दशहरा में 'रावण' नहीं पीेएम का पुतला जलाया गया : राहुल गांधी | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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दशहरा में ‘रावण’ नहीं पीेएम का पुतला जलाया गया : राहुल गांधी

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Rahul Gandhi

बिहार में पहले चरण के मतदान के बीच आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इस दशहरे में रावण का पुतला नहीं देश के प्रधानमंत्री का पुतला पंजाब में जलाया गया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पुतला जलाया जाना दुख की बात है, लेकिन युवाओं के मन में प्रधानमंत्री के प्रति गुस्सा है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस सरकार चलाना जानती है, युवाओं को रोजगार देना जानती है लेकिन हम झूठ बोलना नहीं जानते, यही कमी है।

वाल्मीकिनगर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राहुल ने जहां राजद के नेता तेजस्वी यादव की तारीफ की, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा।

राहुल ने कहा कि लॉकडाउन और नोटबंदी का लक्ष्य एक ही था। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में आपके पॉकेट से पैसा निकालकर देश के पांच बड़े उद्योगपतियों को दे दिया और लॉकडाउन में भी छोटे और मध्यम दर्जे के व्यापारी का व्यापार बंद हो गया और इसकी आड़ में उद्योगपतियों के कर्जे माफ कर दिए गए।

राहुल ने कृषि कानूनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम तौर पर दशहरे पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं, लेकिन पंजाब में इस बार प्रधानमंत्री और उद्योगपतियों के पुतले जलाए गए। उन्होंने कहा, ये दुख की बात है, लेकिन ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि किसान परेशान है, युवाओं के मन में गुस्सा है।

उन्होंने देश में और बिहार में बेरोजगारी के लिए नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री को दोषी बताते हुए कहा कि बिहार के लोगों को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बेंगलुरु में रोजगार मिलता है, लेकिन बिहार में नहीं मिलता, क्योंकि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की कमी है।

उन्होंने कहा कि बिहार के किसान और युवा मेहनती हैं, यही कारण है कि अंग्रेजों को भगाने के लिए महात्मा गांधी ने सबसे पहले बिहार के चंपारण आए थे। कांग्रेस नेता ने राजग के नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए सभा में आए लोगों से कहा, कुछ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां आए थे और कहा था कि ये गन्ने का इलाका है, चीनी मिल चालू करूंगा और अगली बार आऊंगा तो यहां की चीनी चाय में मिलाकर पिऊंगा। चाय पी क्या आपके साथ?

राजद के नेता तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस, राजद और कई अन्य पार्टियों के साथ महागठबंधन में चुनाव लड़ रही है। महागठबंधन के युवा नेता खड़े हैं। नया विजन देना चाहते हैं। युवाओं को रोजगार देना चाहते हैं।

उन्होंने महागठबंधन को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि राजग के लोग झूठ बोलते हैं। पहले 2 करोड़ रोजगार की बात कही थी। राहुल ने कहा कि अब अगर पीएम मोदी यहां आकर 2 करोड़ रोजगार की बात बोल दें तो शायद भीड़ उन्हें भगा देगी।

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चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल मैक्सिस मामले में अनावयक जांच सुस्त

इस पर न्यायाधीश ने कहा, यह अनावश्यक रूप से सुस्त है। जबकि उन्होंने इसके लिए अधिक समय दिया।

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P Chidambaram

नई दिल्ली, 2 दिसंबर । पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ती चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल-मैक्सिस मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय से एक पत्र भेजने को लेकर दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि जांच अनावश्यक रूप से सुस्त है। जबकि अदालत ने पत्र भेजने के लिए एजेंसियों को अतिरिक्त समय भी दिया था।

विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहर ने इस मामले को स्थगित कर दिया, जिस पर 1 फरवरी को सुनवाई होनी है। एजेंसियों ने इस मामले को पहले भी कई बार स्थगित करने की मांग की है। अदालत ने सीबीआई और ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन को अधिक समय लेने के अनुरोध को मान लिया।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया, दो एलआर – एक सिंगापुर और दूसरा यूके में भेजे गए थे। यूके को भेजे गए एलआर में कोई प्रगति नहीं हुई है, लेकिन सिंगापुर ने ईडी द्वारा मांगी गई सहायता पर सवाल उठाए हैं। यह उनके प्रश्नों की प्रतिक्रिया को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। एक और स्थगन मिलने पर हम और अधिक सकारात्मक जवाब के साथ आपके पास वापस आ सकेंगे।

इस पर न्यायाधीश ने कहा, यह अनावश्यक रूप से सुस्त है। जबकि उन्होंने इसके लिए अधिक समय दिया।

यह मामला एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी की कथित अनियमितताओं से संबंधित है। यह तब का है जब 2006 में पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। सीबीआई और ईडी ने आरोप लगाया था कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री के रूप में अपनी क्षमता से परे जाकर समझौते को मंजूरी दी थी, जिससे कुछ व्यक्तियों को लाभ मिल सके और उन्हें इसके लिए रिश्वत मिल सके।

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किसान आंदोलन को लेकर राहुल का PM मोदी पर हमला, कहा- ‘जागिए अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए’

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Rahul Gandhi

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) द्वारा लाये गए कृषि कानूनों (Farm Bill) के खिलाफ किसानों का आंदोलन आज 5वें दिन भी लगातार जारी है। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandi) ने पीएम मोदी का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधते हुए कहा कि, देश का अन्नदाता सड़कों-मैदानों में धरना दे रहे हैं और ‘झूठ’ टीवी पर भाषण! उन्होंने कहा, जागिए, अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए।’

किसान का अधिकार दीजिए- राहुल गाधी

वायनाड सांसद ने ट्वीट कर लिखा, ‘अन्नदाता सड़कों-मैदानों में धरना दे रहे हैं, और ‘झूठ’ टीवी पर भाषण! किसान की मेहनत का हम सब पर कर्ज है। ये कर्ज उन्हें न्याय और हक देकर ही उतरेगा, न कि उन्हें दुत्कार कर, लाठियां मारकर और आंसू गैस चलाकर। जागिए, अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए।’

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आज किसानों से करेंगे बात

दरअसल, नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान बीते पांच दिनों से लगातार दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन को बढ़ते देख कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज किसानों को इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए बुलाया है। कृषि मंत्री और किसनों के बीच ये बैठक आज दोपहर तीन बजे विज्ञान भवन में होनी है। किसानों ने केंद्र सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि जब उनकी बात नहीं सुनी जाएगी आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।

बिना शर्त बातचीत पर अड़े किसान संगठन

इससे पहले किसानों के तीखे तेवर के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री तोमर ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर बैठक की है। सूत्रों के मु्ताबिक इस बैठक में किसानों को शांत करने के लिए रणनीति पर विचार किया गया। इस बीच किसान संगठन बिना शर्त बातचीत पर अड़े हुए हैं।

आंदोलन को राष्ट्रविरोधी ताकतों ने किया हाइजैक- दुष्यंत

भाजपा ने किसान आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताते हुए रविवार को कहा कि इस आंदोलन में गलत तत्व घुस गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने पत्रकारों से कहा, ‘आंदोलन में पाकिस्तान समर्थक और खालिस्तान समर्थक नारे लगते हैं। किसानों का इससे कोई लेना-देना नहीं है। इसे उग्रवादी और राष्ट्रविरोधी ताकतों ने हाइजैक कर लिया है।’

कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने का आरोप

उन्होंने कहा कि आंदोलन में नई -नई गाडियो और नए-नए कपड़े पहनकर आ रहे लोग किसान नहीं हो सकते। किसान आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताते हुए उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में गलत तत्व घुस गए हैं और कांग्रेस भी सरकार का विरोध करने के लिए उन्हें गुमराह कर रही है। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भी आंदोलन को हवा देने के लिए आलोचना की और कहा कि कोविड-19 संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों के दौरान गरीब मजदूरों को उन्होंने खाना नहीं दिया लेकिन अब किसान आंदोलन में भाग लेने वालों के लिए वह टैन्ट लगवा रहे हैं।

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चुनाव

मप्र : कांग्रेस नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में नई पीढ़ी पर लगाएगी दांव

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, इसके लिए निचले स्तर के कार्यकतार्ओं और संगठन के पदाधिकारियों से संवाद किए जाने के साथ साथ उनसे जमीनी हालात की रिपोर्ट भी मनाई जा रही है।

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Congress Senior leader and former Madhya Pradesh Chief Minister Digvijay Singh

भोपाल, 2 दिसंबर । मध्यप्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी इन चुनावों में नए चेहरों और नई पीढ़ी पर दांव लगाने का मन बना रही है, ताकि संगठन को भी मजबूत किया जा सके।

राज्य में उप-चुनाव में मिली हार की बड़ी वजह संगठन की कमजोरी को माना जा रहा है और यही कारण है कि पार्टी निचले स्तर पर मजबूती के लिए रणनीति बना रही है। उसके लिए इस मजबूती का आधार नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव बन सकते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी यह बात कह चुके हैं कि नई कांग्रेस का निर्माण कैसे किया जाए, इस पर विचार किया जा रहा है। जरूरी है, इसके लिए नए लोगों को मौका दिया जाए। नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव आने वाले हैं और इन चुनावों में नई पीढ़ी को मौका दिया जाए।

दिग्विजय सिंह के इस बयान के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं और माना जा रहा है कि कांग्रेस अपने को बदलना चाहती है और युवा पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी में है। ऐसा होने पर संगठन को मजबूत किया जा सकेगा और भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकेगी। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि इस रणनीति के पीछे बुजुर्गों को कांग्रेस की सियासत से दूर करने की भी योजना है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, इसके लिए निचले स्तर के कार्यकतार्ओं और संगठन के पदाधिकारियों से संवाद किए जाने के साथ साथ उनसे जमीनी हालात की रिपोर्ट भी मनाई जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषक शिव अनुराग पटेरिया का कहना है कि कांग्रेस का विरोधी दल यानि कि भाजपा परिवर्तन के दौर से गुजर रही है लेकिन भाजपा और कांग्रेस के वर्ग चरित्र में बड़ा अंतर है। कांग्रेस ने अगर अपने नेताओं को खोया तो वह कहीं की भी नहीं रहेगी, यह बात कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने भी कही है। तन्खा ने कहा है कि कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी के बगैर कांग्रेस की कल्पना नहीं की जा सकती, इसका आशय है कि कांग्रेस के अंदर भी द्वंद्व है, पीढ़ी परिवर्तन को लेकर, पीढ़ी परिवर्तन हो या ना हो या दोनों में संतुलन बनाकर रखा जाए।

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