हापुड़- झुग्गियों में लगी आग | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रेलवे स्टेशन के पास सोमवार देर रात एक झुग्गी बस्ती में आग लग गई. झुग्गिवालों ने किसी तरह अपनी जान बचाई. सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया.

पुलिस के मुताबिक, जिस बस्ती में आग लगी उसमें करीब 350 झोपड़ियां थीं. आग में करीब 10 झोपड़ी और एक गोदाम पूरी तरह जलकर खाक हो गए. जांच के बाद ही आग लगने के कारण का पता चल पाएगा

इस आग दुर्घटना में बस्ती में रहने वालों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. आग पर काबू पाने के लिए हापुड़ के अलावा गाजियाबाद से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गई थी.

अग्निशमन विभाग के अधिकारी आर.एन. यादव ने बताया, “आग पर काबू पा लिया गया है. आग पहले बस्ती के पास कचरे के ढेर में लगी और उसके बाद चारों तरफ फैल गई.”

Wefornews Bureau

राष्ट्रीय

महाराष्ट्र में 5वीं से 8वीं तक के लिए 27 जनवरी से खुलेंगे स्कूल

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School-m
File Photo

महाराष्ट्र में 5वीं से 8वीं तक के लिए स्कूल खुलने की तारीख तय हो गई है। राज्य में 27 जनवरी, 2021 से स्कूल खुलने जा रहे हैं। इस संबंध में राज्य के शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने घोषणा की है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। शिक्षा मंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर लेते हुए महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ लिखती हैं कि, ‘मुख्यमंत्री ने राज्य में 5 वीं से 8 वीं के छात्रों के लिए कक्षाएं शुरू करने की स्वीकृति दी थी।

उन्होंने कहा, इन कक्षाओं को 27 जनवरी से सभी सावधानियों के साथ खोला जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

वहीं एक अन्य सर्कुलर में बीएमसी ने मुंबई शहर में स्कूलों और कॉलेजों को फिर से खोलने पर रोक लगा दी है। बीएमसी द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार सभी स्कूल और कॉलेज, जो पहले 15 जनवरी तक बंद थे, इसके तहत अब अगले आदेश तक बंद रहेंगे। BMC ने अभी तक दोबारा स्कूल खोलने के लिए कोई डेट शेयर नहीं की है।

देश के अन्य राज्यों में भी स्कूलों ने बड़ी संख्या में स्कूलों को फिर से खोलना शुरू कर दिया है। इसके तहत असम ने सभी छात्रों के लिए पहले ही स्कूल शुरू कर दिया हैं।

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राष्ट्रीय

दिल्ली-NCR में कड़ाके की ठंड के साथ छाया घना कोहरा, विजिबिलिटी बेहद कम, कई फ्लाइट्स रद्द

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Photo-ANI

दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होकर शून्य मीटर रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस मौसम में यह तीसरा मौका है जब दृश्यता कम होकर शून्य मीटर रह गई है। इससे पहले पिछले साल आठ दिसंबर को और इस वर्ष एक जनवरी को दृश्यता कम होकर शून्य मीटर हो गई थी।

अधिकारी ने बताया कि बहुत घना कोहरा होने के कारण पालम एवं सफदरजंग में दृश्यता कम होकर शून्य मीटर पर आ गई है । रविवार को भी राजधानी में घने कोहरे की भविष्यवाणी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार दृश्यता जब शून्य से 50 मीटर के बीच होती है तो वह ‘बहुत घने कोहरे’ की श्रेणी में आता है। इसी प्रकार दृश्यता 51 से 200 मीटर के बीच रहने पर घना कोहरा, 201 से 500 मीटर के बीच मध्यम और 501 से 1000 मीटर के बीच दृश्यता रहने पर कम कोहरा होता है।

दिल्ली में न्यूनतम तापमान आज 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री कम है । लोधी रोड मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजधानी के वायु गुणवत्ता सूचकांक में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह लगातार गंभीर श्रेणी में बनी हुआ है।

राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह नौ बजे 436 दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे का औसत सूचकांक शुक्रवार को 460, बृहस्पतिवार को 429, बुधवार को 354, मंलवार को 293 एवं सोमवार को 243 दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि हवा की गति कम हुई है और इसमें नमी ने प्रदूषको को भारी बना दिया है।

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शहर

बिहार: मानव श्रृंखला को ऐतिहासिक बनाने के आह्वान के साथ किसान महासभा का धरना समाप्त

उल्लेखनीय है कि किसान आंदेालन के समर्थन में बिहार में विपक्षी दलों का महागठबंधन पूरे राज्य में मानव श्रृंखला बनाने की घोषणा की है।

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Bihar Congress Kisan Rally

पटना, 15 जनवरी । केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में पटना के गर्दनीबाग में सात जनवरी से जारी अनिश्चितकालीन धरना 30 जनवरी को महागठबंधन के आह्वान पर आयोजित मानव श्रृंखला को ऐतिहासिक बनाने के साथ शुक्रवार को समाप्त हो गया।

धरना में बैठे लोगों को अंतिम दिन संबोधित करते हुए किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिव सागर शर्मा ने कहा कि, आज किसानों के साथ-साथ देश की आम जनता समझने लगी है कि इस देश में उद्योगपतियों का राज चल रहा है। आज देश की आजादी व लोकतंत्र खतरे में है, जिसे हमें बचाना है।

भाकपा (माले) राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि यह लड़ाई अब किसानों की लड़ाई भर नहीं रह गई है, बल्कि यह लड़ाई अब देश की आजादी की दूसरी लड़ाई साबित हो रही है। उन्होंने कहा, खेती की गुलामी का मतलब है देश की गुलामी। यदि ये तीन कानून लागू हो गए तो खेती चैपट हो जाएगी।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के देश सोमालिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कारपोरेट खेती ने पूरे देश को बर्बाद करने का काम किया। वही कहानी भाजपा सरकार देश मे दुहराना चाहती है।

धरना मे शामिल नेताओं ने कहा कि तीन कानूनों के सम्पूर्ण रूप से रद्द हो जाने तक हम अपने आन्दोलन को जारी रखेंगे। नेताओं ने देश में सभी लोगों से किसानों के समर्थन में आगे आने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि किसान आंदेालन के समर्थन में बिहार में विपक्षी दलों का महागठबंधन पूरे राज्य में मानव श्रृंखला बनाने की घोषणा की है।

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