राजनीतिबंगाल विधानसभा में भाजपा के विरोध के बीच धनखड़ भाषण पूरा करने में विफल

भाजपा विधायक और सदन में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भगवा खेमे के विधायकों ने राज्यपाल के भाषण के दौरान विरोध किया, क्योंकि यह राज्य सरकार द्वारा बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा का उल्लेख किए बिना लिखा गया था।
IANSJuly 3, 20213421 min
Jagdeep Dhankar

कोलकाता, 3 जुलाई | भाजपा विधायकों के विरोध के बीच, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को शुक्रवार को विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में अपना बहुप्रतीक्षित पहला भाषण देना पड़ा।

हालांकि वह पांच में मिनट ही भाषण पढ़ पाए। भाजपा विधायकों ने विरोध किया, क्योंकि राज्यपाल के भाषण में बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा का कोई जिक्र नहीं था।

धनखड़ दोपहर 1.55 बजे विधानसभा पहुंचे। लेकिन जैसे ही उन्होंने राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण को पढ़ना शुरू किया, भाजपा विधायकों ने शुरू में अपनी-अपनी सीटों से विरोध करना शुरू कर दिया, फिर हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर सदन के वेल में पहुंचे।

बार-बार बाधित होने पर धनखड़ को अंतत: अपना भाषण शुरू करने के केवल पांच मिनट के बाद रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इसके बाद धनखड़ स्पीकर बिमान बनर्जी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हॉल से निकल गए।

राज्यपाल, जिन्होंने हाल ही में विधानसभा सत्र के शुरुआती दिन के लिए तैयार भाषण पर ममता बनर्जी के साथ विवादास्पद बहस की थी, को मुख्यमंत्री से 3-4 मिनट तक बात करते देखा गया।

भाजपा विधायक और सदन में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भगवा खेमे के विधायकों ने राज्यपाल के भाषण के दौरान विरोध किया, क्योंकि यह राज्य सरकार द्वारा बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा का उल्लेख किए बिना लिखा गया था।

दिलचस्प बात यह है कि 14 पेज के भाषण के 13वें पेज पर ‘अवसरवादी’ कहे जाने वाले कुछ लोगों का जिक्र है और कहा गया है कि ‘इस तरह के कुछ लोग’ अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

कहा गया है, ”वे फर्जी खबरें और फर्जी वीडियो फैला रहे हैं और समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार इसे स्वीकार नहीं करेगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

वहीं, अधिकारी ने कहा, हमने 77 सीटें जीती हैं। हमने राज्यपाल के भाषण के दौरान विरोध किया, क्योंकि यह राज्य सरकार द्वारा लिखा गया है। इसमें चुनाव के बाद की हिंसा के बारे में कुछ भी उल्लेख नहीं है। हमने 41 लोगों की तस्वीरें दिखाई हैं जो मारे गए हैं और हिंसा के दौरान कई महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ है, लेकिन भाषण में इसका कोई जिक्र नहीं है। हम राज्यपाल का सम्मान करते हैं। उन्होंने चुनाव के बाद की हिंसा का भी विरोध किया और हम उनके रुख का सम्मान करते हैं। लेकिन उन्होंने जो भाषण दिया, वह ममता बनर्जी के कैबिनेट का तैयार किया हुआ था।

इस भाषण ने शुरू से ही विवाद खड़ा कर दिया था। सोमवार को, धनखड़ ने आरोप लगाया था कि वह ममता बनर्जी के साथ भाषण के कुछ हिस्सों पर विचार-विमर्श चाहते थे, क्योंकि वे हिस्से लोगों द्वारा स्वीकार्य नहीं होंगे।

हालांकि, ममता ने प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि भाषण को बदला नहीं जा सकता, क्योंकि इसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

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