कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोबंदी के मामले पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा है कि राजा के एक तानाशाही फरमान ने जनता को कभी न भूल पाने वाली चोट दी है, नोटबंदी का दर्द देश कभी नहीं भूलेगा।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को नोटबंदी को जानबूझ कर की गई गलती बताते हुए कहा, 8 नवंबर 2016, नोटबंदी के नाम पर देश को अचानक लाइन में लगा दिया गया। लोग अपना ही पैसा निकालने के लिए तरस गए, कई घरों में शादियां थी, बच्चों और बुजुर्गों के इलाज चल रहे थे। गर्भवती महिलाएं थी लेकिन लोगों के पास पैसे नहीं थे। घंटों लाइन में लगने की वजह से कई लोगों की मृत्यु हो गई।

राहुल ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के हवाले से खबर आयी कि बैंक में पहुंचे 500 रूपये के 101.9 फीसदी और 2 हजार के 54.16 प्रतिशत से ज्यादा नोट, जाली हैं।

उन्होंने पीएम मोदी से सवाल किया, 2016 में जहां 18 लाख करोड़ कैश इन सकुर्लेशन में था, वहीं आज 31 लाख करोड़ कैश इन सकुर्लेशन में है। सवाल है कि आपके डिजिटल इंडिया, कैशलेस इंडिया का क्या हुआ, प्रधानमंत्री जी?

राहुल ने कहा, नोटबंदी के व़क्त मैंने कहा था कि ये राष्ट्रिय त्रासदी है। गलतफहमी में मत रहिए- मोदी जी से गलती नहीं हुई, ये जानबूझ कर किया गया है ताकि आम जनता के पैसे से मोदी-मित्र पूंजीपतियों का लाखों करोड़ रुपये कर्ज माफ किया जा सके और उनके कालेधन को सफेद किया जा सके। राजा के एक तानाशाही फरमान ने जनता को कभी न भूल पाने वाली चोट दी है, नोटबंदी का दर्द देश कभी नहीं भूलेगा।

इससे पहले रविवार को भी राहुल गांधी ने मीडिया की एक रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट टैग किया था जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 500 रुपये के जाली नोट में 100 फीसदी और 2000 रुपये के जाली नोट में 50 फीसदी की वृद्धि हुई। ये दोनों नोट 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट पर प्रतिबंध लगाने के बाद जारी किए गए थे।

उन्होंने ट्वीट किया, नोटबंदी की एकमात्र दुर्भाग्यपूर्ण कामयाबी भारत की अर्थव्यवस्था का डूबना है।

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