काबुल: एनजीओ में कराम करने वाली भारतीय महिला का अपहरण | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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काबुल: एनजीओ में कराम करने वाली भारतीय महिला का अपहरण

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काबुल: अफगानिस्तान के काबुल में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ में काम करने वाली भारतीय महिला के अपहरण की घटना सामने आई है।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक यह महिला आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क में कार्यरत है और उसका परिवार कोलकाता में रहता है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय दूतावास ने यह मामला अफगानिस्तान के अधिकारियों तक पहुंचाया है और सरकार अफगान सरकार के संपर्क में हैं।

इसके साथ ही महिला को रिहा कराने की कोशिश चल रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि महिला की जल्द रिहाई के लिए कई तरह की कोशिशें की जा रही हैं।

इसके साथ ही सरकार कोलकाता में महिला के परिवर से भी संपर्क में है।

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पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज FIR पर 24 सितंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने आज पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ हिमाचल प्रदेश में दर्ज एक देशद्रोह के केस में उनकी गिरफ्तारी पर रोक को अगली सुनवाई 24 सितंबर तक बढ़ा दिया है।

विनोद दुआ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले शिमला के भाजपा नेता की ओर से महेश जेठमलानी और केंद्र सरकार की ओर से एएसजी एसवी राजू ने अपनी दलीलें रखीं।

सुनवाई के दौरान जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट के 31 मार्च के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें प्रवासी मजदूरों को लेकर आदेश दिया गया है। उस आदेश में मीडिया कवरेज को लेकर जो आदेश दिया गया है उसका विनोद दुआ ने उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि यह सच है कि फर्जी खबरों की वजह से मजदूरों में डर फैल गया और वे बड़ी तादाद में अपने घर जाने लगे।

जेठमलानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस दिन आदेश दिया था उसी दिन विनोद दुआ ने पोडकास्ट किया था और कहा था कि लोग हेल्थ वर्कर्स पर पत्थर फेंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी गंभीरता को देखने की जरुरत है, ये लोग कौन थे। जब आप ये कह रहे हैं कि ‘लोग कह रहे हैं, तो ये एक अफवाह होती है। अगर यह खबर सही है तो ये ब्राडकास्ट गलत है और ऐसे में विनोद दुआ हिंसा फैलाने के दोषी हैं। वे लोगों को सरकार की ओर से चलाए जा रहे क्वारेंटाईन सेंटर जाने से रोक रहे थे।

जेठमलानी ने 1 जून के ब्राडकास्ट का ट्रांसक्रिप्ट पढ़ते हुए कहा कि हर दृष्टिकोण से विनोद दुआ ने झूठ बोला। उन्होंने कहा कि दुआ ने नागरिक अवज्ञा की बात कहकर लोगों की भावनाओं का शोषण किया। जेठमलानी ने कहा कि सुदर्शन टीवी के मामले में कोर्ट ने टीवी चैनल्स के फंडिंग के स्रोत को सार्वजनिक करने को कहा था। ये मामला अभी चल रहा है।

केंद्र सरकार की ओर से एएसजी एसवी राजू ने कहा कि पत्रकारों और मीडिया को विशेष अधिकार नहिं है। क्षेत्राधिकार नहीं होने के बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज करने से मना नहीं कर सकती है। इस मामले में आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 188 का उपयोग किया गया है।

उन्होंने कहा कि हिंसा की कोशिश या उसके लिए उकसाने की कोशिश भी संज्ञेय अपराध है, भले ही हिंसा न हुई हो। राजू ने कहा कि पत्रकार प्रोफेशनल्स नहीं होते हैं। प्रोफेशनल होने के लिए मुवक्किल से संबंध होना चाहिए लेकिन पत्रकारों का कोई मुवक्किल नहीं होता है।

इस मामले में शिमला पुलिस पहले ही अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर चुकी है। पिछले 7 जुलाई को कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वो विनोद दुआ पर दर्ज एफआईआर में अब तक हुई जांच के दस्तावेज दाखिल करें। कोर्ट ने विनोद दुआ की गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी बढ़ा दिया था।

सुनवाई के दौरान विनोद दुआ की ओर से वकील विकास सिंह ने कहा था कि केंद्र सरकार की आलोचना करने के चलते उन्हें परेशान किया जा रहा है। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर हम दुआ की दलील से सहमत हुए तो एफआईआर रद्द कर देंगे। कोर्ट ने कहा था कि विनोद दुआ को हिमाचल पुलिस के पूरक प्रश्नों के उत्तर देने की जरुरत नहीं है।

विनोद दुआ की याचिका पर पिछले 14 जून को सुनवाई करते हुए केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया था। जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली बेंच ने दो हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने दुआ की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। विनोद दुआ के खिलाफ शिमला में बीजेपी के एक नेता ने देशद्रोह का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है। शिमला पुलिस ने विनोद दुआ को पूछताछ के लिए तलब किया है। बता दें कि दिल्ली में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पिछले 11 जून को दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में जांच पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी।

दिल्ली में विनोद दुआ पर बीजेपी के प्रवक्ता नवीन कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में विनोद दुआ पर अपने यूट्यूब चैनल के जरिये झूठी सूचना देने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में कहा गया है कि विनोद दुआ ने दिल्ली दंगों को लेकर अपने शो में वैमनस्य फैलाने का काम किया है। इससे कोरोना के संकट के दौरान लोगों के बीच सद्भाव खत्म होने की आशंका है। आपको बता दें कि दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने पिछले 10 जून को विनोद दुआ को अग्रिम जमानत दे दी थी।

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दिल्ली में कोरोना के 4127 नए मामले, 30 की मौत

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दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार भारी इजाफा हो रहा है।  हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली में 4,127 नए कोरोना के मामले दर्ज हुए हैं।

इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 2,38,828 हो गई है। वहीं एक दिन में 30 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। जबकि 3,568 मरीज ठीक होकर घर लौट गए हैं।

वहीं दिल्ली में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या कुल 4,907 हो गई। हालांकि राहत की बात ये है कि यहां कोरोना को मात देकर स्वस्थ होने वालों की संख्या 2,01,671 पहुंच गई है।

बुलेटिन के अनुसार, राज्य में फिलहाल 32,250 लोगों का संक्रमण का इलाज चल रहा है। वहीं पिछले 24 घंटे में 61,037 से अधिक नमूनों की जांच की गई है।

वहीं दिल्ली में बीते 24 घंटे में 11,203 आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए। 49,834 टेस्ट रैपिड एंटिजन टेस्ट किट द्वारा किए गए। दिल्ली में अब तक कुल 24,30,629 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। वहीं प्रति मिलियन पर 1,27,927 का टेस्ट किया जा रहा है।

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इन राज्यों में 21 सितंबर से फिर खुलेंगे स्कूल, पालन करने होंगे कई दिशा-निर्देश

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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच गृह मंत्रालय की तरफ ने अनलॉक-4 के तहत स्कूलों को खोलने की अनुमति दी जा चुकी है। सरकार की गाइडलाइन्स के मुताबिक 21 सितंबर से कुछ शर्तों और पाबंदियों के साथ स्कूली गतिविधियों को शुरू किया जा सकता है।

हालांकि स्कूलों को फिर से खोलना अनिवार्य नहीं है और इस बारे में फैसला राज्यों को करना है। यही कारण है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए कई राज्यों ने इसकी मंजूरी नहीं दी है। फिर भी कुछ ऐसे राज्य हैं जिन्होंने 21 सितंबर से स्कूलों को खोलने का फैसला किया है।

असम: सोमवार से कक्षा 9 और 12 के छात्रों के लिए अगले 15 दिनों के लिए कक्षाएं फिर से शुरू होंगी जिसके बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
 
हरियाणा: दिल्ली की तरह ही यहां के सीनियर छात्र भी जरुरत पड़ने पर अपने स्कूल जा सकेंगे, लेकिन स्कूल बंद रहेंगे। हरियाणा के करनाल और सोनीपत में दो सरकारी स्कूल पहले ही ट्रायल के तौर पर खुल चुके हैं। उन्होंने छात्रों को रंगों के आधार पर समूहों में विभाजित किया है ताकि वे और उनके शिक्षक सामाजिक दूरी बनाए रख सकें।
 
आंध्र प्रदेश: कंटेनमेंट जोन के बाहर के सरकारी, निजी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान ही फिर से खुलेंगे।
 
जम्मू-कश्मीर: रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में स्कूल 21 सितंबर से आंशिक रूप से फिर से खुलेंगे।
 
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की तरफ से अनलॉक-4 के तहत 21 सितंबर से नौवीं से 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खोलने की इजाजत दी गई थी। हालांकि सरकार ने इसके लिए कई तरफ के दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। 

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