राष्ट्रीयजामिया और कनाडा विश्वविद्यालय करेंगे अंतर्राष्ट्रीय समर स्कूल का आयोजन

IANSAugust 5, 20213341 min

नई दिल्ली, 5 अगस्त | प्रोफेसर्स और शोधार्थियों सहित युवा शिक्षाविदों के लिए जामिया में ‘क्रॉस कल्चर डायलॉग्स फॉर सोशल ट्रांसफॉर्मेशन, एन्हंसिंग सोशल वर्क रिसर्च एंड टीचिंग मेथड्स’ पर एक अंतर्राष्ट्रीय समर स्कूल का आयोजन किया जा रहा है। यह समर स्कूल कैलगरी विश्वविद्यालय, कनाडा और अंतर्राष्ट्रीय संगठन, एकेडमिक्स विदाउट बॉर्डर्स के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया का समाज कार्य विभाग इस आयोजन में सहायक है।

जामिया की कुलपति प्रोफेसर नजमा अख्तर 5 अगस्त को इस व्याख्यान का उद्घाटन करेंगी। प्रो. एलेन पेरौल्ट, डीन, समाज कार्य संकाय, कैलगरी विश्वविद्यालय भी इस अपना वक्तव्य देंगे।

इंटरनेशनल समर स्कूल का मुख्य लक्ष्य समाज कार्य अनुसंधान और शिक्षण विधियों के नवीनतम विकास में युवा शिक्षाविदों की क्षमता निर्माण पर रहेगा। कैलगरी विश्वविद्यालय द्वारा चिन्हित विशेषज्ञों द्वारा 13 व्याख्यानों की एक श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी।

उत्तर भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों से कुल 60 प्रतिभागियों को इस इंटरनेशनल समर स्कूल में भागीदारी के लिए चुना गया है।

इसके अलावा जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने 3 अगस्त-16 अगस्त, 2021 तक ह्यमानवाधिकार एवं सामाजिक समावेशन में दो सप्ताह का पुनश्चर्या पाठ्यक्रम शुरू किया। यह भारतभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के 60 से अधिक युवा संकाय सदस्यों के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए अनूठा पाठ्यक्रम है।

प्रोफेसर नजमा अख्तर ने पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि क्यों शिक्षण को सबसे महत्वपूर्ण व्यवसायों में से एक माना जाता है। उन्होंने अधिकारों के महत्व पर जोर दिया, विशेष रूप से वर्तमान महामारी के संदर्भ में।

जामिया की यात्रा के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, जामिया ने कई चुनौतियों और बाधाओं के बावजूद कई नई ऊंचाइयां और सम्मान हासिल किए हैं।

उन्होंने मौजूदा महामारी के संदर्भ में अधिकारों के क्षरण के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महामारी के आर्थिक और सामाजिक अधिकारों पर लंबे समय तक चलने वाले परिणाम होने की संभावना है, और इसने एक बार फिर गहरी जड़ों वाली प्रणालीगत असमानताओं पर ध्यान केंद्रित किया है।

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