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स्वास्थ्य

हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से मोतियाबिंद का खतरा होगा कम

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हेल्दी
मोतियाबिंद

बड़े-बूढ़े कहते हैं हरी सब्जियां सेहत के लिए काफी लाभकारी मानी जाती है। ये काम करने की एनर्जी देने के साथ बॉडी के कई तरह की बीमारियों को होने से भी बचाती हैं। हरी सब्जियां प्रचुर मात्रा में लेने से प्राथमिक ओपन-एंगल ग्लूकोमा यानी मोतियाबिंद का खतरा 20 से 30 प्रतिशत कम हो जाता है।

शोध के मुताबिक, बोस्टन के ब्रिघम एंड वूमेन्स हॉस्पिटल एंड हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के जे. एच. कांग और उनकी टीम ने मुख्यरूप से हरे पत्ते वाली सब्जियों से निकाली गई नाइट्रेट की खुराक और पीओएजी के बीच संबंधों का मूल्यांकन किया।

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उन्होंने 35 वर्षों से अधिक अवधि के दौरान 41,094 पुरुषों और 63,893 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन पर नजर डाली। इसमें पीओएजी के 1,483 मामलों की पहचान की गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिक नाइट्रेट की खुराक और हरी पत्तेदार सब्जियां भोजन में लेने से पीओएजी का खतरा 20-30 प्रतिशत कम हो जाता है।

पीओएजी ऑप्टिक नर्व के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण होती है और यह धीरे-धीरे बढ़ती है तथा यह लंबी अवधि में सामने आती है। यह शोध जामा आप्थैल्मोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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राष्ट्रीय

भारत में कोरोना के 38,000 नए मामले, कुल संख्या 94.3 लाख के पार

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, वैश्विक कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या बढ़कर 62,670,153 हो गई है जबकि दुनिया में 1,458,360 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

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India Coronavirus

नई दिल्ली, 30 नवंबर । देश में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 38,772 नए मामले सामने आने और 443 मौतें होने के साथ, इस बीमारी के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 94,31,692 हो गई है, जबकि अब तक 1,37,139 लोग इस वायरस से जान गंवा चुके हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह जानाकरी सोमवार को दी।

वर्तमान में कोविड-19 के 4,46,952 सक्रिय मामले हैं, जबकि 8,84,76,00 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।

मंत्रालय ने कहा कि रिकवरी दर 93.81 प्रतिशत है, और मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है।

इसने कहा, भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर वैश्विक जनसंख्या के लिहाज से ( वर्तमान में 99) संक्रमण से मौत सबसे कम है। कम मृत्यु दर सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों से दैनिक मृत्यु संख्या 500 से कम हो गई है।

महाराष्ट्र 1,820,059 मामलों के साथ सबसे ज्यादा प्रभावति राज्य बना हुआ है, यहां 92,062 सक्रिय मामले हैं और कोरोना से 47,071 मौतें हुई हैं।

मंत्रालय के अनुसार, दैनिक नए मामलों में 70 प्रतिशत से अधिक मामलों में आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों यानी महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ का योगदान है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, वैश्विक कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या बढ़कर 62,670,153 हो गई है जबकि दुनिया में 1,458,360 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

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स्वास्थ्य

कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल भोपाल में शुरू

कोवैक्सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की लैब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजी द्वारा बनाया गया है। पहला डोज एक शिक्षक को दिया गया है।

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Anti Corona Vaccine

मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल का काम शुक्रवार से शुरू हो गया। पहला डोज एक शिक्षक को दिया गया।

सरकार को उम्मीद है कि इससे लोगों का आत्मबल बढ़ेगा और निश्चिंतता आएगी। कोरोना वैक्सीन के तीसरे ट्रायल के लिए मध्य प्रदेश को चुना गया है। पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के कुलपति राजेश कपूर ने बताया है कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल का मौका मिला है। इसे हम मिशन की तरह ले रहे हैं, क्योंकि यह जनता की सेवा के लिए है। वैक्सीन किसी देश, प्रदेश या जिले के लिए नहीं होती, बल्कि पूरे समाज के लिए होती है।

बताया गया है कि इस कोवैक्सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की लैब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजी द्वारा बनाया गया है। पहला डोज एक शिक्षक को दिया गया है। जिन लोगों को यह डोज दिया जाएगा, उन्हें साढ़े सात सौ रुपये भी दिए जाएंगे और उनके स्वास्थ्य पर खास नजर रखी जाएगी। राजधानी का गांधी मेडिकल कॉलेज भी ट्रायल के लिए पूरी तरह तैयार है।

राज्य के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल हम सभी के लिए राहत और खुशी की बात है। कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू होने से लोगों का आत्मबल बढ़ेगा और हम लोग निश्चितता की ओर बढ़ेंगे।

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व्यापार

भारत में बनेगी रूसी कोरोना वैक्सीन Sputnik V, 10 करोड़ से ज्यादा डोज का होगा उत्पादन

RDIF ने रूस में स्पूतनिक वी वैक्सीन के तीसरे चरण के मानव परीक्षण के परिणाम 24 नवंबर को घोषित किया । यह परीक्षण 40,000 वॉलंटियर पर किया गया और वैक्सीन का परिणाम सकारात्मक रहा।

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Covid 19 Vaccine

रूस में विकसित कोरोना वायरस कोविड-19 की वैक्सीन ‘स्पूतनिक वी’ की 10 करोड़ से अधिक खुराक भारत में तैयार की जायेगी और अगले साल जनवरी से इसका निर्माण शुरु किये जाने की संभावना है।

रूस डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) और हैदराबाद स्थित दवा कंपनी हेरेतो बायोफार्मा के बीच इस संबंध में करार हुआ है।

हेरोतो के निदेशक बी मुरली कृष्ण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा, “हमें कोविड-19 के उपचार के लिए बहुप्रतीक्षित स्पूतनिक वी वैक्सीन के निर्माण के लिए आरडीआईएफ के साथ साझेदारी करने की खुशी है।

हम वैक्सीन के भारत में जारी क्लीनिकल परीक्षण के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं और हमारा माननाहै क कि स्थानीय स्तर पर वैक्सीन को तैयार करने से मरीजों तक इसकी पहुंच आसान होती है।”

RDIF ने रूस में स्पूतनिक वी वैक्सीन के तीसरे चरण के मानव परीक्षण के परिणाम 24 नवंबर को घोषित किया । यह परीक्षण 40,000 वॉलंटियर पर किया गया और वैक्सीन का परिणाम सकारात्मक रहा।

भारत में स्पूतनिक वी का दूसरे और तीसरे चरण का मानव परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा वेनेजुएला, बेलारूस और संयुक्त अरब अमीरात में इस वैक्सीन के लिए तीसरे चरण का मानव परीक्षण हो रहा है।

इस माह अब तक दवा कंपनी फाइजर, मॉर्डना, एस्ट्राजेनेका और स्पूतनिक वी को विकसित करने वाला गैमलेय रिसर्च इंस्टीट्यूट अपनी-अपनी कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण की मानव परीक्षण की रिपोर्ट जारी कर चुका है।

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