राहुल गांधी से मिले निर्भया के माता-पिता | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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राज्यसभा में जुवेनाइल जस्टिस बिल को पास करवाने के लिए निर्भया के माता-पिता राहुल गांधी से मिले. राज्य सभा से इल बिल को पास करवाना है. ऐसा माना जा रहा इस बिल को आज राज्य सभा में पास किया जा सकता है.

गौरतलब है कि लोकसभा में यह बिल मई 2015 में ही पास हो गया था. आज सुबह ही केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी निर्भया के माता-पिता से मिले थे और बिल को पास करवाने को लेकर भरोसा दिया था.

इस मामले को लेकर संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि कांग्रेस की ओर से इस बिल पर समर्थन देने की बात कही गई है, जिस वजह से इसके पास होने की उम्मीद जताई जा रही थी.

इतना ही नहीं नाबालिग दोषी की रिहाई के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे निर्भया के परिजन सोमवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद से मिले थे. जिसके बाद उन्होंने भरोसा दिया कि उनकी पार्टी इस बिल को समर्थन देगी.

wefornews Bureau

राष्ट्रीय

भारत में कोविड मामलों की संख्या 93 लाख के करीब

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India Coronavirus

नई दिल्ली, 26 नवंबर । भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 44,489 नए मामले सामने आए, जिसके बाद कुल मामलों की संख्या 92,66,705 पहुंच गई। लगातार 19वें दिन वायरस के दैनिक मामले 50 हजार से कम पाए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को ये जानकारी दी।

अंतिम बार 50 हजार से ज्यादा दैनिक मामले 7 नवंबर को दर्ज किए गए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इसी दौरान कोविड-19 से 524 मौतें हुई, जिसके बाद कुल मौतों का आंकड़ा 1,35,223 तक पहुंच गया।

देश में फिलहाल 4,52,344 वायरस के सक्रिय मरीज हैं। अब तक 86,79,138 मरीजों को रिकवर होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। पिछले 24 घंटों में 36,367 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई।

देश में रिकवरी रेट 93.66 प्रतिशत है। जबकि मृत्यु दर 1.46 फीसदी है।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 84,464 सक्रिय मरीज हैं और यहां अब तक कोविड-19 से 46,748 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। महाराष्ट्र के बाद स्थान आता है आंध्र प्रदेश और कर्नाटक का। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मामले में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

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राष्ट्रीय

किसानों के विरोध को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने 500 कर्मियों को तैनात किया

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farmers protest
Farmers Protest (File Picture)

गुरुग्राम, 25 नवंबर। केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विभिन्न किसान संगठनों की ओर से आंदोलन के लिए दिल्ली चलो के आह्वान के मद्देनजर, गुरुग्राम पुलिस ने बुधवार को यात्रा के लिए इडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने यात्रा के लिए सलाह इसलिए जारी की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

जिला प्रशासन और पुलिस ने गुरुग्राम जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और विभिन्न किसान संगठनों द्वारा 26 नवंबर को बुलाए गए विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए विस्तृत व्यवस्था की है।

जिले में सात प्रवेश बिंदु चिन्हित किए गए हैं। गुरुग्राम पुलिस के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) सहित पर्यवेक्षी अधिकारियों को वहां तैनात किया गया है। इन प्रवेश बिंदुओं पर 500 से अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

गुरुग्राम जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने कहा, जिले में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सात पर्यवेक्षी अधिकारियों और ड्यूटी प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जिनकी अगुवाई में अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी सौंपी गई है। प्रत्येक पुलिस दल के साथ निरीक्षकों, अपराध दलों (क्राइम टीम) और फोटोग्राफी टीमों को भी तैनात किया जाएगा।

इन सात स्थानों का विवरण देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि डीसीपी साउथ, धीरज कुमार सेतिया को कापड़ीवास सीमा पर पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। इस स्थान पर ड्यूटी प्रभारी एसीपी मानेसर, हितेश यादव होंगे।

इसके अलावा पंचगाव चौक पर भी सुपरवाइजरी अधिकारी धीरज कुमार सेतिया रहेंगे। यहां पर उनके साथ एसीपी क्राइम प्रीतपाल को ड्यूटी इंचार्ज लगाया गया है।

वहीं सिरहौल-दिल्ली बॉर्डर पर डीसीपी वेस्ट, दीपक सहारन को सुपरवाइजरी अधिकारी व एसीपी अशोक को ड्यूटी इंजार्च नियुक्त किया गया है, जबकि बारगुर्जर में डीसीपी मानेसर, नितिका गहलोत को सुपरवाइजरी अधिकारी व एसीपी सदर अमन यादव को ड्यूटी इंचार्ज लगाया गया है।

इसके अलावा पंचगांव-मोहम्मदपुर अहीर रोड पर होटल वेस्टर्न कंट्री क्लब के निकट पड़ने वाले बॉर्डर पर भी सुपरवाइजरी अधिकारी डीसीपी मानेसर नितिका गहलोत को नियुक्त किया गया है और इनके साथ ड्यूटी इंचार्ज एसीपी ट्रफिक संजीव बल्हारा को लगाया गया है।

कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे (केएमपी) गुरुग्राम-नूंह बॉर्डर पर भी डीसीपी मानेसर नितिका गहलोत सुपरवाइजरी अधिकारी होंगी और एसीपी पटौदी वीर सिंह को ड्यूटी इंचार्ज लगाया गया है।

पुलिस बल के अलावा सभी ड्यूटी स्थल पर आंसूगैस की दो-दो पार्टियां (इकाई) तैनात रहेंगी। वज्र वाहन, फायर ब्रिगेड, क्रेन व एंबुलेंस भी मौके पर मौजूद रहेंगी।

तीन रिजर्व पुलिस बल एंटी रायट उपकरणाों के साथ रहेंगे। इसके अलावा दो रिजर्व पुलिस बल दंगा-रोधी उपकरणों के साथ तैयार रहेंगे। पुलिस उपायुक्त मानेसर को एक महिला रिजर्व पुलिस बल अलग से उपलब्ध कराई गई।

प्रवक्ता ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों ने किसी भी सड़क को अवरुद्ध किया तो यातायात को मोड़ दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने पहले ही अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है।

एहतियात के तौर पर जिले में सात डायवर्जन बिंदुओं की पहचान की गई है, जहां एसीपी रैंक के अधिकारियों को पर्यवेक्षी अधिकारियों के रूप में नियुक्त किया गया है और उनके साथ पुलिस प्रभारी या यातायात निरीक्षक को भी तैनात किया गया है।

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राष्ट्रीय

हरियाणा की सीमाओं पर इकट्ठा हुए हजारों किसान

दिल्ली पुलिस की तरफ से भी किसानों को साफ कह दिया गया है कि वे किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन में शामिल न हों। यदि किसान दूसरे राज्यों से दिल्ली आए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Farmers Demonstration

चंडीगढ़, 26 नवंबर । बढ़ते तनाव के बीच पंजाब में हरियाणा की सीमा पर विभिन्न जगहों पर गुरुवार को हजारों प्रदर्शनकारी किसान रात भर बारिश और सर्द हवाओं का सामना करते हुए इकट्ठा हुए। केंद्र के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ये लोग दिल्ली चलो के तहत राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ रहे थे जिन्हें हरियाणा पुलिस ने सीमा पर रोक लिया है।

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स समेत पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को तैनात किया गया है और वे बुधवार शाम से किसानों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके चलते पंजाब-हरियाणा सीमा के करीब के कस्बों में रहने वाले लोगों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ा। यहां बस सेवा भी अभी बंद है। किसानों के समूहों के चलते हरियाणा में प्रवेश करने वाली कई लिंक सड़कों को भी बंद कर दिया गया है।

भारी सुरक्षा तैनाती और राजमार्ग पर बैरिकेडिंग से असंतुष्ट एक प्रदर्शनकारी किसान गुरदेव सिंह ने अंबाला शहर के पास शंभू सीमा पर मीडिया से कहा, हम उन सभी बाधाओं को हटा देंगे जो हमें आगे नहीं बढ़ने देंगी। उन्होंने यहां तक कहा कि वे गोलियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।

पूरे क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई है और पूरी सीमाओं पर एक तरह से किलेबंदी कर दी गई है। इससे एक दिन पहले किसानों की हरियाणा पुलिस के साथ जमकर हाथापाई हुई थी, जब पुलिस उन्हें दिल्ली की ओर आगे बढ़ने से रोकने में विफल रही थी। प्रदर्शनकारियों में पुरुष-महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। यहां तक कि स्कूल-कॉलेज के छात्र भी हैं जो ट्रैक्टर-ट्रेलर, कार और मोटरसाइकिल के जरिए पंजाब से हरियाणा में प्रवेश करने में कामयाब रहे। इन पर पानी की तेज धार भी छोड़ी गई।

बाद में ये लोग हरियाणा में मौजूद हजारों प्रदर्शनकारियों के साथ मिल गए, जिनका नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राज्य प्रमुख गुरनाम सिंह चारुनी कर रहे हैं। चारुनी ने कहा, पुलिस को हमारे कार्यकर्ताओं और वाहनों को छोड़ देना चाहिए। हम बैरिकेड्स तोड़ते हुए दिल्ली की ओर मार्च करेंगे।

बता दें कि पुलिस ने हरियाणा के लगभग 100 किसान नेताओं को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुमान के मुताबिक दोनों राज्यों के लगभग 3 लाख किसान दिल्ली चलो आंदोलन के तहत दिल्ली पहुंचने के लिए तैयार हैं।

ये किसान 33 संगठनों से जुड़े किसान संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा हैं, जो 470 से अधिक किसान यूनियनों का अखिल भारतीय निकाय है। यह 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी में अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन में भाग लेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी है कि अइगर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी जाने से रोका गया तो वो दिल्ली की ओर जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर देंगे। वहीं हरियाणा में प्रवेश करने से रोके गए किसान संगठनों के नेताओं ने घोषणा की है कि वे एक सप्ताह के लिए बठिंडा और सिरसा जिलों के बीच डबवाली बैरियर पर धरना देंगे।

बीकेयू (उग्राहन) के अध्यक्ष जोगिंदर उग्राहन ने कहा, अगर हमें गुरुवार को हरियाणा और दिल्ली की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो हम एक हफ्ते तक सीमाओं पर विरोध करेंगे। दिल्ली पुलिस ने किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने के लिए कहा है क्योंकि उनके पास शहर में विरोध करने की अनुमति नहीं है।

हरियाणा पुलिस ने भी ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को पंजाब और दिल्ली के साथ राज्य की सीमाओं के साथ कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने से बचने के लिए कहा है। प्रदर्शनकारी 4 प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों अंबाला से दिल्ली, हिसार से दिल्ली, रेवाड़ी से दिल्ली और पलवल से दिल्ली के जरिए यहां आना चाहते हैं।।

कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों ने आशंका व्यक्त की है कि ये कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म कर देंगे, जिससे वे बड़े कॉपोर्रेट संस्थानों की दया पर निर्भर हो जाएंगे।

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