1 जनवरी से हर नए मोबाइल फोन में होगा 'पैनिक बटन' | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

टेक

1 जनवरी से हर नए मोबाइल फोन में होगा ‘पैनिक बटन’

Published

on

इमरजेंसी कॉल

देश में अगले साल से बिकने वाले सभी मोबाइल फोन में एक ‘पैनिक बटन’ होगा। यह बटन ऐसा होगा, जिसके जरिए किसी भी संकट की स्थिति में आसानी फोन किया जा सकेगा। एक तरह से यह बटन आपातस्थिति में फोन (इमरजेंसी कॉल) करने का जरिया होगा।

1 जनवरी से फोनों में जीपीएस नैविगेशन सिस्टम अनिवार्य
1 जनवरी 2018 से सभी फोनों में जीपीएस नैविगेशन सिस्टम भी अनिवार्य कर दिया गया है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि 2018 की शुरआत से बिकने वाले सभी फोनो में जीवीएस नैविगेशन सिस्टम बना बनाया होना चाहिए।

रविशंकर प्रसाद ने बयान में कहा, प्रौद्योगिकी का एकमात्र उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है और महिला सुरक्षा के लिए इसके इस्तेमाल से और बेहतर क्या होगा। 1 जनवरी 2017 से बिना पैनिक बटन की व्यवस्था वाला कोई मोबाइल फोन नहीं बिकेगा। वहीं 1 जनवरी 2018 से मोबाइल फोनों में बना बनाया (इनबिल्ट) जीपीएस भी होना चाहिए। इस बारे में एक अधिसूचना 22 अप्रैल को जारी की गई है।

5 या 9 नंबर का बटन लंबे समय तक दबाने पर होगी इमरजेंसी कॉल

1 जनवरी 2017 से देश में केवल वही फीचर फोन बिकेंगे जिनमें ‘पांच’ या ‘नौ’ नंबर बटन लंबे समय तक दबाने पर ‘इमरजेंसी कॉल’ का प्रावधान होगा। इसी तरह स्मार्टफोन में भी इमरजेंसी कॉल बटन का प्रावधान करना अनिवार्य है। 1 जनवरी 2018 से सभी मोबाइल हैंडसेट में जीपीएस प्रणाली अनिवार्य की गई है।

wefornews bureau

टेक

लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाना गलत, Twitter से मांगा लिखित स्पष्टीकरण

Published

on

डेटा संरक्षण विधेयक के संबंध में बुधवार को संसद की संयुक्त समिति के समक्ष माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। इस दौरान समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने कहा कि डाटा सुरक्षा पर संयुक्त समिति ने लद्दाख को चीन के भाग के तौर पर दिखाने के लिए ट्विटर से पूछताछ की। समिति की सर्वसम्मत राय है कि लद्दाख को चीन के भाग के तौर पर दिखाने के संबंध में ट्विटर का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है।

लेखी ने कहा कि लद्दाख को चीन के भाग के तौर पर दिखाना भारत की संप्रभुता के खिलाफ है और यह आपराधिक कृत्य के समान है जिसके तहत सात साल जेल की सजा हो सकती है। समिति ने इस मामले में ट्विटर के शीर्ष अधिकारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है।

लेखी ने कहा कि ट्विटर के प्रतिनिधि डाटा सुरक्षा विधेयक 2019 पर संसद की संयुक्त समिति के सामने पेश हुए और लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के लिए सदस्यों ने उनसे सवाल पूछे। समिति की सर्वसम्मत राय है कि लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के संबंध में ट्विटर का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है।

हालांकि उन्होंने कहा कि ट्विटर के प्रतिनिधियों ने समिति को बताया कि सोशल मीडिया कंपनी भारत की भावनाओं का सम्मान करती है। लेखी ने कहा कि यह केवल संवेदनशीलता का मामला नहीं है, यह भारत की संप्रभुता और अखंडता का मामला है, लद्दाख को चीनी भाग के तौर पर दिखाना आपराधिक कृत्य के समान है जिसके लिए सात जेल की सजा का प्रावधान है।

ट्विटर इंडिया की ओर से समिति के सामने वरिष्ठ प्रबंधक पब्लिक पॉलिसी शगुफ्ता कामरान, वकील आयुषी कपूर, पॉलिसी संचार अधिकारी पल्लवी वालिया और कॉरपोरेट सुरक्षा अधिकारी मनविंदर बाली पेश हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कानून एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारी भी समिति के सामने उपस्थित हुए।

जानकारी के अनुसार, अमेजन के प्रतिनिधि भी आज दोपहर 3 बजे समिति के समक्ष पेश होंगे। इसके अलावा कल यानि गुरुवार को गूगल और कुछ अन्य संगठन समिति के समक्ष पेश होंगे।

WeForNews

Continue Reading

टेक

संसदीय समिति के सामने हुई फेसबुक की पेशी, पूछे गए कड़े सवाल

Published

on

facebook

सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने शुक्रवार को कहा कि देश में अपनाये जा रहे डेटा सुरक्षा कानून में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक डिजिटल व्यापार को गति देने की क्षमता है।

कंपनी का यह बयान डेटा सुरक्षा विधेयक 2019 पर संसद की संयुक्त समिति की सुनवाई के बाद आया है। इस समिति की अध्यक्ष भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी हैं।

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि निजी डेटा सुरक्षा विधेयक पर संयुक्त समिति के सदस्यों के साथ डेटा विनियम के मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिलने से हम गौरवान्वित हैं। हमें भरोसा है कि देश के डेटा सुरक्षा कानून में देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक डिजिटल व्यापार को गति देने की क्षमता है। हम सरकार के इस प्रयास में पूरा सहयोग देंगे। 

संसदीय समिति की बैठक की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया कि समिति ने शुक्रवार को सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक से उसके राजस्व, लाभ और देश में कर के भुगतान को लेकर सवाल जवाब किए। कंपनी से पूछा गया कि उनकी आय का कितना हिस्सा देश में डेटा सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होता है।

कंपनी के नीतिगत प्रमुख अंखी दास ने समिति के समक्ष उसका पक्ष रखा। उनसे लगभग दो घंटे पूछताछ की गए और कुछ कड़े सवाल पूछे गए। समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सवाल-जवाब किए।

समिति के एक सदस्य ने बैठक के दौरान सुझाव दिया कि सोशल मीडिया मंच को उपयोक्ताओं के डेटा का उपयोग अपने विज्ञापन दाताओं के वाणिज्यिक लाभ या चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नहीं करना चाहिए।

WeForNews

Continue Reading

टेक

गूगल ने हटाए चीन से संबंधित 3,000 फर्जी यूट्यूब चैनल

Published

on

GOOGLE

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने में अब बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं, इस बीच गूगल ने जुलाई से सितंबर तक की अवधि में 3,000 से अधिक ऐसे फर्जी यूट्यूब चैनल हटाए हैं, जो चीन से संबंधित एक बड़े स्पैम नेटवर्क का हिस्सा रहे थे।

इनके द्वारा अपने चैनल पर चुनाव को प्रभावित किए जाने संबंधी अभियानों को संचालित किया जा रहा था। कंपनी द्वारा इनका सफाया किए जाने के परिणामस्वरूप अब ये अपने चैनल पर दर्शक जुटा पाने में असमर्थ हैं।

शुक्रवार देर रात गूगल ने अपने एक बयान में कहा, हमने जितने भी वीडियोज के पहचान किए हैं, उनमें से अधिकतर में लोगों के देखे जाने की संख्या दस से भी कम हैं और इस पर भी असली के यूजर्स के मुकाबले इन्हें स्पैम अकांउट्स से ही देखे गए हैं, जो वर्तमान में सक्रिय नहीं है।

गूगल थ्रेट एनालिसिस ग्रुप टीएजी से शेन हंटले ने कहा, हालांकि इन नेटवर्क्‍स के द्वारा पोस्ट तो नियमित तौर पर किया जाता रहा है, लेकिन इनमें स्पैम कंटेंट की अधिकता रही है। हमने यूट्यूब पर प्रभावी ढंग से दर्शकों तक इनकी पहुंच नहीं देखी है।

आईएएनएस

Continue Reading

Most Popular