राजनीतिहंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

IANSJuly 19, 20211021 min
Indian Parliament

लोकसभा में सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन बार-बार व्यवधान देखने को मिला और अंतत: विपक्ष के हंगामे के बीच इसे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और कथित फोन टैपिंग मामले सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।

 

निचले सदन को सुबह 11 बजे के बाद से विपक्ष की ओर से किए गए हंगामे का सामना करना पड़ा।

 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सदन के कामकाज को जारी रखने के बार-बार प्रयासों के बावजूद, विपक्षी दलों के सांसद अध्यक्ष के पोडियम के पास एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

 

हंगामे के बाद दो बार बैक टू बैक स्थगन के बाद, स्पीकर ने अंतत: नए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा फोन टैपिंग मुद्दे पर एक विस्तृत बयान देने के बाद सदन को दिन के लिए स्थगित कर दिया।

 

वैष्णव ने कहा, कल रात एक वेब पोर्टल द्वारा एक बेहद सनसनीखेज स्टोरी प्रकाशित की गई थी। इस स्टोरी में कई बड़े आरोप लगाए गए थे। प्रेस रिपोर्ट संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले सामने आई थी। यह संयोग नहीं हो सकता।

 

यह उल्लेख करते हुए कि अतीत में व्हाट्सएप पर पेगासस के उपयोग के संबंध में इसी तरह के दावे किए गए थे। उन्होंने कहा, उन रिपोटरें का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं था और सभी दलों द्वारा उनका खंडन किया गया था। 18 जुलाई की प्रेस रिपोर्ट भी भारतीय लोकतंत्र और अच्छी तरह से स्थापित संस्थानों को खराब करने का एक प्रयास प्रतीत होती है।

 

इस मुद्दे ने मानसून सत्र शुरू होते ही विपक्ष को एक और मुद्दा दे दिया है, जिस पर वह सरकार की तीखी आलोचना कर रहा है। दरअसल रिपोर्ट्स के अनुसार, एक वैश्विक सहयोगी जांच परियोजना से पता चला है कि इजरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप्स के पेगासस स्पाइवेयर को भारत में 300 से अधिक मोबाइल फोन नंबरों को लक्षित किया गया था, जिसमें नरेंद्र मोदी सरकार के दो मंत्री, तीन विपक्षी नेता, संवैधानिक प्राधिकरण, कई पत्रकार और व्यवसायी शामिल हैं।

 

–आईएएनएस

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