कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी सोमवार को पार्टी में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) की भूमिका पर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर सकती हैं।

कांग्रेस चाहती है कि प्रशांत किशोर अन्य पार्टियों से किए गए अपने सभी वादों को समाप्त कर दें और केवल एक कांग्रेसी के रूप में काम करें, न कि सलाहकार के रूप में। अंतिम फैसला राहुल गांधी से बातचीत के बाद लिया जा सकता है।

अपनी रिपोर्ट सौंप चुके कुछ पार्टी के नेताओं का कहना है कि प्रशांत किशोर के पार्टी में शामिल होने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन जहां भी पार्टी क्षेत्रीय ताकतों के खिलाफ खड़ी हो, वहां कोई संघर्ष नहीं होना चाहिए।

इस बीच, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने रविवार को चुनावी रणनीतिकार किशोर द्वारा स्थापित इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने पुष्टि की, कि उनकी पार्टी आई-पैक के साथ काम कर रही है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि इसका प्रशांत किशोर से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे नहीं पता कि इसे कौन चला रहा है। पीके ने हमें आई-पैक के बारे में बताया और यह हमारे साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पीके ने खुद को आई-पैक से अलग कर लिया है, जो देश भर में कई पार्टियों के साथ काम कर रही है। हमारी सिर्फ पीके से बातचीत नहीं हुई थी। कई अन्य लोगों के साथ हमारी कई बार चर्चा हुई। हमने आई-पैक को लेकर सुनील और अन्य लोगों से बात की।

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