कांग्रेस सरकार पर संसद पर चर्चा न करने का आरोप लगा रही है, ऐसे में राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार को चर्चा करने की मांग करते हुए कुछ सवाल पूछे हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसते हुए कहा है कि, संसद में जो सवाल पूछने नहीं दिए जा रहे हैं, उन्हें यहां पूछ रहा हूं। सवालों की लिस्ट बहुत लम्बी है, कांग्रेस पार्टी को डराने-धमकाने से आपकी जवाबदेही खत्म नहीं हो जाएगी, हम जनता की आवाज हैं और उनके मुद्दे उठाते रहेंगे।

इस सत्र में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल जीएसटी में वृद्धि, महंगाई व अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दबाब बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के तहत सांसदों ने संसद में प्रदर्शन किया, जिसके बाद कुल 23 सासंद निलंबित भी हुए हैं।

इसी पर राहुल गांधी ने कहा, मानसून सत्र में हम प्रधानमंत्री जी से जनता के मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। जनता के कई सवाल थे जिनके जवाब प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को देने थे। लेकिन उनकी तानाशाही देखिए, सवाल पूछने पर प्रधानमंत्री इतने नाराज हो गए कि 57 सांसदों को गिऱफ्तार करवा दिया और 23 को निलंबित।

उन्होंने आगे सवाल पूछते हुए कहा, 45 सालों में आज सबसे ज्यादा बेरोजगारी क्यों है? हर साल 2 करोड़ रोजगार देने के वादे का क्या हुआ?, जनता के रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों जैसे दही-अनाज पर जीएसटी लगा कर, उनसे दो व़क्त की रोटी क्यों छीन रहे हैं?, खाने का तेल, पेट्रोल-डीजल और सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं, जनता राहत कब मिलेगी?डॉलर के मुकाबले रूपए की कीमत 80 पार क्यों हो गई?, आर्मी में 2 सालों से एक भी भर्ती नहीं करके, सरकार अब ‘अग्निपथ’ योजना लायी है, युवाओं को 4 साल के ठेके पर ‘अग्निवीर’ बनने पर मजबूर क्यों किया जा रहा है?, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना, हमारी सीमा में घुस चुकी है, आप चुप क्यों हैं और आप क्या कर रहे हैं?

उन्होंने आगे पूछा कि, फसल बीमा से इंश्योरेंस कंपनियों को ?40,000 करोड़ का फायदा करवा दिया, मगर 2022 तक किसानों की ‘आय दोगुनी’ करने के अपने वादे पर चुप, क्यों?किसान को सही एमएसपी के वादे का क्या हुआ? और किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा मिलने का क्या हुआ? वरिष्ठ नागरिकों के रेल टिकट में मिलने वाली 50 फीसदी छूट को बंद क्यों किया? जब अपने प्रचार पर इतना पैसा खर्च कर सकते हैं तो, बुजुर्गों को छूट देने के लिए पैसे क्यों नहीं हैं? और केंद्र सरकार पर 2014 में 56 लाख करोड़ कर्ज था, वो अब बढ़ कर 139 लाख करोड़ हो गया है, और मार्च 2023 तक 156 लाख करोड़ हो जाएगा, आप देश को कर्ज में क्यों डुबा रहे हैं?

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