क्या कोमा में चले गए हैं उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

Viral सच

क्या कोमा में चले गए हैं उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन

Published

on

Kim-Jong-Un

ययांग: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन (KIM JONG-UN) की सेहत को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी खबरें तैर रही हैं और हर खबर उनकी हालत के गंभीर होने के संकेत दे रहे हैं। अब बताया जा रहा है कि मित्र चीन ने किम के लिए मेडिकल टीम उत्तर कोरिया भेजी है जिसके बाद अब जापानी मीडिया दावा कर रही है कि हार्ट सर्जरी के बाद किम कोमा में चले गए हैं।

जापान के शुकान गेडई वीकली मैगजीन ने शुक्रवार को ऐसा दावा किया है कि उत्तर कोरिया के शासक किम कोमा में चले गए हैं। उनकी महीने की शुरुआत में हार्ट सर्जरी हुई है। इसमें चीनी मेडिकल टीम के सदस्य के हवाले से बताया गया है कि हार्ट संबंधी सामान्य समस्या के इलाज में देरी के काऱण किम गंभीर रूप से बीमार हो गए।

रॉयटर्स के मुताबिक, सूत्र बताते हैं कि वह ग्रामीण इलाके का दौरा कर रहे थे तभी उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई और वह जमीन पर जा गिरे। हालांकि, उस वक्त एक डॉक्टर उनके साथ ही दौरा कर रहा था जिसने उन्हें सीपीआर दिया और फिर अस्पताल में भर्ती कराया।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के इंटरनैशनल लैजन डिपार्टमेंट के सीनियर सदस्यों का एक प्रतिनिधमंडल गुरुवार को उत्तर कोरिया के लिए रवाना हुआ। हालांकि, सूत्रों ने यह बताने से इनकार कर दिया कि वे वहां क्यों गए हैं। हालांकि, दक्षिण कोरिया के अधिकारियों और यहां तक कि एक चीनी अधिकारी ने भी किम के गंभीर रूप से बीमार होने की खबरों का खंडन किया है। दक्षिण कोरिया का कहना है कि उन्हें उत्तर कोरिया में कोई असामान्य गतिविधि नजर नहीं आई है।

Viral सच

एजीआर मामला: वोडाफोन आइडिया बोर्ड का बड़ा फैसला, 25 हजार करोड़ जुटाने को मंजूरी दी

Published

on

vodafone-idea

समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये के भुगतान से जूझ रही निजी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) के निदेशक मंडल ने कंपनी की 25,000 करोड़ रुपये का कोष जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है।

कंपनी निदेशक मंडल की ओर से कोष जुटाने की यह मंजूरी उच्चतम न्यायालय के फैसले के कुछ ही दिन बाद दी गई है। शीर्ष अदालत ने दूरसंचार कंपनियों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये के 10 प्रतिशत का भुगतान इसी वित्त वर्ष में करने का निर्देश दिया है।
कंपनियों को एजीआर के शेष बकाये का भुगतान अगले दस साल के दौरान 10 किस्तों में करना होगा, जिसकी शुरुआत अगले वित्त वर्ष से होगी। कंपनी पर करीब 50,000 करोड़ रुपये का एजीआर का बकाया है। 

नकदी संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया धन जुटाकर कुछ राहत पा सकती है। कंपनी का घाटा लगातार बढ़ रहा है। उसकी प्रति ग्राहक औसत आय (एआरपीयू) घट रही है और ग्राहकों की संख्या भी कमी हुई है। कंपनी यह राशि जुटाने के लिए शेयरधारकों तथा अन्य से आवश्यक मंजूरियां लेगी।

शेयर बाजारों को शुक्रवार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि यह राशि इक्विटी और ऋण के रूप में जुटाई जाएगी। कंपनी ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (जीडीआर), अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स, विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांड (एफसीसीबी), डिबेंचर तथा वॉरंट जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है।

सूचना में कहा गया है, ‘कुल 15,000 करोड़ रुपये के गारंटी और बिना गारंटी वाले गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) एक या अधिक किस्तों में सार्वजनिक पेशकश या निजी नियोजन के आधार पर जारी किए जा सकते हैं।’

शेयरधारकों की 30 सितंबर को प्रस्तावित वार्षिक आमसभा में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। हाल में इस तरह की खबरें आई हैं कि वेरिजॉन और अमेजन कंपनी में चार अरब डॉलर का निवेश कर सकती हैं।

हालांकि, वोडाफोन आइडिया ने कहा है कि वह कॉरपोरेट रणनीति के तहत विभिन्न अवसरों का आकलन करती है, लेकिन इस तरह का कोई भी प्रस्ताव फिलहाल बोर्ड के समक्ष नहीं है। उल्लेखनीय है कि वोडाफोन आइडिया पर एजीआर का कुल बकाया 58,000 करोड़ रुपये से अधिक है। कंपनी इसमें से 7,854 करोड़ रुपये दूरसंचार विभाग को अदा कर चुकी है।

देश के बेहद प्रतिस्पर्धी दूरसंचार बाजार में वोडाफोन आइिडया तीसरी सबसे बड़ी ऑपरेटर है। जियो 2016 में इस बाजार में उतरी थी। उसने ग्राहकों को मुफ्त कॉल और सस्ते डेटा की पेशकश की थी। जियो के प्रवेश के बाद कई दूरसंचार कंपनियों को या तो कारोबार से बाहर निकलना पड़ा, या उनका अधिग्रहण या विलय हो गया। जियो प्लेटफॉर्म्स ने हाल में फेसबुक, गूगल, जनरल अटलांटिक, इंटेल कैपिटल तथा क्वालकॉम वेंचर्स सहित 13 निवेशकों से 1,52,056 करोड़ रुपये जुटाए है।

Continue Reading

Viral सच

कोरोना से जुड़ा सबसे बड़ा झूठ

Published

on

coronavirus Fact Covid

ये सबसे बड़ा झूठ है कि कोरोना वायरस को चीन या अमेरिका ने अपने किसी जैविक हथियार के रूप में विकसित किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश वो प्रयोगशालाओं के तालों और दीवारों को चकमा देकर निकल भागा और अब सारी दुनिया में नरसंहार कर रहा है। जबकि वैज्ञानिक सच्चाई ये है कि आज तक मनुष्य अपनी प्रयोगशालाओं में किसी भी नये जन्तु का निर्माण नहीं कर पाया है। लिहाज़ा, कोरोना वायरस को किसी जैविक हथियार के रूप में पेश करना पूरी तरह से झूठ और भ्रामक है। अलबत्ता, इसमें कोई शक़ नहीं कि कोरोना वायरस के परिवार में COVID-19 एक नया सदस्य है। लेकिन इसकी जननी प्रकृति या क़ुदरत ही है।

वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया और वायरस जैसे घातक सूक्ष्म जीवों को मारने की दवाएँ तो तैयार की हैं, जेनेटिक बदलाव करके कई जीवों की प्रकृति में बदलाव करने में भी सफलता पायी है, लेकिन किसी नये जीव की रचना करने में उसे अभी तक कामयाबी नहीं मिली है। फिर चाहे ऐसे सूक्ष्म जीव इंसानों के लिए फ़ायदेमन्द हो या नुकसानदायक। इंसान अभी तक सिर्फ़ क्लोन पैदा कर सका है, टेस्ट ट्यूब में निषेचन (fertilization) करवा सका है, लेकिन वो शुक्राणु या अंडाणु को प्रयोगशाला में बना नहीं सका है। क्लोन को नया जीव नहीं माना गया है। बल्कि ये महज डुप्लीकेट है। ओरिजनल जैसे गुणों वाला डुप्लीकेट। लेकिन इस डुप्लीकेट को कभी भी ओरिजनल और स्वतंत्र नहीं माना गया।

क्या हैं जैविक और रासायनिक हथियार?

जैविक और रासायनिक अलग ही चीज़ होते हैं। सारी दुनिया में इसके निर्माण पर इस्तेमाल पर बेहद सख़्त पाबन्दी है। परमाणु हथियारों से भी कहीं ज़्यादा सख़्त। जैविक हथियार वो हैं जो ज्ञात घातक जन्तुओं या बीमारियों के संक्रमण के रूप में दुश्मनों पर फेंके जा सकते हैं। जैसे, चेचक के विषाणु। लेकिन इसकी भी कई प्रजाति हैं। जैसे small pox, chicken pox, measles आदि। इसमें से small pox का टीका विकसित करके इसे सारी दुनिया से मिटाया जा चुका है। ऐसे ही हैज़ा, प्लेग, टीबी जैसी बीमारियाँ काबू में हैं। लेकिन यदि कोई देश प्रयोगशालों में इनके कीटाणुओं की संख्या को बढ़ाकर उससे दुश्मन देश को संक्रमित करना चाहे तो ये प्रक्रिया जैविक हथियार का इस्तेमाल या हमला कहलाएगी।

दूसरी ओर रासायनिक हथियार का मतलब है युद्ध में ऐसे ज़हरीले कैमिकल्स को दुश्मन पर फेंकना जिससे उसे जान-माल का भारी नुक़सान हो, जिसमें रसायनों के प्रभाव से सेना या नागरिकों की मौत का ख़तरा हो। ऐसे घातक रसायनों या यौगिकों (compounds) को भी प्रयोगशालाओं में ही बनाया जाता है। ये ठोस, द्रव या गैस – किसी भी रूप में हो सकते हैं। लेकिन इनका निर्माण हमेशा उन प्राकृतिक पदार्थों से होता है जिन्हें क़ुदरत ने बनाया है। मनुष्य तो सिर्फ़ घातक यौगिक बना सकता है। किसी नये जीव की तरह, नया तत्व बनना भी हमेशा इसके बूते से बाहर ही रहा है।

बैक्टीरिया बनाम वायरस

जीव विज्ञान की परिभाषाओं के मुताबिक़, वायरस (विषाणु) और बैक्टीरिया दोनों ही सूक्ष्म जीव हैं। प्रकृति या कुदरत ही दोनों की जननी है। दोनों संक्रामक हैं। दोनों परजीवी हैं। यानी इन्हें पनपने के लिए अन्य प्राणियों के सम्पर्क में आना पड़ता है। दोनों में सबसे बड़ा फ़र्क़ ये है कि बैक्टीरिया जन्मजात तौर पर सजीव होते हैं। इनका प्रसार भी सजीव के रूप में ही होता है। जबकि वायरस बुनियादी तौर पर स्वतंत्र और निर्जीव होता है। लेकिन किसी सजीव प्राणी के सम्पर्क में आने पर थोड़े समय में ही इसमें सजीवों वाले गुण पनप जाते हैं।

एक बार सजीव बनने के बाद वायरस का भी जैविक विभाजन और विस्तार होने लगता है। लेकिन नवजात वायरस भी अपने पैतृक स्वभाव की वजह से तब तक निर्जीव ही बना रहता है जब तक कि वो किसी सजीव प्राणी में प्रवेश करके वहाँ फलने-फूलने ना लगे। सजीव के सम्पर्क के आने के बाद जल्द ही ये भी सजीव बन जाता है। मानव शरीर में एक ही तरह के लक्षण दिखाने वाले फ़्लू और इन्फ़्लूएंजा के वायरसों की दो सौ से भी अधिक ज्ञात किस्में हैं। इनके गुण-धर्म एक जैसे नहीं होते इसीलिए वैज्ञानिक मनुष्यों में फ़्लू पैदा करने वाले वायरसों का आज तक कोई ऐसा टीका नहीं विकसित कर पाये सके जो हरेक तरह के वायरस पर प्रभावी हो।

रोचक बात ये भी है कि चाहे जिस तरह का वायरस हो उसकी ज़िन्दगी यानी उम्र चार-छह दिन से ज़्यादा की नहीं होती है। इसीलिए इससे पैदा होने वाली तकलीफ़ें भी हफ़्ते-दस दिन बाद दूर होने लगती हैं। इस दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता वायरसों के लक्षणों से ख़ुद को उबार ही लेती है। इसीलिए वायरसों को तब तक जानलेवा नहीं माना जाता जब तक कि वो अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज़ों की दशा में और बेकाबू ना बना दे। इसीलिए, डॉक्टरों को बस वायरस के पीड़ित मरीज़ों को कष्टकारी लक्षणों को क़ाबू में रखना होता है और वो इसके लिए ही दवाइयाँ देते हैं।

दूसरी चुनौती होती है, वायरस को फ़ैलने से रोकना। इसके लिए ही अत्यधिक साफ़-सफ़ाई और सम्पर्क-विहीनता पर ज़ोर दिया जाता है। यदि वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलेगा नहीं तो अपनी अल्प-आयु की वजह से भी ख़ुद ही बेअसर बन जाएगा। दूसरी ओर, बैक्टीरिया अपनी वृद्धि स्वतंत्र रूप से करता है। इसीलिए इसके संक्रमण और दुष्प्रभाव की रोकथाम के लिए डॉक्टर को एंटी बायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ता है। कमज़ोर शरीर पर बैक्टीरिया से पीड़ित होने की आशंका ज़्यादा रहती है। कोई मरीज़ बैक्टीरिया और वायरस दोनों से पीड़ित हो सकता है। इसीलिए डॉक्टरों को एंटी बायोटिक दवाओं की निर्धारित ख़ुराक यानी कोर्स के ज़रिये बैक्टीरिया का सफ़ाया करना पड़ता है। ये दवाएँ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं। बैक्टीरिया के गुण-धर्मों की वजह से उनके टीके बना पाना सम्भव हुआ है जबकि यही काम वायरस के लिए कर पाना हमेशा से बेहद कठिन साबित हुआ है।

Continue Reading

Viral सच

कोरोना वायरस के डर से चिकन की जगह कटहल की मांग बढ़ी

हालांकि, इस मेले ने वायरस के प्रकोप के बीच लोगों के मन से चिकन, मटन और मछली के सेवन को लेकर आशंकाएं दूर करने में कुछ खास काम नहीं किया।

Published

on

By

लखनऊ, 11 मार्च | कोरोना वायरस के डर से जहां चिकन, मटन की बिक्री में कमी आ रही है, वहीं इसके विकल्प के तौर पर कटहल की बिक्री बढ़ रही है। कटहल अब 120 रुपए किलो बिक रहा है, जो कि इसकी सामान्य कीमत 50 रुपए किलो से 120 फीसदी ज्यादा है। इस समय कटहल की कीमत चिकन की कीमत से ज्यादा है। अभी चिकन, मांग में कमी के कारण महज 80 रुपए किलो बिक रहा है, जो कि आमतौर पर 130 से 150 रुपए किलो बिकता है।

नियमित रूप से नॉन-वेज खाने वाली पूर्णिमा श्रीवास्तव ने कहा, “मटन बिरयानी खाने से बेहतर है कटहल बिरयानी खाना। यह स्वाद में अच्छी है। बस, एक समस्या है कि कटहल सब्जी मार्केट में गायब है और इसे ढूंढना थोड़ा मुश्किल हो रहा है।”

कोरोना वायरस के डर ने मुर्गी पालन व्यवसाय को खासा नुकसान पहुंचाया है। पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन ने गोरखपुर में चिकन मेले का आयोजन किया, ताकि लोगों के मन से इस भ्रांति को निकाला जा सके कि यह पक्षी कोरोना वायरस का वाहक है।

एसोसिएशन के प्रमुख विनीत सिंह ने कहा, “हमने लोगों को चिकन से बने व्यंजन खाने के लिए प्रेरित करने के लिए केवल 30 रुपए प्लेट में चिकन डिश दीं। हमने 1000 किलो चिकन इस मेले के लिए पकाया था, जो कि पूरा बिक गया।”

हालांकि, इस मेले ने वायरस के प्रकोप के बीच लोगों के मन से चिकन, मटन और मछली के सेवन को लेकर आशंकाएं दूर करने में कुछ खास काम नहीं किया।

Continue Reading
Advertisement
Coronavirus
राष्ट्रीय47 mins ago

भारत में कोरोना के 46,791 नए मामले

Tejashwi Yadav
राजनीति2 hours ago

बिहार चुनाव: तेजस्वी बोले- पहले ही चुनाव हार चुके हैं नीतीश

Earthquake-Strong-1
अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

अमेरिका के अलास्का में भूकंप

मनोरंजन2 days ago

सुशांत मामले में अर्जुन रामपाल की गर्लफ्रेंड का भाई हुआ अरेस्ट

राजनीति2 days ago

सोनिया गांधी का सरकार पर निशाना, कहा- कठिन दौर से गुजर रहा लोकतंत्र

Hotspot in Delhi Police
शहर2 days ago

दिल्ली पुलिस ने त्योहारी सीजन में सुरक्षा बढ़ाई

राजनीति2 days ago

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत का 94वें स्थान पर होना शर्मनाक है: कांग्रेस

Congress protest Flag
राजनीति2 days ago

यूपी हाथरस घटना के विरोध में कांग्रेस 26 अक्तूबर को करेगी देशभर में प्रदर्शन

Imran Khan Pakistan
अंतरराष्ट्रीय2 days ago

मसूद अजहर और हाफिज पर कार्रवाई का दिखावा कर रहा पाक: एफएटीएफ

P Chidambaram
राजनीति2 days ago

बिहार के लोग डर को दरकिनार कर उम्मीद को चुनें : चिदंबरम

Longi Bhuiyan
ब्लॉग4 weeks ago

लौंगी भुइंया से दशरथ मांझी बनने की पूरी कहानी

राजनीति4 weeks ago

किसान बिल पर हंगामे के चलते राज्यसभा के 8 सांसद निलंबित

मनोरंजन2 weeks ago

मुंबई की अदालत ने रिया और शोविक की न्यायिक रिमांड को 20 अक्टूबर तक बढ़ाया

narendra modi Black
ओपिनियन2 weeks ago

बढ़ती बेरोज़गारी, गर्त में जाती अर्थव्यवस्था के बीच सरकारों का निजीकरण पर जोर

Election
चुनाव3 weeks ago

यक़ीनन, अबकी बार बिहार पर है संविधान बचाने का दारोमदार

Narendra Damodar Das Modi
ओपिनियन3 weeks ago

‘टाइम’ में अमरत्व वाली मनमाफ़िक छवि अर्जित करने से श्रेष्ठ और कुछ नहीं!

Hathras and Babri Demolition
ब्लॉग2 weeks ago

हाथरस के निर्भया कांड को बाबरी मस्जिद के चश्मे से भी देखिए

facebook
टेक4 weeks ago

फेसबुक इंडिया के एमडी अजीत मोहन को विधानसभा समिति का नोटिस

Rape Sexual Violence
ज़रा हटके2 weeks ago

राजनीति को अपराधियों से बचाये बग़ैर नहीं बचेंगी बेटियां

Kolkata Knight Riders
खेल3 weeks ago

आईपीएल-13 : कोलकाता ने हैदराबाद को 7 विकेट से हराया

8 suspended Rajya Sabha MPs
राजनीति4 weeks ago

रात में भी संसद परिसर में डटे सस्पेंड किए गए विपक्षी सांसद, गाते रहे गाना

Ahmed Patel Rajya Sabha Online Education
राष्ट्रीय1 month ago

ऑनलाइन कक्षाओं के लिए गरीब छात्रों को सरकार दे वित्तीय मदद : अहमद पटेल

Sukhwinder-Singh-
मनोरंजन2 months ago

सुखविंदर की नई गीत, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को समर्पित

Modi Independence Speech
राष्ट्रीय2 months ago

Protected: 74वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का भाषण, कहा अगले साल मनाएंगे महापर्व

राष्ट्रीय3 months ago

उत्तराखंड में ITBP कैम्‍प के पास भूस्‍खलन, देखें वीडियो

Kapil Sibal
राजनीति4 months ago

तेल से मिले लाभ को जनता में बांटे सरकार: कपिल सिब्बल

Vizag chemical unit
राष्ट्रीय6 months ago

आंध्र प्रदेश: पॉलिमर्स इंडस्ट्री में केमिकल गैस लीक, 8 की मौत

Delhi Police ASI
शहर6 months ago

दिल्ली पुलिस के कोरोना पॉजिटिव एएसआई के ठीक होकर लौटने पर भव्य स्वागत

WHO Tedros Adhanom Ghebreyesus
स्वास्थ्य6 months ago

WHO को दिए जाने वाले अनुदान पर रोक को लेकर टेडरोस ने अफसोस जताया

Sonia Gandhi Congress Prez
राजनीति6 months ago

PM Modi के संबोधन से पहले कोरोना संकट पर सोनिया गांधी का राष्ट्र को संदेश

Most Popular