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स्वास्थ्य

ये टिप्स के साथ अपनी त्वचा को बनाएं गुगली-वुगली वूश

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त्वचा

जैसे-जैसे तापमान नीचे गिरता है साथ ही साथ गिरती है आपकी त्वचा की सेहत सर्दियों में. यहां हैं कुछ टिप्स जिनकी मदद से आप आराम से सर्दियों के ये कुछ महीनें काट सकती हैं.
1. प्रोडक्ट्स बदलें
सबसे ज़रूरी चीज़ सबसे पहले, जिस तरह सर्दियों के लिए आपके कपड़े बदलते हैं, ठीक उसी तरह आपके स्किनकेयर प्रोडक्ट्स भी सर्दियों में बदलने चाहिए. जो प्रोडक्ट्स आप गर्मियों में इस्तेमाल कर रहीं थी
2. ऐल्कॉहल को कहें ना
सर्दियों में इस्तेमाल करने वाले प्रोडक्ट्स के लेबल ध्यान से पढ़ें और ऐल्कॉहल वाले प्रोडक्ट्स को अवॉएड करें क्योंकि ये आपकी त्वचा को रूखा बनाते हैं.
3. कोमलता से करें क्लेंज़
चेहरे को साफ करने के लिए साबुन की जगह फेस वॉश का इस्तेमाल करें. सर्दियों के लिए एक क्रीमी फेस वॉश ठीक रहेगा, इसे कुछ सेकेंड्स के लिए लगाएं और फिर धो लें. बहुत ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल ना करें क्योंकि ये आपकी त्वचा के नैचुरल ऑयल्स को निकालकर को और रूखा बना देता है. इसकी जगह गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.

4. टोनर नहीं है ज़रूरी
इस मौसम में टोनर इस्तेमाल करना ज़रूरी नहीं है. हालांकि मॉइश्चराइज़ करना ना भूलें. हल्के गीले चेहरे पर कोई मॉइश्चराइज़िंग लोशन इस्तेमाल करें. चेहरे पर Vaseline या पेट्रोलियम जेली ना लगें – इसे सिर्फ हाथ और पैरों पर ही लगाएं. हफ्ते में एक बार डेड स्किन सेल्स को हटाने के लिए स्क्रब ज़रूर करें.
5. नहाने से पहले
नहाने से पहले कम से कम 5-10 मिनट अपनी त्वचा को मॉइश्चराइज़ करें. हाथ और पैरों पर बेबी ऑयल या ऑलिव ऑयल से मसाज करें नमी को बनाए. अपनी त्वचा को एक्सफॉलिएट करने के लिए लूफा का इस्तेमाल करें और एड़ियों को स्क्रब करने के लिए प्यूमिस स्टोर का.

फाइल फोटो

फाइल फोटो

6. पानी में तेल मिलाएं

भले ही आपको सर्दियों में गर्म पानी से नहाना कितना ही पसंद क्यों ना हो पर ये आपकी त्वचा के लिए अच्छा नहीं है. अपने नहाने के पानी में बाथ आयल्स मिलाएं जिससे कि बहुत गर्म पानी आपकी त्वचा को नुकसान ना पहुंचाए. एक बाल्टी पानी मे एक भरा ढक्कन काफी है, इससे ज़्यादा तेल आपके शरीर को चिपचिपा बनाएगा.
7. साबुन का रखें ध्यान
इस मौसम में आम साबुन आपकी त्वचा के लिए ठीक नहीं हैं. इसकी जगह ग्लिसरीन-बेस्ड या मॉइशचराइज़िंग साबुन या बॉडी वॉशेज़ का इस्तेमाल करें.

8. हाथों का भी रखें ध्यान
हमारे हाथ-पैंरों में बहुत कम ऑयल ग्लैंड्स होते हैं जिसके चलते ये बहुत आसानी से खुश्क हो जाते हैं. बाहर निकलने से पहले अपने हाथों पर लैक्टिक ऐसिड युक्त क्रीम्स या बादाम का तेल लगाएं और ग्लव्ज़ पहनें. हफ्ते में एक बार इन्हें 5-10 मिनट के लिए इन्हें गुनगुने पानी में डुबोने के बाद अच्छी क्रीम से मसाज करें.
9.पैरों का भी फटने
अपने पैरों को फटने से बचाने के लिए, सोने से पहले पैरों पर क्रीम लगाएं और फिर मोज़े पहनें. रोज़ाना अपने मोज़े बदलें क्योंकि फटी एड़ियों में जल्दी इन्फेक्शन होता है.
10. मेकप मस्ट-हैव्ज़
मेकप लगाने से पहले हमेशा मॉइश्चराइज़िंग लोशन लगाएं. मेकप लगाते या हटाते वक्त ज़्यादा सख्ती ना बरतें इससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है. शिमर लिपस्टिक्स और ब्लशेज़ की जगह मैट का इस्तेमाल करें. ऐल्कॉहल-बेस्ड प्रोडक्ट्स से भी दूर ही रहें. मेडिकेटेड या फ्लेवर्ड लिप बाम्स की जगह प्लेन वाले इस्तेमाल करें.

wefornews bureau

राष्ट्रीय

दिल्ली अपनी क्षमता से 4 हजार परीक्षण कम कर रही है : हाई कोर्ट

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Corona Test-min

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक बार फिर से दिल्ली सरकार की खिंचाई की है और कहा है कि दिल्ली रोजाना 15,000 आरटी-पसीआर परीक्षण कर सकती है, लेकिन वह 11,000 ही कर रही है ।

जस्टिस हेमा कोहली और सुब्रमोनियम प्रसाद की एक डिवीजन बेंच ने कहा, “दिल्ली में आरटी-पीसीआर मोड के जरिए रोजाना 15 हजार परीक्षण करने की क्षमता है लेकिन 4,000 आरटी-पीसीआर परीक्षण कम हो रहे हैं, लिहाजा 14 सितंबर से 27 सितंबर 2020 के दौरान मामलों की संख्या के रोजाना 3,500-4,000 के बीच आने का कोई मतलब ही नहीं है।

अदालत ने आगे कहा कि सीरो सर्वे -3 की रिपोर्ट में आईजीजी एंटीबॉडीज 28.7 प्रतिशत से घटकर 25.1 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा, “उत्तर-पश्चिम और मध्य जिलों में गिरावट आई है, लेकिन पश्चिम, दक्षिण, उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी जिलों में वृद्धि हुई है। जिससे निष्कर्ष निकलता है कि केन्द्रीय, पूर्वोत्तर और उत्तर जिलों में सर्वे के नूमनों पर ध्यान देने की जरूरत है।

अदालत के समक्ष दायर अपनी रिपोर्ट में सरकार ने कहा कि जियोस्पेशियल दिल्ली लिमिटेड ने ड्राफ्ट मैप में बदलावों को शामिल किया है।

आदेश में उल्लेख किया गया, “मैप में दिल्ली के कुल 320 परीक्षण स्थलों का उल्लेख किया गया है। इस मेप को डीएमआरसी के साथ साझा किया गया है, जिन्हें सभी प्रमुख मेट्रो स्टेशनों और साइटों पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसे विभिन्न वेबसाइटों पर प्रदर्शित करने के लिए दिल्ली राज्य मिशन को भी भेजा गया है।”

दिल्ली सरकार ने यह भी बताया कि मोहल्ला क्लीनिक और सामुदायिक केंद्रों के जरिए कोविड-19 परीक्षण की पहुंच प्रदान करने के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने पर भी विचार चल रहा है। उच्च न्यायालय ने अगले सीरो सर्वे की तारीखें साझा करने के लिए कहते हुए मामले की सुनवाई 7 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी है।

अदालत ने यह निर्देश तब दिया है जब वह राकेश मल्होत्रा द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के परीक्षण बढ़ाने और जल्दी रिपोर्ट देने की मांग की गई है।

आईएएनएस

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अंतरराष्ट्रीय

भारत ने कोविड-19 से हुई मौतों के सही आंकड़े नहीं दिए : ट्रंप

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Donald Trump
File Photo

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत ने कोविड-19 से हुई मौतों के बारे में सही आंकड़े जाहिर नहीं किए हैं। उनके और डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन के बीच मंगलवार रात हुई पहली बहस के दौरान, दोनों ने महामारी के कारण हुई मौतों के बारे में विस्तार से अपनी बात रखी और एक-दूसरे पर निशाना भी साधा।

बाइडन ने कहा कि अमेरिका में कोरोनवायरस से मरने वाले 2 लाख लोग वैश्विक मौतों (10 लाख) का 20 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका की आबादी दुनिया का केवल 4 प्रतिशत है।

ट्रंप ने इस पर पलटवार करते हुए कहा जब आप संख्या के बारे में बात करते हैं तो क्या आप जानते हैं कि चीन में कितने लोग मारे गए? आप जानते हैं कि रूस में कितने लोग मारे गए? आप नहीं जानते कि भारत में कितने लोग मारे गए। वे आपको सही आंकड़ें नहीं देते हैं।

ट्रंप ने कहा कि महामारी चीन की गलती है, लेकिन बाइडन ने चीन की भूमिका का इस्तेमाल ट्रंप पर दोष मढ़ने के लिए करना चाहा।

क्लीवलैंड में पहली बहस घरेलू मुद्दों को लेकर हुई और एजेंडा में कोई अंतर्राष्ट्रीय सवाल नहीं था। फॉक्स न्यूज के क्रिस वैलेस ने इसे मॉडरेट किया। भारत और दो अन्य देशों का उल्लेख इसे अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में ले गया।

इससे पहले अपने न्यूज कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने भारत द्वारा रिकॉर्ड कोविड-19 परीक्षण करने को लेकर परीक्षण मामले में दुनिया में दूसरा सबसे बेहतर देश बताया था और सिर्फ अमेरिका को उससे आगे बताया था।

आईएएनएस

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स्वास्थ्य

कोरोना वैक्सीन आने से पहले दुनियाभर में मौतों का आंकड़ा 20 लाख तक पहुंच सकता है : डब्ल्यूएचओ

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WHO Tedros Adhanom Ghebreyesus

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि कोरोना का प्रभावी वैक्सीन व्यापक रूप से इस्तेमाल में लाए जाने से पहले दुनियाभर में कोरोनोवायरस से मरने वालों की संख्या 20 लाख तक पहुंच सकती है।

बीबीसी के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन प्रमुख माइक रायन ने शुक्रवार को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाने की स्थिति में यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है।

चीन में प्रकोप शुरू होने के नौ महीने बाद दुनियाभर में कोविड -19 से मरने वालों की संख्या तेजी से 10 लाख होने की ओर बढ़ रही है।

रायन ने यूरोपीय लोगों से खुद से यह पूछने का आग्रह किया कि क्या उन्होंने लॉकडाउन की आवश्यकता से बचने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं।

उन्होंने सवाल किया कि क्या सभी विकल्प लागू किए गए थे, जैसे परीक्षण और ट्रेसिंग, क्वारंटीन, आइसोलेशन, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और हाथ धोना।

इससे पहले, स्पेन की राजधानी मैड्रिड ने कोरोना के मद्देनजर आठ और जिलों में सख्त प्रतिबंध लगा दिए जो अब शहर के 10 लाख लोगों को प्रभावित करते हैं।

फ्रांस में, दक्षिणी शहर मार्सिले में बार और रेस्तरां के कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थलों को बंद करने का विरोध किया। वहीं, ब्रिटेन में दैनिक संक्रमण मामले बढ़ने के साथ कई क्षेत्रों में सख्त प्रतिबंधों की घोषणा की गई है।

आईएएनएस

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