कांग्रेस सोनिया गांधी की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रशांत किशोर को लेकर पांचवे दौर की बैठक हुई। हालांकि कांग्रेस में शामिल होने को लेकर पीके शीर्ष नेतृत्व से शुक्रवार को बातचीत करेंगे।

वहीं अब तक पांच दौर की बातचीत में प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के लिए 600 स्लाइड्स का प्रेजेंटेशन में से अबतक केवल 52 पेज का प्रेजेंटेशन पार्टी नेताओं को दिया है।

इसके साथ ही कांग्रेस को मजबूत करने के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पार्टी को जो टिप्स दिए हैं। उनमें पार्टी को पुराने सिद्धांतों पर लौटने, जमीनी कार्यकर्ताओं को मजबूत करने, गठबंधन से जुड़े मुद्दे को सुलझाने, पार्टी के कम्युनिकेशन सिस्टम में बदलाव करने और स्थायी पार्टी अध्यक्ष नियुक्त करने को कहा है।

सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पार्टी को दिए अपने प्रेजेंटेशन की शुरूआत महात्मा गांधी के कोट से की।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को कभी मरने नहीं दिया जा सकता, यह सिर्फ राष्ट्र के साथ मर सकती है।फिलहाल अगले 24 घण्टों में ये तय हो जाएगा कि पीके की कांग्रेस पार्टी में क्या भूमिका रहेगी।

सूत्रों के अनुसार पीके ने अपने प्रेजेंटेशन में 4 एम एम पर जोर दिया है। ये एम हैं, मैसेज, मैसेंजर, मिसनरी और मैकेनिक्स।

यानी लोगों तक कांग्रेस पार्टी के नेताओं को क्या मैसेज या संदेश पहुंचाना है। कौन उसे जनता तक ले कर जाएगा, क्या तरीका होगा जिससे लोगों तक पहुंचा जाए और किस तरह से इन सबसे मिलने वाले अनुभव और आंकड़ों से लाभ उठाया जाए।

वहीं प्रशांत किशोर का यह भी मानना है कि कांग्रेस जैसा दल जिसने आजादी की लड़ाई लड़ी धीरे-धीरे अपने आदर्शो को भूलती गई। सरदार पटेल को बीजेपी ले गई और बाकियों को बाकी पार्टी।

हालात ऐसे हैं कि कांग्रेस जवाहर लाल नेहरू के पक्ष में उतना नहीं बोलती जितना उन्हें बोलना चाहिए। यानी पीके के प्लान में उग्र राष्ट्रवाद पर बीजेपी की काट के लिए तर्क हैं।

माना जा रहा है कि गांधी परिवार ने पीके के कांग्रेस में आने का रास्ता साफ कर दिया है। मगर उस पर एक आम राय बनाने के लिए वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया है।

इसी सिलसिले में बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने पीके को लेकर जो बैठक बुलाई थी, उसमें कांग्रेस शासित दो राज्यों, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के सीएम को भी शामिल कर उनसे राय ली गई थी।

उम्मीद लगाई जा रही है कि प्रशांत किशोर को लेकर कांग्रेस की ओर से बनाई गई कमेटी शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट भी सौंप देगी, जिसके कुछ दिनों बाद कांग्रेस पीके को लेकर अपना आधिकारिक ऐलान कर देगी।

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