झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में एक बार फिर विश्वास मत हासिल किया है।

82 सदस्यीय सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पर सरकार के पक्ष में 48 मत पड़े, जबकि भाजपा और आजसू पार्टी के सदस्यों ने मत विभाजन के समय सदन का बहिष्कार कर दिया।

इसके साथ ही स्पीकर ने विधानसभा के विशेष सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने इस सत्र में अपनी सरकार की ओर से विश्वास प्रस्ताव पेश करने का फैसला लिया है। राजनीतिक हलके में इसे हेमंत सरकार का शक्ति परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार को अभी झामुमो के 30, कांग्रेस के 15 (कोलकाता के तीन विधायकों को छोड़कर), राजद, भाकपा माले तथा एनसीपी के एक-एक विधायक का समर्थन प्राप्त है। यानी 48 विधायकों का भरपूर समर्थन लेकर सरकार विश्वास प्रस्ताव पेश करेगी।

विधानसभा के वर्तमान अंक गणित के लिहाज से देखें तो सत्ता पक्ष को बहुमत को लेकर किसी तरह का कोई संदेह या संशय नहीं है। सदन में देखना है कि सरकार किन मुद्दों को सामने लाकर विपक्ष को मात देने की कोशिश करती है। क्योंकि विधायकों की संख्या बल के हिसाब से सरकार को बहुमत का संकट नहीं है, सिर्फ सरकार के प्रति सभी सदस्यों के विश्वास को हासिल करने की चुनौती है।

दरअसल कांग्रेस के तीन विधायकों को पैसे के साथ कोलकाता में पकड़े जाने के बाद से देशभर में यह चर्चा शुरू हो गयी कि कांग्रेस के कुछ विधायक झारखंड में महागठबंधन सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा के साथ मिल गये हैं।

इसके बाद चारों ओर सियासी संशय की स्थिति बनी हुई है। इसे खारिज करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश कर और अपने समर्थित विधायकों की संख्या बल सदन में दिखाकर विपक्ष के ऊपर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

Share.

Leave A Reply


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/wefornewshindi/public_html/wp-includes/functions.php on line 5275

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/wefornewshindi/public_html/wp-includes/functions.php on line 5275