राजनीतिकेरल के नए कांग्रेस अध्यक्ष सुधाकरन ने कहा: मजबूती से वापसी करेंगे

WeForNews DeskJune 16, 20211911 min

तिरुवनंतपुरम, 16 जून | केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के तुरंत बाद के. सुधाकरन ने अपने उद्घाटन भाषण में बुधवार को कहा कि राज्य में पार्टी ने कुछ भी नहीं खोया है।

सुधाकरन का नाम उस समय चौंकाने वाला था जब पार्टी आलाकमान ने उनके नाम की घोषणा की क्योंकि केरल में पार्टी के अध्यक्ष और अन्य शीर्ष पदों को हमेशा प्रमुख गुटों के बीच बंटा रहता था। इस बार आलाकमान ने तमाम गुट के नेताओं, ओमान चांडी और रमेश चेन्नीथला को नजरअंदाज कर दिया है।

सुधाकरन ने कहा, “मैं राज्य के प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता की मदद चाहता हूं । कृपया मुझे अपना हाथ दें और यदि आप मुझे अपना हाथ देते हैं, तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, हम वापसी करेंगे। फिलहाल कृपया एक पदाधिकारी बनने की उम्मीद न करें । इसके बजाय हम सभी को अपनी पार्टी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने दें। मैं आप सभी को यह भी आश्वासन देता हूं कि मैं देखूंगा कि मैं अपने कृत्यों या कार्यों से हमारी पार्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा।”

सुधाकरन ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर निशाना साधा। उन्होंने उनके हालिया बयान की आलोचना करते हुए यह संकेत दिया कि वह भाजपा/आरएसएस का विस्तार हैं।

सुधाकरन ने कहा, “हर कोई जानता है कि विजयन ने बीजेपी/आरएसएस की मदद ली है, जब उन्होंने चुनाव लड़ा था। यह कांग्रेस ही है जिसने बीजेपी/आरएसएस से लड़ाई लड़ी है और किसी अन्य पार्टी ने नहीं।”

निवर्तमान अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा, ” सभी जानते हैं कि दूसरी पिनराई विजयन सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विजयन के बीच एक गुप्त समझौते के कारण सत्ता में आई थी।”

रामचंद्रन ने कहा, “भले ही हम विधानसभा चुनाव हार गए कांग्रेस और सीपीआई-एम के बीच वोट प्रतिशत में अंतर केवल 0.5 प्रतिशत है । इसलिए हमारे पास निराश होने का कोई कारण नहीं है। हम कर सकते हैं और हम ²ढ़ता से वापस आएंगे । इसके लिए हम सभी को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।”

विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने सभी को याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली अलग है और यह उस पार्टी की तरह नहीं है जहां एक व्यक्ति सब कुछ तय करता है और बाकी लोग ताली बजाकर उसका अनुसरण करते हैं।

सतीसन ने कहा, “हमारी एक ऐसी पार्टी है जहां हर कोई चर्चा और बहस कर सकता है। हमारे पास कई वरिष्ठ नेता हैं जो हमारे नए अध्यक्ष सुधाकरण के साथ हमें आगे ले जाने के लिए होंगे। अतीत में भी हमारी पार्टी को यहां और भी खराब चुनावी उलटफेर (1969) का सामना करना पड़ा था। इसलिए हम सभी एक साथ काम कर सकते हैं और वापसी कर सकते हैं।”

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