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एलीट नोट स्मार्टफोन लॉन्च , कीमत 7,999 रुपये

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एलीट नोट

स्वाइप टेक्नोलॉजी ने नया स्मार्टफोन एलीट नोट लॉन्च किया है। इस स्मार्टफोन की कीमत 7,999 रुपये रखी है। स्वाइप एलीट नोट एक्सक्लूसिव तौर पर ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। स्वाइप एलीट और पिछले साल नवंबर में लॉन्च हुए स्वाइप एलीट 2 के बाद कंपनी ने ‘एलीट’ सीरीज में यह तीसरा फोन लॉन्च किया है।

एलीट नोट में (1280 x 720 पिक्सल) रिजॉल्यूशन वाला 5.5 इंच का एचडी कर्व्ड ग्लास डिस्प्ले है। फोन 1.3 गीगाहर्ट्ज़ पर चलने वाले 64- बिट क्वाड-कोर मीडियाटेक एमटीके6735 प्रोसेसर के साथ आता है। ग्राफिक्स के लिए माली-टी720 दिया गया है। रैम 3 जीबी है। इनबिल्ट स्टोरेज 16 जीबी है, माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 32 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। डुअल सिम सपोर्ट और 4जी सपोर्ट के साथ आने वाले एलीट नोट में फ्रीडम ओएस आधारित एंड्रॉयड 5.0 लॉलीपॉप पर चलता है। फोन का डाइमेंशन 77.1x154x8.4 मिलीमीटर और वजन 194 ग्राम है।

बात करें कैमरे की तो एलीट नोट स्मार्टफोन में एलईडी फ्लैश और अपर्चर एफ/2.0 के साथ सोनी का 13 मेगापिक्सल वाला ऑटोफोकस रियर कैमरा दिया गया है। सेल्फी के शौकीनों के लिए 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है जो 88 डिग्री वाइड एंगल लेंस और अपर्चर एफ/2.8 के साथ आता है।

कनेक्टिविटी के लिए 4जी एलटीई, वाई-फाई 802.11 ए/बी/जी/एन, ब्लूटूथ 4.0, जीपीएस, माइक्रो यूएसबी (ओटीजी के साथ) जैसे फीचर मौजूद हैं। फोन को पॉवरफुल बनाने के लिए 3000 एमएएच की बैटरी दी गई है। स्मार्टफोन के 2जी नेटवर्क पर14 घंटे और 3 जी नेटवर्क पर 12 घंटे तक टॉक टाइम देने का दावा किया गया है।

फोन ब्लैक कलर वेरिएंट में एक्सक्लूसिव तौर पर फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है। फोन में एक आईआर ब्लास्टर दिया गया है जिसकी मदद से आप इसे एयर कंडीशनर, टेलीविजन, सेट-टॉप बॉक्स और दूसरे एप्लायंस के लिए रिमोट की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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गूगल ने हटाए चीन से संबंधित 3,000 फर्जी यूट्यूब चैनल

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अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने में अब बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं, इस बीच गूगल ने जुलाई से सितंबर तक की अवधि में 3,000 से अधिक ऐसे फर्जी यूट्यूब चैनल हटाए हैं, जो चीन से संबंधित एक बड़े स्पैम नेटवर्क का हिस्सा रहे थे।

इनके द्वारा अपने चैनल पर चुनाव को प्रभावित किए जाने संबंधी अभियानों को संचालित किया जा रहा था। कंपनी द्वारा इनका सफाया किए जाने के परिणामस्वरूप अब ये अपने चैनल पर दर्शक जुटा पाने में असमर्थ हैं।

शुक्रवार देर रात गूगल ने अपने एक बयान में कहा, हमने जितने भी वीडियोज के पहचान किए हैं, उनमें से अधिकतर में लोगों के देखे जाने की संख्या दस से भी कम हैं और इस पर भी असली के यूजर्स के मुकाबले इन्हें स्पैम अकांउट्स से ही देखे गए हैं, जो वर्तमान में सक्रिय नहीं है।

गूगल थ्रेट एनालिसिस ग्रुप टीएजी से शेन हंटले ने कहा, हालांकि इन नेटवर्क्‍स के द्वारा पोस्ट तो नियमित तौर पर किया जाता रहा है, लेकिन इनमें स्पैम कंटेंट की अधिकता रही है। हमने यूट्यूब पर प्रभावी ढंग से दर्शकों तक इनकी पहुंच नहीं देखी है।

आईएएनएस

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सैमसंग ने भारत में लॉन्च किया गैलेक्सी फिट2 फिटनेस ट्रैकर

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सैमसंग ने आज अपना नया फिटनेस ट्रैकर लॉन्च किया, जिसे उसने गैलेक्सी फिट2 नाम दिया है। गैलेक्सी फिट2 स्लिम, लाइटवेट, लम्बी अवधि वाले बैटरी वाला और ट्रैकिंग फीचर्स से लैस है।

इसकी कीमत 3999 रुपये है और यह दो रंगों-काले और स्कारलेट में उपलब्ध है। इसकी बिक्री 16 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। गैलेक्सी फिट2 में एक इंडेंटेड स्ट्रिप है जो पसीने को जमा नहीं होने देता।

इसका वजन 21 ग्राम है और 159एमएएच की बैटरी से लैस है। इस बैटरी के साथ यह एक बार चार्ज में 15 दिनों तक काम कर सकता है।

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गू्गल ने अब तक के सबसे बड़े डीडॉस साइबर हमले को रोका

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गूगल ने कहा है कि साइबर सुरक्षा खतरे जैसे डिस्ट्रीब्यूटेड डिनाइल-ऑफ-सर्विस (डीडीओएस) वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहे हैं। यह हर आकार के व्यवसाय और उपयोगकर्ता के भरोसे को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

टेक दिग्गज ने खुलासा किया है कि उसके बुनियादी ढांचे ने सितंबर 2017 में ऊंची बैंडविथ वाले 2.5 टीबीपीएस डीडॉस के हमले को नाकाम किया था।

गूगल ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, हमारे हजारों आईपी को एक साथ निशाना बनाने के बावजूद हमले का हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

हमलावर ने चकमा देने के लिए कई नेटवर्क का उपयोग करके 167 एमबीपीएस (प्रति सेकंड लाखों पैकेट) से 1,80,000 सीएलएडीएपी, डीएनएस और एसएमटीपी सर्वरों को उजागर किया था।

कंपनी ने आगे कहा, यह हमलावरों के अच्छी तरह से साधन संपन्न होने की बात को दशार्ता है क्योंकि यह हमला, एक साल पहले मिराई बॉटनेट पर हुए 623 जीबीपीएस की तुलना में 4 गुना बड़ा था। यह अब तक का सबसे उंची -बैंडविड्थ का हमला था।

डीडॉस हमला बेवजह का ट्रैफिक बढ़ाकर पीड़ित की सेवा को बाधित करती है। हालांकि यह हमला उपयोगकर्ता के डेटा को उजागर नहीं करता है और समझौता करने के लिए भी नहीं कहता है। लेकिन यदि सिस्टम में आई रुकावट को जल्दी नहीं हटाया जाता तो यह उपयोगकर्ताके विश्वास को खोने का कारण बनता है।

गूगल ने यह भी कहा कि हमलावर सिस्टम को बाधित करने के लिए लगातार नई तकनीकें विकसित कर रहे हैं।

गूगल ने कहा, हम भविष्य में होने वाले हमलों के अपेक्षित आकार का अनुमान लगा सकते हैं। लिहाजा हमें अप्रत्याशित चीजों के लिए तैयार रहना जरूरी है।

कंपनी ने हाल ही में क्लाउड आर्मर मैनेज्ड प्रोटेक्शन की घोषणा की है जो उपयोगकर्ताओं को अपनी तैनाती को सरल बनाने, लागतों का प्रबंधन करने और एप्लिकेशन की सुरक्षा के जोखिम को कम करने में सक्षम बनाता है।

गूगल ने कहा कि यह इंटरनेट समुदाय के दूसरे लोगों के साथ काम कर रहा है ताकि वह उस इंफ्रास्ट्रक्चर की पहचान करके खत्म कर सके, जिनके जरिए ये हमले किए गए।

–आईएएनएस

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