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स्वास्थ्य

प्रदूषण कम कर रहा है एंटीबायोटिक्स दवाओं का असर

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एंटीबायोटिक्स

एंटीबायोटिक प्रतिरोधी बैक्टीरिया के प्रभावों के लिए एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग और अति प्रयोग को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता है. एक वैज्ञानिक अध्ययन में इसकी पुष्टि की गई है. जे वॉन मैकआर्थुर का मानना है कि पर्यावरण के दूषित पदार्थ जीवाणु प्रतिरोध में वृद्धि के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार हैं. उन्होंने अमेरिका की सवाना नदी पर स्थित ‘अमेरिकी ऊर्जा विभाग’ में अपनी इस परिकल्पना का परीक्षण किया.

मैकआर्थर ने नदी की धाराओं में पांच एंटीबायोटिक के साथ ई कोलाई बैक्टीरिया के 427 प्रकारों का परीक्षण किया. इस शोध दल ने नौ धाराओं के 11 जगहों के नमूने एकत्र किए. इन सभी नमूनों के धातु संदूषण के स्तर में विविधता पाई गई.

परिणाम बताते हैं कि पानी के 11 नमूनों में से आठ में एंटीबायोटिक प्रतिरोध के उच्च स्तर का पता चला है.

वैज्ञानिकों ने पाया कि नदियों के पानी के साथ ही उसकी सतह के पानी में भी एंटीबायोटिक प्रतिरोध का उच्च स्तर था.

मैकआर्थुर बताते हैं, “इन धाराओं में एंटीबायोटिक का कोई खास स्रोत नहीं बचा है. इसमें केवल एंटीबायोटिक प्रतिरोधी के रूप में दूषित पदार्थ की मात्रा ही मौजूद है.”

यह अध्ययन ‘एन्वायरमेंटल माइक्रोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया है.

wefornews bureau

राष्ट्रीय

गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई जाएगी कोरोना वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया

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Corona Vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर

राष्ट्रीय राजधानी के राजपथ पर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान घातक कोविड-19 वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया भी दिखाई जाएगी।

भारत में दो स्वदेशी वैक्सीन, कोविशिल्ड और कोवैक्सीन तैयार की गई हैं। देश में बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम 16 जनवरी 2021 से शुरू हो चुका है। अब तक भारत में 1,53,032 लोग जानलेवा वायरस की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं देश में कुल 1,06,25,428 कोरोना पॉजिटव मामले सामने आ चुके हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से निकाली जाने वाली झांकी में दिखाया जाएगा कि कैसे भारत हर स्तर पर रणनीतिक कार्यप्रणाली और बहुप्रचारित सामूहिक व्यवहार परिवर्तन को अपनाकर कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हुआ है।

झांकी का विषय (थीम) कोविड के खिलाफ लड़ाई में आत्मनिर्भर भारत अभियान है। झांकी में विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से वैक्सीन (टीका) के विकसित होने की प्रक्रिया को दर्शाया जाएगा। इस दौरान वैज्ञानिक की एक प्रतिमा को कोरोनावायरस वैक्सीन के साथ दिखाई जाएगी, जो मानव जाति को बचाने के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि को दर्शाएगी।

इस प्रदर्शनी को पांच खंडों में विभाजित किया गया है, जिनमें वैक्सीन बनाने की शुरूआती प्रक्रिया से लेकर स्टोरेज सिस्टम और टीकाकरण की प्रक्रिया दर्शाई जाएगी।

इसके साथ ही वैक्सीन अनुसंधान प्रयोगशाला, वैक्सीन उत्पादन और नैदानिक परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) की झलक भी दिखाई जाएगी। विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “केबिन के बाहर व्यक्ति पर किए गए तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल को भी दिखाया जाएगा।”

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राष्ट्रीय

भारत में कोरोना के लगभग 14 हजार नए मामले दर्ज

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Coronavirus

 भारत में बीते 24 घंटे में कोरोनावायरस महामारी से संक्रमित 14,545 नए मामले सामने आए हैं और इसी के साथ ही शुक्रवार को भी दैनिक मामलों की संख्या में कमी देखी गई।

देश में इस वक्त महामारी की चपेट में आए लोगों की संख्या 1,06,25,428 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। पिछले 15 दिनों से देश में 20,000 से कम मामले सामने आ रहे हैं और पिछले 25 दिनों से मरने वालों की संख्या भी 300 के नीचे बनी हुई है।

19 जनवरी को देश में 10,064 नए मामले दर्ज किए गए थे, जो पिछले सात महीनों से सामने आ रहे दैनिक मामलों में सबसे कम था। पिछले साल 6 जून को देश में 10,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि नई 163 मौतों के साथ देश में अब तक कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 1,53,032 तक पहुंच गई है।

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक 1,02,83,708 लोग वायरस से पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और फिलहाल यहां सक्रिय मामलों की संख्या 1,88,688 है। यहां इस वक्त रिकवरी दर 96.75 फीसदी और मृत्यु दर 1.44 फीसदी पर बनी हुई है।

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राष्ट्रीय

कोरोना वैक्सीन लगने के दूसरे दिन वार्ड ब्वाय की मौत

केंद्र सरकार ने बताया है कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के दो दिनों के दौरान देश में 2.24 लाख से अधिक लाभार्थियों को कोविड-19 के टीके लगाये गए। इस दौरान प्रतिकूल प्रभाव के सिर्फ 447 मामले सामने आए।

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Anti Corona Vaccine

मुरादाबाद: यूपी के मुरादाबाद जिले में कोरोना का टीका लगवाने वाले एक वार्ड ब्वाय की रविवार को अचानक मौत हो गई। वार्ड ब्वाय महिपाल सिंह की उम्र 46 साल थी। डॉक्टरों ने बताया है कि शुरूआती रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा लगता है कि हार्ट अटैक के कारण मौत हुई है।

सीएमओ ने बताया कि शनिवार को टीका लगवाने के बाद वह बिल्कुल ठीक थे। वह अपना काम अच्छे से कर रहे थे। हालांकि वार्ड ब्वाय के बेटे ने कहा है कि वैक्सीन लगवाने के बाद उनके पिता की तबीयत पहले की तरह सामान्य नहीं थी।

बताया जा रहा है कि रविवार को सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत हुई तो घरवाले उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिपाल सिंह जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय के पद पर थे। उनकी ड्यूटी सर्जिकल वार्ड में थी। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है।

खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. एमसी गर्ग उनके घर पहुंचे। महिपाल के बेटे विशाल की मानें तो शनिवार रात में ही उनके पिता को परेशानी हो रही थी। सुबह उन्हें बुखार भी था।

बेटे विशाल ने रविवार रात में मीडिया को बताया, ‘सुबह ड्यूटी से आने के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी। मुझे किसी काम से जाना था तो मैं चला गया, शाम को फोन आया कि तबीयत ज्यादा खराब है आ जाइए। 108 पर घरवालों ने फोन किया पर वे समय पर नहीं आए। शनिवार को वैक्सीनेशन के बाद ही उनकी सांस फूल रही थी।’ एक सवाल के जवाब में विशाल ने बताया कि वह कोरोना पॉजिटिव भी नहीं थे।

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल लाने से पहले ही महिपाल सिंह की मौत हो चुकी थी। परिजनों के कहने पर उनका कई बार चेकअप किया गया, पर कोई फायदा नहीं हुआ। संभव है कि उन्हें साइलेंट अटैक हुआ हो और उन्हें पता न चल पाया हो।

CMO Moradabad Dr MC Garg ने बताया कि जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात महिपाल सिंह की रविवार शाम 6 बजे मृत्यु हो गई। रविवार दोपहर में उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई थी। शनिवार को दिन में करीब 12 बजे उन्हें वैक्सीन दी गई थी। मृत्यु के कारण की जांच की जा रही है। कोरोना वैक्सीन के रिएक्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि शनिवार रात में इन्होंने नाइट ड्यूटी की थी और उन्हें कोई समस्या नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की असली वजह पता चल सकेगी।

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