महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान जारी है। इस बीच कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साते हुए कहा है कि अब यह विपक्षी मुक्त भारत बनाने के प्रयास में लगे हुए हैं और उस मकसद को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास जारी है।

महराष्ट्र की राजनीति पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “पहले बीजेपी कांग्रेस मुक्त भारत बनाना चाहती थी, अब वह विपक्ष मुक्त भारत बनाना चाहती है। सरकार अपना मकसद पूरा करने के लिए हर तरीके के ‘नापाक’ प्रयास कर रही है। जरूरत पड़ने पर सारी एजेंसी, पुलिस बल का दुरुपयोग कर हर संभव प्रयास कर रही है।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “महाराष्ट्र में जो हो रहा है वह नई बात नहीं है। देश किस दिशा में जा रहा है और किस दिशा में जाएगा वह किसी को नहीं पता। पहले मध्यप्रदेश, राजस्थान और अब महाराष्ट्र इन लोगों ने तमाशा बना कर रख दिया है। विपक्ष लगातार इनकी नीति पर सवाल खड़े कर रहा है यदि नहीं करेंगे तो, लोग हमसे जवाब मांगेंगे।”

“विधायकों को इधर से उधर ले जाया जा रहा है, इस सरकार को लोकतंत्र में कोई यकीन नहीं है। सरकार गिराने का अंदर ही अंदर इन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग की होगी, इनके दाम भी 10 करोड़ से शुरू होते हैं। चंदा एक तरफ दिया जा रहा है दूसरी पार्टी को चंदा देने वाले लोगों को तंग किया जा रहा है।”

इसके अलावा कमलनाथ ने मिडिया से बात करते हुए कहा, अभी हमने कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक की है। हमारे 44 में से 41 विधायक मौजूद थे और 3 रास्ते में हैं।

कांग्रेस में पूरी एकता है। मैंने उद्धव ठाकरे जी को फोन पर आश्वासन दिया है कि कांग्रेस महाविकास अघाड़ी सरकार का समर्थन करती रहेगी। जो भी आज विरोध कर रहे हैं उनको मैं यही कहना चाहता हूं कि कल के बाद परसों भी आता है। मुझे पूरा भरोसा है कि उद्धव ठाकरे जी के नेतृत्व में शिवसेना में फिर से एकता बनेगी।”

दरअसल शिवसेना के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार से शिवसेना विधायक व मंत्री ने बगावात के सुर अपना लिए हैं।

बगावत का झंडा बुलंद करने वाले शिवसेना के कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे को 34 विधायकों का समर्थन हासिल है। यह दावा उनके समर्थक और राज्य मंत्री ओमप्रकाश बाबाराव कडू ने किया है।

प्रहार जनशक्ति पार्टी (पीजेपी) के कडू ने कहा कि शिंदे का समर्थन करने वाले विधायकों की संख्या बढ़ रही है और यह 40 के भी पार हो सकती है। महाराष्ट्र का राजनीतिक ड्रामा गुजरात के सूरत से असम के पूर्वोत्तर राज्य में शिफ्ट हो रहा है।

एक प्राइवेट मराठी चैनल से बात करते हुए कडू ने कहा, “शिंदे जो भी फैसला लेंगे वह हम सभी को स्वीकार्य होगा।”कडू ने कहा कि उन्होंने शिवसेना को नहीं छोड़ा और न ही पार्टी के खिलाफ विद्रोह किया है। उन्होंने बताया कि शिंदे ने कहा है कि उनके साथ 40 विधायक हैं, जो सूरत से बुधवार तड़के गुवाहाटी के लिए रवाना हुए हैं।

हालांकि, शिवसेना और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने इस मुद्दे और दावों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि कई विधायक जल्द ही पार्टी में लौट आएंगे।

शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने कहा कि पार्टी की टीम मंगलवार को शिंदे से मिलने गई थी और उनकी बातें सुनी गई। उनके पास कुछ मुद्दे थे, जिनपर हम चर्चा करेंगे। हम हमेशा लड़े हैं और संघर्ष करते रहेंगे।

–आईएएनएस

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