हृदय रोग में भी गुणकारी है मुलेठी

स्वाद में मीठी मुलेठी कैल्शियम, ग्लिसराइजिक एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन और वसा के गुणों से भरपूर होती है। इसका इस्तेमाल नेत्र रोग, मुख रोग, कंठ रोग, उदर रोग, सांस विकार, हृदय रोग, घाव के उपचार के लिए सदियों से किया जा रहा है। यह बात, कफ, पित्त तीनों दोषों को शांत करके कई रोगों के उपचार में रामबाण का काम करती है। पतंजलि आयुर्वेद हरिद्धार के आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि मुलेठी के क्वाथ से...

ज्यादा एंटीबायोटिक लेने से हो सकती हैं पेट की गंभीर बीमारियां

रोजाना की दौड़ती-भागती जिंदगी में अक्सर हम लोग सरदर्द, पेटदर्द या बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी एंटीबायोटिक दवा ले लेते हैं और तबीयत ठीक होने पर अक्सर ऐसा करते रहते हैं लेकिन चिकित्सकों ने जरूरत से अधिक एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने पर डायरिया जैसी पेट की गंभीर बीमारियां होने की चेतावनी दी है। नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के इंटरनल मेडीसिन सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सतीश कौल ने आईएएनएस से कहा, “जरूरत...

बेहद चिन्ताजनक है एंटीबायोटिक्स का बेअसर होते जाना

भारत सहित कई देशों में एंटीबायोटिक दवाओं की आपूर्ति बढ़ने से वैश्विक स्तर पर एंटीबायोटिक का असर बुरी तरह बेअसर होता जा रहा है। ऐसा एक शोध में सामने आया है, जिसमें कानून को बेहतर तरीके से तत्काल लागू करने की जरूरत बताई गई है। शोध में पाया गया है कि 2000 व 2010 के बीच एंटीबायोटिक्स का उपभोग वैश्विक रूप से बढ़ा है और यह 50 अरब से 70 अरब मानक इकाई हो गया...

रिपोर्ट का दावा- भारत में बिकने वाली 64 फीसदी एंटीबायोटिक अवैध

भारत में हर साल लाखों एंटीबायोटिक दवा बिना मंजूरी के बेची जाती हैं। जिससे दुनिया भर में सुपरबग के खिलाफ लड़ी जाने वाली जंग पर खतरा मंडराने लगा है। ब्रिटेन के हालिया शोध में यह चेतावनी देते हुए बताया गया कि यहां बिकने वाली 64 फीसदी एंटीबायोटिक अवैध हैं। ब्रिटिश जर्नल ऑफ क्लीनिकल फॉर्मेसी में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां बिना मंजूरी के दर्जनों ऐसी दवाएं बेच रही हैं। जबकि पूरी दुनिया पर...

रिपोर्ट: एंटी-बायोटिक रेसिस्टेंट को मात देने का नायाब तरीका

ड्रग रेसिस्टेंट बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ने के लिए लाइट-पावर्ड नैनोथेरेपी का निर्माण किया गया है। ये सुपरबग्स जैसे एंटी-बायोटिक रेसिस्टेंट को असफल करने में मदद करेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस विधि में प्रयोग होने वाले लाइट-पावर्ड चिकित्सीय नैनोपार्टिकल्स को क्वांटम डॉट्स भी कहा जाता है। यह डॉट्स मानवों के बालों से 20 हजार गुना छोटे होते हैं। यह उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर्स के समान लगते हैं। लेब के वातावरण में यह 92...