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जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक रिहा

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यासीन मलिक

जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चीफ यासीन मलिक को दो दिन की पुलिस हिरासत के बाद शनिवार को रिहा कर दिया गया।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मलिक और कुछ अन्य अलगाववादियों के खिलाफ चल रहे 29 साल पुराने मामले में उन्हें यहां एक टाडा अदालत में पेश किया गया।

जेकेएलएफ के एक सूत्र ने बताया, “उन्हें अदालत ने रिहा कर दिया और वह अपने घर पहुंच चुके हैं।”

मलिक को दो सप्ताह पूर्व हिरासत में लिया गया था और तब से वह हिरासत में थे। वह कश्मीर घाटी में हुर्रियत नेताओं सैयद अली गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले संगठन सहित विभिन्न अलगाववादी राजनीतिक संगठनों के एकजुट आंदोलनों का नेतृत्व करते रहे हैं।

मलिक दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से 22 जून के उपचुनाव का बहिष्कार करने का आग्रह करते हुए चलाए जा रहे अलगाववादी अभियान में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के कारण यह सीट रिक्त हुई है।

सईद की बेटी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अब अनंतनाग से चुनाव लड़ रही हैं।

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सरकार ने अन्नदाताओं को अपने फंडदाताओं की कठपुतली बना दिया : तेजस्वी

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Tejashwi Yadav

 बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कृषि विधेयकों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि सरकार ने अन्नदाताओं को अपने फंडदाताओं के हाथों की कठपुतली बना दिया है।

तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, “NDA सरकार ने अन्नदाताओं को अपने फण्डदाताओं की कठपुतली बना दिया है, जितनी हड़बड़ी में किसान बिल पास करवाया गया है इससे जाहिर होता है कि इसमें कुछ गड़बड़ी है, इस सरकार को किसान की शान और किसान की जान की रत्ती भर भी परवाह नहीं है।”

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कृषि बिल पर बोली कांग्रेस, कहा- मजदूरों का शोषण और अमीरों का पोषण मोदी सरकार की प्राथमिकता

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Photo-ANI

कृषि बिल को लेकर कांग्रेस पार्टी ने फिर हमला बोला है। संसद भवन के पास विजय चौक पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) से विधायक कुलजीत नागर ने कहा कि मोदी सरकार एक काला कानून लेकर आई है।

हमारे अन्नदाता और जवान देश की सरहदों पर देश की रक्षा करते हैं, लेकिन सरकार ने दोनों का विश्वास खो दिया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के झूठे वादों और खोखले दावों ने उनके वक्तव्यों पर जनता का विश्वास कम करने का काम किया है। प्रधानमंत्री जिस MSP को बढ़ाने का वादा करते थे, आज काले कानून से उसी MSP पर खतरा पैदा कर दिया है।

उन्होंने कहा कि किसान सड़कों पर हैं, लेकिन सत्ता में मस्त मोदी सरकार उनकी रोटी छीनकर अमीरों को देने में लगी है. मजदूरों का शोषण और अमीरों का पोषण मोदी सरकार की प्राथमिकता है. सोमवार को रबी फसलों की MSP घोषणा करने का स्वांग रचा, जो सिर्फ एक ड्रामा है. अब मोदी सरकार MSP की पूरी प्रणाली को खत्म करना चाहती है. 

वहीं, कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अभी-अभी इस देश की त्रासदी देखी, जिस देश के प्रधानमंत्री को रबी और खरीफ फसलों का अंतर नहीं पता, वो प्रधानमंत्री किसान और मजदूर का भला क्या करेगा?

इससे पहले कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा था। राहुल गांधी ने कहा था कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने चुनावों में किसानों से स्वामीनाथन कमिशन वाला MSP देने का वादा किया था। लेकिन 2015 में मोदी सरकार ने कोर्ट में कहा कि वह ऐसा नहीं कर पाएंगे. 2020 में वह काला कानून लेकर आए हैं।

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कोरोना के बादल छटते ही प्रियंका एक्टिव, अब करेंगी वन-टू-वन मुलाकात

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Priyanka-Gandhi

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बादल छटते ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक समीकरण बनाए जाने लगे हैं। ऐसे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक्टिव हो गई है और अब संगठन के नेताओं सहित तमाम लोगों से सीधे तौर पर मिलने का सिलसिला शुरू कर दिया है।

इस कड़ी में वह जेल से हाल ही छूटे डॉ. कफील खान के परिवार के मिलीं तो दूसरी तरफ यूपी कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मुलाकात कर सूबे के सियासी हालात का जायजा लिया।

प्रियंका ने विधानसभा को लेकर तैयारी शुरू कर दी हैं। कोरोना काल में संगठन और पार्टी नेताओं के साथ वर्चुअल बैठकें कर रही थी, पर अब वन-टू-वन यानी सीधे तौर पर मुलाकात करने लगी है।

प्रियंका ने सोमवार से सीधे पार्टी नेताओं से मुलाकात का सिलसिला शुरू किया है। उन्होंने कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम के साथ मुलाकात की। इस दौरान सूबे में पार्टी संगठन की रिपोर्ट ली।

अजय कुमार लल्लू ने बताया कि कोरोना के चलते प्रियंका गांधी लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हर रोज पार्टी संगठन से लेकर तमाम मुद्दों पर बैठक कर उन्हें उठाने का काम कर रही थी।

कोरोना का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन हम घर में बैठ नहीं सकते हैं। ऐसे में प्रियंका गांधी ने अब सीधे तौर पर लोगों के साथ मिलना जुलना शुरू किया है। इस कड़ी में हमारी मुलाकात हुई है और अब यह सिलसिला बाकी नेताओं के साथ भी जारी रहेगा।

बता दें यूपी विधानसभा चुनाव में अब महज डेढ़ साल का समय बचा है। ऐसे में संगठन लेकर लेकर पार्टी नेताओं के साथ प्रियंका गांधी बैठकें भी करेंगी और मुलाकात भी। यह सिलसिला अब लगातार ऐसे ही जारी रहेगा।

सूबे में अनलॉक-4 में काफी छूट दी गई है तो पार्टी की राजनीतिक गतिविधिंया भी बढ़ेंगी और अब हम लोग गांव स्तर पर बैठकें करेंगे। प्रियंका गांधी ने सूबे के नेताओं के साथ अब लगातार ऐसी बैठकें करेंगी, जिसकी शुरुआत अब हो गई है।

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