प्रत्यूषा केस: बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहुल राज को दी जमानत | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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प्रत्यूषा केस: बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहुल राज को दी जमानत

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प्रत्युषा केस: माता-पिता की मांग रद्द हो राहुल की अग्रिम जमानत
प्रत्यूषा

प्रत्यूषा आत्महत्या मामले में राहुल राज सिंह को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी. इससे पहले अदालत ने दोनो पक्षो की दलील को सुना.

दोनो पक्षों की तरफ से इस कॉल को लेकर अलग दावे किए गए थे. सरकारी वकील का कहना है कि, “प्रत्युषा ने इस कॉल के दौरान राहुल को कहा था कि वह खुदकुशी करने जा रही है. तुम तुरंत घर आ जाओ. लेकिन राहुल ने आने से मना कर दिया. इससे यह साफ है कि राहुल किस हद तक प्रत्युषा को तकलीफ दिया करता था.” लेकिन राहुल के वकील आभात फोंडा का कहना है कि, “प्रत्युषा उस वक्त काफी शराब पी रही थी, और वह पुरी तरह नशे की हालत में थी. राहुल ने उससे बात भी की थी. लेकीन वह समझने की हालत में नहीं थी. यह आखरी कॉल 201 सेकेन्ड का है.” कोर्ट की मांग पर मुंबई पुलिस ने इस कॉल की डीवीडी कोर्ट में पेश की है.

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आज सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील निलेश पावसकर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि, “राहुल राज सिंह एक ड्रग एडिक्ट है. और क्या वह ड्रग्स का धंदा भी करता है? क्या उसने प्रत्युषा को भी ड्रग्स की लत लगाई थी? इसकी जांच हमें करनी है. और भी कई गवाहों के बयानो से यह बात सामने आई है.” साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि राहुल ने प्रत्युषा से कई झूठ बोले थे, जैसे कि गांव में उसकी करीब 150 एकड़ जमीन है, उसका श्रीलंका में एक कैसिनो है, उसकी माँ किसी राजनीतिक पार्टी में सक्रिय हैं.

प्रत्यूषा बनर्जी

साथ ही यह दावा भी किया गया कि हादसे के वक्त भी राहुल नशे की हालत में था. बिल्डिंग में पहुंचने के बाद उसने चाबी खो जाने का बहाना किया. उसके बाद अपने किसी दोस्त के जरिए चाबी वाले को बुलाया, उसके आने के बाद पड़ोसियों को बताया कि बगल के फ्लैट की बाल्कनी से होते हुए प्रत्युषा के फ्लैट में दाखिल हो सकते हैं. प्रत्युषा को लेकर जाते वक्त बार  राहुल उसे माउथ टू माउथ ब्रिथिंग देने की कोशिश कर रहा था. लेकिन नजदीकी अस्पताल में भर्ती करने के बजाए राहुल उसे दूर के अस्पताल में ले गया और भर्ती करा कर वहां से भाग गया.

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नवाजुद्दीन सिद्दीकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर मिला स्टे

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फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी और उनके परिजनों की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे मिला है। हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल करने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है, जबकि मुकदमे के मुख्य आरोपी अभिनेता के छोटे भाई मिनाजुद्दीन सिद्दीकी को अग्रिम जमानत करानी होगी।

बुढ़ाना निवासी प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी आलिया सिद्दीकी उर्फ अंजलि पांडे ने 27 जुलाई 2020 को मुंबई के वर्सोवा थाने में यह मुकदमा दर्ज कराया था। आलिया ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि नवाजुद्दीन उसे व बेटी को दिसंबर 2012 में बुढ़ाना स्थित अपने घर पर छोड़ गए थे।

आरोप है कि यहां बेटी के साथ अत्याचार हुए। इनमें बैड टच से लेकर छेड़छाड़ व मारपीट के भी आरोप शामिल हैं। रिपोर्ट में आलिया ने पति नवाजुद्दीन के साथ ही सास मेहरून्निशां, नवाज के भाइयों फैय्याजुद्दीन, अयाजुद्दीन और मिनाजुद्दीन को आरोपी बनाया हुआ है। यह मुकदमा जांच के लिए 12 अगस्त 2020 को बुढ़ाना कोतवाली आ गया था।

16 अक्तूबर को पुलिस ने आलिया सिद्दीकी के पॉक्सो कोर्ट में 164 के बयान भी दर्ज कराए थे। अब इस मुकदमे में नवाजुद्दीन और उनके परिजनों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके अधिवक्ता नदीम जाफर जैदी ने बताया कि हाईकोर्ट इलाहाबाद से नवाजुद्दीन सिद्दीकी आदि को इस मुकदमे में गिरफ्तारी पर स्टे मिला है।

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और संजय कुमार पचौरी की खंडपीठ ने नवाजुद्दीन, उनके भाई फैय्याजुद्दीन, अयाजुद्दीन और मां मेहरून्निशां की गिरफ्तारी पर स्टे दिया है, जबकि मुख्य आरोपी मिनाजुद्दीन को अग्रिम जमानत करानी होगी। उधर, बुढ़ाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक एमएस गिल ने बताया कि उन्हें अभी तक स्टे आर्डर की प्रति नहीं मिली है।

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ड्रग्स मामला: 8 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में फैसल और टीवी अभिनेत्री प्रीतिका

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बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ड्रग्स एंगल की जांच कर रहा है। जांच एजेंसी की तरफ से एक और ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया गया है। मुंबई जोनल यूनिट की एक टीम ने माछीमार, वर्सोवा में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक टीवी अभिनेत्री प्रीतिका चौहान हैं।

एजेंसी ने रविवार को बयान में कहा, ‘मुंबई जोनल यूनिट की एक टीम ने माछीमार, वर्सोवा में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और कल उनके कब्जे से 99 ग्राम गांजा जब्त करने में सफल रही। दो व्यक्तियों- एक फैसल और टीवी अभिनेत्री प्रीतिका चौहान को गिरफ्तार किया गया और फिर उन्हें अदालत में पेश किया गया।’ अदालता ने रविवार को दोनों को 8 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके सुसाइड की वजह का पता लगाने के लिए सीबीआई को केस सौंपा गया था। सुशांत के परिवार का मानना है कि उनका मर्डर हुआ जबकि सुशांत को उनके अपार्टमेंट में फांसी से लटका पाया गया था।

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NBSA का आदेश- सुशांत मामले में इन चैनलों की थी गलत रिपोर्टिंग, मांगें दर्शकों से माफी

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फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट कई न्यूज़ चैनलों को फटकार लगा चुका है। अब नेशनल ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी यानी एनबीएसए ने भी इस मामले में अपना रुख कड़ा किया है।

एनबीएसए ने आज तक, ज़ी न्यूज़, न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी को सार्वजनिक तौर पर दर्शकों से माफ़ी मांगने का आदेश दिया है। आदेश के मुताबिक इन सभी चैनलों ने सुशांत सिंह मामले में रिपोर्टिंग करते हुए पत्रकारिता के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। ध्यान रहे कि सुशांत मामले में एनबीएसए पहले ही आजतक पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगा चुका है।

एनबीएसए ने कहा था कि आजतक की हेडलाइन ‘हिट विकेट’ से ऐसा आभास होता था कि सुशांत सिंह राजपूत से ही सवाल पूछे जा रहे हैं जो अब दुनिया में नहीं हैं।

एनबीएसए ने इसे आपत्तिजनक और निजता तथा गरिमा को प्रभावित करने वाला माना था। एनबीएसए ने कहा था कि ‘आज तक’ ने सुशांत के नाम से ट्वीट्स दिखाने से पहले यह नहीं चेक किया कि यह ट्वीट असली हैं या फर्जी। बाद में ये ट्वीट्स फेक पाए गए थे।

नए आदेश में एनबीएसए ने आज तक को 27 अक्तूबर को रात 8 बजे हिंदी में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। यही आदेश ज़ी न्यूज़, इंडिया टीवी और न्यूज़ 24 को भी दिया गया है। ज़ी न्यूज़ और रजत शर्मा के इंडिया टीवी को 27 अक्तूबर की रात 9 बजे माफ़ी मांगने के लिए कहा है। वहीं, न्यूज़ 24 को 29 अक्तूबर की रात 9 बजे अपना माफीनामा पेश करना होगा।

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