मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में रामनवमीं के मौके पर निकल रहे जुलूस पर हुए पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी। पथराव हुआ, दंगाइयों ने दुकानों और मकानों में आग लगा दी।

हालात बिगड़े तो कर्फ्यू लगाया गया है, वहीं इस उपद्रव में कई पुलिस जवान घायल हुए हैं और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी के पैर में गोली लगी है।

रविवार को रामनवमीं का जुलूस निकल रहा था, इस दौरान डीजे बजाए जाने को लेकर विवाद हुआ और इस विवाद ने हिंसा का रुप ले लिया। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासन हालात को काबू में लाने में सफल रहा।

कर्फ्यू भी कुछ थाना क्षेत्रों में लगाया गया, मगर रात 12 बजे के बाद फिर हिंसा भड़क उठी और मकानों दुकानों में आग लगा दी गई।

मिली जानकारी के अनुसार, दंगाइयों ने कई मकानों और दुकानों में आग लगाई तो बड़ी संख्या में लोगों को अपने घरों को छोड़कर जाना पड़ा। दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी चलती रही, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, फिर भी हालात काबू में नहीं आए तो कर्फ्यू के दायरे को बढ़ा दिया गया।

वहीं उपद्रवियों के हमलों में पुलिस के छह जवानों को चोटें आई हैं, वहीं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी के बाएं पैर में गोली लगी है।

राज्य के गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने बताया है कि खरगोन में कर्फ्यू जारी है, वहां के गुनहगारों से सख्ती से निपटा जायेगा।

वहां जिन घरों से पत्थर आए हैं, उन घरों को पत्थर का ढ़ेर बनाएंगे।उन्होंने आगे कहा, मध्य प्रदेश में कानून का राज है और सांप्रदायिक सौहार्द को किसी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। अब तक 77 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

डा मिश्रा ने कहा कि, खरगोन में उपद्रवी बड़ी साजिश को अंजाम देना चाहते थे लेकिन मप्र पुलिस की जांबाजी के कारण वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए।अराजक तत्वों को रोकने के दौरान खरगोन के एसपी सिद्धार्थ चौधरी और 6 पुलिस जवान घायल हुए हैं।

सिद्धार्थ चौधरी को पैर में गोली लगी है, जिसे ऑपरेशन कर निकाला गया है।राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था की समीक्षा की। चौहान ने कहा, पूरे प्रदेश में रामनवमी पूरे उत्साह के साथ मनाई गई। खरगोन में दुर्भाग्यपूण घटना हुई है, दंगाई छोड़े नही जायेंगे, कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, मध्यप्रदेश की धरती में दंगाइयों के लिए कोई स्थान नहीं है, दंगाई चिन्हित कर लिए गए हैं, दंगाइयों को सिर्फ जेल भेजना नहीं है।

जिन्होंने पत्थर चलाए हैं, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनको दंडित तो करेंगे ही साथ में सार्वजनिक या निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने आगे कहा, मध्यप्रदेश में हमने लोक एवं निजी संपत्ति नुकसान की वसूली का अधिनियम पास किया है।

क्लेम टिब्यूनल का गठन हम कर रहे हैं, नुकसान का आकलन कर वसूली भी करेंगे और कठोरतम दंड देंगे, हम किसी दंगाई को छोड़ेंगे नहीं।

–आईएएनएस

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