो नही होगी।  वहीं फाइनेंस मिनिस्टर अरूण जेटली ने कहा कि जिनके पास साफ-सुथरा धन है , उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लेकिन जिनके पास ब्लैक मनी है, इस खबर के बाद उनके तोतें उड़ना लाजिमी है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ कर दिया है कि सिर्फ उन्हीं लोगों को रेवेन्यू डिपार्टमेंट दबोचेगा जिनके डिपॉजिट करोड़ों में होंगे।
जिन लोगों ने करोड़ो रुपये छुपाकर अपने घरों मे दबा रखें है , और इन पैसो के ऊपर टैक्स नहीं दे रहे है।  इसलिए ये फैसला ले लिया गया था जब रघुराम राजन आरबीआई के गवर्नर थे यानी इस फैसले की उन्हें पूरी जानकारी थी।
अरुण जेटली का कहना है कि 500 और 1000 के जाली नोटो की संख्या अंधा-धुंद रूप से छप रहे है। जिस वजह से इकोनॉमी में काफी उतार-चढ़ाव आ रहा है।

देश की इकोनॉमी की 80 फीसदी करेंसी 500 और 1000 रुपये के नोटों में थी जिन्हें बंद करने के बाद 2 दिन तक थोड़ी दिक्कत हो सकती है।
हालांकि नए नोट आते ही ये परेशानी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।

बतादें कि इस फैसले के बाद से बैंकों के पास मौजूदा कैश बढ़ जाएगा और बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी की दिक्कत नहीं आएगी।
इसके बाद अर्थव्यवस्था के आधिकारिक साइज में इजाफा होगा और इसके साथ ही जीडीपी में भी इजाफा होगा।

अरुण जेटली ने साफ कर दिया है कि ये स्कीम किसी भी तरह से ब्लैकमनी वालों के लिए इम्यूनिटी स्कीम के तौर पर काम नहीं करेगी। यानी आपके पैसे पर किसी तरह की टैक्स की रियायत नहीं मिलेगी। ब्लैकमनी रखने वालों ने अपने धन को बचाने का आखिरी मौका 30 सितंबर 2016 को खो दिया है।
एफएम ने साफ कर दिया है कि डिमॉनिटाइजेशन स्कीम के बाद जो भी टैक्स नियमों का उल्लंघन करता पाया जाएगा उसपर मौजूदा टैक्स नियमों के मुताबिक टैक्स लगाया जाएगा।

wefornews bureau 

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