न्यायपालिका की समस्याओं पर ध्यान दे सरकार : टी. एस. ठाकुर

देश में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी के खिलाफ न्यायपालिका के कड़े रुख के बीच प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर ने सोमवार को सरकार से आग्रह किया कि वह न्यायपालिका पर भी ध्यान दे और इसकी समस्याओं को हल करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लालकिले की प्राचीर से दिए गए स्वतंत्रता दिवस भाषण में देश की न्यायिक व्यवस्था के बारे में कोई जिक्र नहीं होने पर प्रधान न्यायाधीश ने सवाल उठाया। सुप्रीम कोर्ट बार...

दिल्ली : कठपुतली कॉलोनी में लोग आज भी गरीबी और गंदगी से मजबूर है

नई दिल्ली: भारत की संसद भवन से महज छह किमी दूर देश के हजारों नागरिक गंदगी, कूड़ा खुले शौच, रहने की बहुत ही कम जगह जैसे बदतर हालातों में जीने को मजबूर हैं। ये कोई आम झुग्गी बस्ती नहीं है। ये संसार की एकमात्र सबसे बड़ा परंपरागत कलाकारों की बस्ती है। यहां राजस्थान के सबसे पुरानी कठपुतली परंपरा के कलाकार रहते हैं। सड़क के दोनों ओर कचरा, खुली नालियां, लगातार आती बदबू के बीच करीब...

गरीबी हटाने के लिए विकास पथ पर चलता रहेगा भारत : जेटली

ऑस्टेलिया के पेंशन फंड से भारत में निवेश का आह्वान करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत गरीबी हटाने के लिए विकास के रास्ते पर चलता रहेगा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड के प्रमुखों के साथ एक बैठक में कहा, “हमें भरोसा है कि विकास दर 7.5 फीसदी से अधिक होगी। सरकार कई क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों पर। केवल इसी तरीके से भारत गरीबी के अभिशाप...

गरीबी से देश को आजादी दिलाना चाहता हूं: कन्हैया कुमार

जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि अफजल गुरू नहीं मेरा आदर्श रोहित वेमुला है। रोहित वेमुला की शहादत बेकार नहीं जाएगी। इसके साथ ही कन्हैया ने अपना साथ देने वालों को धन्यवाद भी दिया। जेल से रिहा होने के बाद पहली बार कन्हैया कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में अपनी बातें सामने रखीं।उन्होंने कहा कि संविधान से खिलवाड़ करने वालों की साजिश नाकाम हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि देशद्रोह और राजद्रोह...

BLOG: राजधर्म से क्यों इतनी दूर जा निकले मोदी, राजनाथ, वेंकैया और सुमित्रा?

Blog: Mukesh Kumar Singh बेशक, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कभी नहीं कहा कि ‘मोदी-राज के रूप में 800 साल बाद हिन्दुओं के हाथ में सत्ता आयी है.’ असली बयान-बहादुर तो दिवंगत अशोक सिंघल थे. उन्होंने ही 21 नवम्बर 2014 को दिल्ली में हुए विश्व हिन्दू कांग्रेस के मौके पर असहिष्णुता की ताज़ा ख़ेप का बीजारोपण किया था. वही बीज अब छायादार पेड़ बन चुका है. इससे तमाम सांसद इतना व्यथित हैं कि उन्होंने संसद में...