राष्ट्रीयव्यापारकोरोना का कहर: ट्रेनों में फेस मास्क न लगाने पर लगेगा 500 रु जुर्माना

WeForNews DeskApril 17, 20211142 min
People wear masks at Bengaluru City Railway Station on March 11, 2020. (Photo: IANS)

देश भर में बढ़ते कोविड मामलों के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने शनिवार को कहा कि, वह रेलवे परिसर में या यात्रा के दौरान फेस मास्क नहीं लगाने पर यात्रियों पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाएगा।

ट्रेनों में यह छह महीने की अवधि के लिए लागू रहेगा। शनिवार को रेलवे जोन के सभी महाप्रबंधकों को लिखे पत्र में, पैसेंजर मार्केटिंग के कार्यकारी निदेशक नीरज शर्मा ने कहा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और गृह मंत्रालय समय-समय पर लोगों को मास्क लगाने की हिदायत देते रहे हैं।

उन्होंने कहा, भारतीय रेलवे कोविड-19 महामारी की रोकथाम के प्रसार के लिए कई उपाय कर रहा है, जो कि जारी किए गए दिशा-निर्देश के अनुसार है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए मास्क लगा कर रखें।

शर्मा ने यह भी कहा कि, 11 मई, 2020 को भारतीय रेलवे द्वारा लाए गए ट्रेनों की आवाजाही के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) कहती है कि, “सभी यात्रियों को यह सलाह दी जानी चाहिए कि वे प्रवेश के दौरान और यात्रा के दौरान फेस कवर या मास्क पहने होना चाहिए।”

शर्मा ने आगे कहा “कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर, किसी भी व्यक्ति द्वारा फेस मास्क नहीं पहनने और रेलवे परिसर (ट्रेनों सहित) में प्रवेश करने के कारण समान प्रकृति से थूकना और अशुद्ध या अस्वच्छ परिस्थितियों के निर्माण से बचने के लिए महत्वपूर्ण है जिससे आपके जीवन को खतरा हो सकता है।”

शर्मा ने आगे कहा, “थूकने को लेकर रेलवे परिसर (रेलगाड़ियों सहित) में सभी व्यक्तियों द्वारा फेस मास्क या फेस कवर पहनना आवश्यक होगा, भारतीय रेलवे के तहत जुर्माना (500 रुपये तक) रेलवे परिसर नियम 2012 रेलवे के अधिकारियों द्वारा इस उद्देश्य के लिए अधिकृत किया जाएगा, जिसमें रेलगाड़ियों सहित रेलवे परिसर में फेस मास्क या कवर नहीं लगाया जाएगा तो उस पर जुर्माना लगेगा।”

शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि, रेलवे इस संबंध में जारी निर्देश तक ‘छह महीने’ की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा ,”यह रेल मंत्रालय के वित्त निदेशालय की सहमति से जारी होता है।”

शनिवार को भारत ने 2.3 लाख कोविड मामले दर्ज किए। भारत लगातार तीन दिनों तक कोविड के दो लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर वर्तमान में देश भर में अपनी 70 प्रतिशत यात्री ट्रेन सेवाओं का संचालन कर रहा है।

शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि, रेलवे इस संबंध में जारी निर्देश तक ‘छह महीने’ की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर सकता है।

उन्होंने कहा ,”यह रेल मंत्रालय के वित्त निदेशालय की सहमति से जारी होता है।”

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