मनोरंजनअगर राष्ट्र एकजुट नहीं तो उसे राष्ट्र नहीं कहना चाहिए : अमिताभ

Rukhsar AhmadNovember 27, 2018601 min

बॉलीवुड के महनायक अमिताभ बच्चन का कहना है कि एक राष्ट्र जो एकुजुट नहीं है, उसे राष्ट्र नहीं कहना चाहिए।

अमिताभ ने यहां 26/11 मुंबई हमले की 10वीं वर्षगांठ के मौके पर मशहूर गेटवे ऑफ इंडिया में आयोजित इंडियन एक्सप्रेस के ’26/11 सटोरीज ऑफ स्ट्रेंथ’ के तीसरे संस्करण के दौरान यह टिप्पणी की। उनके साथ दिग्गज लेखक जावेद अख्तर भी मौजूद थे।

एकता की ताकत का जिक्र करते हुए अमिताभ ने कहा, इसी जगह पर पिछले साल हमने यह प्रतिज्ञा की थी कि हम कभी भी आतंकवाद को आश्रय नहीं देंगे और आज हम चाहते हैं कि प्यार की ताकत और एकता को जगाने का हमारा सपना पूरा हो। हमारी भावी पीढ़ी को भयमुक्त जीवन देने के लिए हमें एकजुट होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि विनाशकारी मानसिकता रखने वाले लोग हमारे दरवाजों पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन हम उनसे वैसी ही मानसिकता के साथ नहीं लड़ सकते। हम इससे एकता की ताकत के जरिए निपट सकते हैं और यह समय की मांग है। अमिताभ ने कहा कि एकजुट राष्ट्र ही किसी राष्ट्र के निर्माण का रास्ता है।

उन्होंने कहा, “एकजुट होना सामाजिक विकल्प नहीं बल्कि राष्ट्र के निर्माण का रास्ता है। मेरा मानना है कि एकजुट होना एक राष्ट्र होने का प्रमाण है और अगर एक राष्ट्र एकजुट नहीं है तो फिर मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि उसे राष्ट्र नहीं कहना चाहिए।

हमें हमारी भावी पीढ़ी के लिए एक ऐसा माहौल तैयार करना है जहां विनाशकारी मानसिकता वाले हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएं।”कार्यक्रम में जावेद अख्तर ने ‘मुंबई को सलाम’ कविता सुनाकर 26/11 मुंबई हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में केंद्रीय रेलवे मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गायक जावेद अली आदि मौजूद थे।

–आईएएनएस

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