शहरसरकार के नियम को SC की मुहर, हरियाणा में अब पढ़े-लिखे ही लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

Priyanka SharmaDecember 10, 2015461 min

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कहा है कि अब पढ़े-लिखे लोग ही चुनाव लड़ सकेंगे.

दरअसल पंचायत चुनाव लड़ने के लिए नियम में किए संसोधन पर सुप्रीम कोर्ट ने 15 सितंबर को अंतरिम रोक लगा दी थी. राज्य सरकार नए नियमों के मुताबिक, जनरल के लिए दसवीं पास, दलित और महिला के लिए आठवीं पास होना जरूरी है.

इसके अलावा सरकार ने नियम में यह भी शामिल किया था कि जिसके पास बिजली बिल के बकाया ना हौ और किसी केस में दोषी करार ना होने के साथ घर में टायलेट होने की शर्त रखी गई थी.

हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि उसके नए नियमों के मुताबिक 43 फीसदी लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. हालांकि याचिकाकर्ता ने इस आकंड़े को गलत बताया है.

वैसे सुप्रीम कोर्ट ने ये भी पूछा कि आखिर कितने सांसद अनपढ़ हैं. कोर्ट के सवाल के जवाब में अटॉर्नी जनरल ने बताया कि चार सांसद हैं. कोर्ट ने कहा कि सहज प्रक्रिया में ही पढ़े-लिखे लोग चुनाव लड़ रहे हैं.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा था कि वो बताए कि नए नियमों के मुताबिक कितने लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. राज्य में कितने टॉयलेट हैं. साथ ही स्कूलों की जानकारी भी मांगी थी.

मंगलवार को सुनवाई के दौरान हरियाणा की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में बताया कि नए नियमों के मुताबिक 43 फीसदी लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. साथ ही कोर्ट को बताया गया कि राज्य के 84 फीसदी घरों में टॉयलेट हैं, जबकि 20 हजार स्कूल हैं.

वहीं इस मामले को लेकर याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार ने गलत आंकड़े पेश किए हैं. सही में ये संख्या 43 फीसदी नहीं बल्कि 64 फीसदी है और अगर दलित महिलाओं की बात करें तो ये संख्या 83 फीसदी तक पहुंच जाती है.

wefornews Bureau

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