राजनीतिभारतीयों की स्विस बैंक में जमा राशि बढ़ने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

IANSJune 18, 20214131 min

कांग्रेस ने 2020 में भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा राशि में 286 प्रतिशत की वृद्धि की रिपोर्ट को लेकर सरकार पर हमला बोला है।

मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि काले धन को वापस लाना तो दूर बल्कि इसमे अब रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है और भारतीयों की ओर से पिछले 13 साल में स्विस बैंक में जमा पैसा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है।

इस पर कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि पिछले 7 सालों में किस देश से कितना काला धन वापस लाया गया?

कांग्रेस ने मांग की कि मोदी सरकार उन व्यक्तियों के नाम साझा करे जिन्होंने पिछले एक साल में स्विस बैंकों में पैसा स्थानांतरित किया है? विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कहा कि 97 प्रतिशत भारतीय गरीब हो गए हैं, फिर ये कौन लोग हैं, जो आपदा में अवसर का लाभ उठा रहे हैं?

विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने काले धन के प्रवाह को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।

एआईसीसी के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ” 2020 के लिए स्विस बैंकों में भारतीय व्यक्तियों और फर्मों द्वारा रखे गए फंड का डेटा स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) द्वारा जारी किया गया है। हम ²ढ़ता के साथ कह रहे हैं कि मोदी सरकार के तहत अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है। सीएमआईई के अनुसार, पिछले वर्ष के दौरान करीब 97 प्रतिशत भारतीय गरीब हो गए।”

उन्होंने कहा, ” 2020 के लिए स्विस बैंकों में फंड का डेटा कहानी का दूसरा पक्ष दिखाता है। 2019 की तुलना में 2020 में स्विस बैंकों में कुल जमा 286 प्रतिशत हो गया है। कुल जमा 13 साल के उच्च स्तर पर है, जो 2007 के बाद से सबसे अधिक है। बड़ा रहस्योद्घाटन बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट (बीआईएस) के आंकड़ों से हुआ है, जो स्विस बैंकों में व्यक्तियों द्वारा जमा को इंगित करता है। स्विस बैंकों में भारतीय व्यक्तियों द्वारा जमा 2019 की तुलना में 2020 में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ”

भाजपा ने 2014 में सत्ता संभालने से पहले दावा किया था कि भारतीय अकेले स्विस बैंकों में 250 अरब डॉलर (17.5 लाख करोड़ रुपये) छिपा रहे हैं। भाजपा ने यह भी वादा किया था कि वह विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लाएगी और इसके परिणामस्वरूप प्रत्येक भारतीय को 15 लाख रुपये मिलेंगे।

पिछले 7 साल में मोदी सरकार सिर्फ बातें करती रही है कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास और परिणाम आपस में कोई मेल नहीं खा रहे हैं।

–आईएएनएस

Related Posts