कच्चे तेल में गिरावट के बाद भी जनता को उतना फायदा नहीं, सरकार ने की गाढ़ी कमाई

पिछले दो महिनों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद आम जनता को कुछ खास राहत नहीं मिली। यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान विश्व में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था।साल 2015 मे जून में विश्व में कच्चे तेल की कीमत तकरीबन $115 प्रति बैरल थी। मौजूदा साल की बात करे तो जून 2016 में पेट्रोल की कीमतो में भारी गिरावट के बाद भी केंद्र की मोदी सरकार...

कच्चे तेल के उत्पादन में पहले स्थान पर ओपेक

पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) का कच्चा तेल उत्पादन दिसंबर 2015 में उच्च स्तर पर बना हुआ है. ओपेक की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद उत्पादन उच्च स्तर पर बरकरार है. दिसंबर में ओपेक का उत्पादन रोजाना 3.218 करोड़ बैरल रहा, जो पिछले महीने की तुलना में थोड़ा कम है. रिपोर्ट से पता चलता है कि वैश्विक तेल आपूर्ति मांग से अधिक बनी हुई है....

सबसे निम्नतम स्तर पर पहुंचा कच्चे तेल का दाम

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का दौर जारी कच्चे तेल के दाम में गिरावट का दौर पहले से ही जारी है, ऐसे में ईरान से प्रतिबंध हटने के बाद से तेल की कीमत में गिरावट और तेज हो गई है. सोमवार को कच्चे तेल के दाम में 2003 के बाद से सबसे निचले स्तर पर आ गए. आपको बता दें कि कच्चे तेल के दाम 27.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए. हालांकि कुछ...