PAK गोलाबारी में शहीद हुए राजेंद्र का शव आज पहुंचेगा घर | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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PAK गोलाबारी में शहीद हुए राजेंद्र का शव आज पहुंचेगा घर

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कोल्हापुर: महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले राजेंद्र तुपारे पुंछ में पाकिस्तान की फायरिंग में शहीद हो गए। राजेंद्र का भरा पूरा परिवार था। राजेंद्र के दो बच्चों की परवरिश अब सबसे बड़ा सवाल है। राजेंद्र का पार्थिव शरीर आज शाम तक उनके गांव पहुंचेगा और कल उनका अंतिम संस्कार होगा।

कोल्हापुर का कार्वे गांव सदमे में है। गांव के हर लोगों के चेहरा गम में डूबा हुआ है। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि फौजी राजेंद्र तुपारे अब नहीं रहे। राजेंद्र देश के लिए लड़ते लड़ते शहीद हो गए। जम्मू कश्मीर के पुंछ में LOC पर तैनात राजेंद्र तुपारे पाक की तरफ से हुई फायरिंग में अपनी जान कुर्बान कर गए।

राजेंद्र साल 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। वह मराठा लाइट इनफेंट्री के बहादुर जवान थे। रविवार सुबह पुंछ सेक्टर में वो LOC के पास ही थे जब पाक से आया एक गोला उनके पास फटा और वो देश के लिए शहीद हो गए। राजेंद्र अपने पीछे परिवार में माता पिता, पत्नी दो बच्चे और दो भाइयों को छोड़ गए हैं।

Wefornews bureau

keywords:Pakistan, Rajendra, Kolhapur, LOC

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मालेगांव ब्लास्ट केस : साध्वी प्रज्ञा समेत चार आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए

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महाराष्ट्र के शहर मालेगांव में वर्ष 2008 में हुए ब्लास्ट मामले में मुंबई की विशेष एनआईए अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान, अदालत के आदेश के बावजूद आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत चार आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए। हालांकि, मालेगांव ब्लास्ट केस में अन्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, समीर कुलकर्णी और अजय रहीरकर अदालत में पेश हुए।

मालेगांव विस्फोट मामले में मुंबई की विशेष एनआइए अदालत ने गुरुवार को सभी आरोपियों को अगली तारीख 19 दिसंबर को पेश होने के निर्देश दिए।

दरअसल, विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश पीआर सितरे ने भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर  और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन भोपाल की सांसद और मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, सुधाकर दिवेदी और सुधाकर चतुर्वेदी अदालत में नहीं पहुंचे।

प्रज्ञा की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत मग्गू ने कहा, “हमने अदालत को बताया कि आज के हालात में यात्रा और परिवहन बड़ा मसला है और सभी आरोपी आना चाहते थे, लेकिन इतने कम समय में वे नहीं आ सके। ”

बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत को बताया कि इस मामले के कुछ आरोपी उत्तर भारत में रहते हैं और तमाम प्रतिबंधों के कारण वहां से यात्रा करके आने में कम से कम 8 दिन लगेंगे।

अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब सभी आरोपियों को 19 दिसंबर को पेश होने का आदेश दिया है। इसी बीच एक गवाह को अदालत में लाया गया। गवाह संख्या 124 के तहत ये वह व्यक्ति है, जिसने 2008 में विस्फोट के बाद वहां मौजूद था। इस गवाह से सवाल-जवाब किए गए। हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने उससे कोई सवाल नहीं पूछा।

गवाह ने कहा कि यदि उसे क्रॉस एक्जामिनेशन के लिए वापस अदालत आना है, तो उसके लिए एक आवास की व्यवस्था करने की जरूरत होगी। दो आरोपियों को छोड़कर, साध्वी प्रज्ञा सहित अन्य आरोपियों के वकीलों ने 2000 रुपये नकद जमा किए और इसे गवाह को देने के लिए अदालत को सौंप दिया। 4 दिसंबर को गवाह का क्रॉस एक्जामिनेशन होगा।

बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर पिछले साल जून में अदालत में पेश हुई थीं। 

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कृषि कानूनों के खिलाफ पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने लौटाया पद्मभूषण

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कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब से अवार्ड वापसी का दौर शुरू किया है। शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बाद शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के प्रधान और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी अपना पद्म अवार्ड वापस कर दिया है। 

इससे पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भारत सरकार से मिले पद्म विभूषण सम्मान को वापस कर दिया है। बादल का कहना है कि वे किसानों के साथ किए जा रहे केंद्र सरकार के व्यवहार से आहत हैं।

जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 2 दिसंबर को मुक्तसर के अपने गांव बादल से राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने किसानों के प्रति केंद्र के रुख से नाराज होकर पद्म विभूषण पुरस्कार वापस करने की इच्छा जताई थी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को लिखी तीन पन्ने की चिट्ठी में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि मैं इतना गरीब हूं कि किसानों के लिए कुर्बान करने के लिए मेरे पास कुछ और नहीं है, मैं जो भी हूं किसानों की वजह से हूं। ऐसे में अगर किसानों को अपमान हो रहा है, तो किसी तरह का सम्मान रखने का कोई फायदा नहीं है।

बादल ने लिखा है कि किसानों के साथ जिस तरह का धोखा किया गया है, उससे उन्हें काफी दुख पहुंचा है। किसानों के आंदोलन को जिस तरह से गलत नजरिए से पेश किया जा रहा है, वो दर्दनाक है।

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कैप्टन अमरिंदर सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के बीच बैठक शुरू

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दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निवास पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पहुंच चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच किसान आंदोलन को लेकर अहम बैठक शुरू हो चुकी है।

इससे पहले अमित शाह के घर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की बैठक हुई। जिसमें किसानों की मांगों पर विचार विमर्श हुआ। अब दोनों मंत्री विज्ञान भवन आकर किसानों के साथ बैठक करेंगे। गुरुवार की बैठक बेहद अहम है। क्योंकि पिछले मंगलवार को ही बैठक बेनतीजा रही थी।

राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर 8 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्रीय नेतृत्व से संबंधित किसान नेताओं के बीच बैठक से ठीक पहले अमरिंदर सिंह और अमित शाह के बीच मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है।

आईएएनएस

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