जापान में जी-20 सम्मेलन से पहले हांगकांग में विरोध | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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जापान में जी-20 सम्मेलन से पहले हांगकांग में विरोध

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Summit Japan
फोटो-दैनिक जागरण

हांगकांग में काले रंग के परिधान पहने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने 19 विदेशों के प्रतिनिधियों को पत्र देकर आग्रह करने के लिए उनके दूतावासों तक विरोध

मार्च निकाला और उनसे मांग की कि वे जापान में होने वाले जी-20 सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर दवाब बनाएं। समाचार एजेंसी एफे के अनुसार,

प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हम इन देशों से जी-20 सम्मेलन में चीन दवाब डालने, हांगकांग के मुद्दे उठाने, हांगकांग की स्वायत्ता की रक्षा करने और स्वतंत्र व्यापारिक

माहौल देने और हांगकांग में व्यापार करने और रहने के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हैं।”यह विरोध प्रदर्शन चीन के सहायक विदेश मंत्री झांग जून के सोमवार के उस बयान के बाद आया है जिसके अनुसार, उनका देश हांगकांग के मुद्दे पर सम्मेलन में

चर्चा करने के लिए हांगकांग में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देगी क्योंकि यह उसका आंतरिक मामला है जिसमें किसी अन्य देश को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा, “यह प्रमाणित करता है कि चीन हांगकांग के मुद्दे को नजरंदाज करना चाहता है, और इसी लिए हांगकांग के लोगों को गंभीरता से अन्य देशों से मिलकर उस मुद्दे को उठाने के लिए कहना चाहिए जिसे (चीन के राष्ट्रपति) शी जिनपिंग नजरंदाज करना चाहते हैं। हमें अन्य देशों से जिनपिंग से हांगकांग के लिए उनकी वर्तमान नीति की समीक्षा करने का दवाब डालने के लिए कहना चाहिए।”

इस रणनीति के तहत हांगकांग के कार्यकर्ताओं ने नौ देशों के 13 अंतर्राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए जन-सहयोग अभियान के तहत 6,40,000

डॉलर इकट्ठे किए, जिससे 28-29 जून को ओसाका में होने वाले जी-20 सम्मेलन के एजेंडो में विवादित प्रत्यर्पण विधेयक को शामिल किया जाए।

–आईएएनएस

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मानवाधिकार परिषद में भारत की दो टूक, अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता का अड्डा बना है पाक

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फोटो- सोशल मीडिया

भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर लताड़ लगाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 45वें सत्र में पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा कि इस्लामाबाद अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता करने का अड्डा बन चुका है। साथ ही कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए जा रहे आरोप, उसके दुष्प्रचार करने के एजेंडा का हिस्सा है। 

भारत ने यूएनएचआरसी के सत्र में कहा, परिषद के लिए यह चिंता का विषय होना चाहिए कि भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए पाकिस्तान लगातार इस फोरम का दुरुपयोग करता है। भारत के खिलाफ पाकिस्तान के किसी भी तरह के आरोपों से उसके यहां अल्पसंख्यकों और लोगों की आवाज दब नहीं सकती। 
सत्र में भारत ने कहा, पाकिस्तान में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के भाग्य को अच्छी तरह से जाना जाता है, जब धर्म की स्वतंत्रता के बदले में वहां केवल एक ही विकल्प है और वह है सिर कटाना। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों के लिए हत्या क्षेत्र करार दिया है।  

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बांग्लादेश ने फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाने के लिए सऊदी से किया अनुरोध

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Airline-

बांग्लादेश ने सऊदी अरब से अनुरोध किया है कि वह दोनों देशों के बीच फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाए, ताकि ढाका में फंसे प्रवासी अपने कार्यस्थलों पर वापस लौट सकें।

द डेली स्टार अखबार ने बताया कि विदेश मंत्री ए.के. अब्दुल मोमन ने रविवार की शाम सऊदी में अपने समकक्ष प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से टेलीफोन पर हुई बातचीत में यह अनुरोध किया।

बांग्लादेश ने सउदी से बिमान बांग्लादेश-एयरलाइंस को ढाका-दम्मम मार्ग पर फ्लाइट्स संचालित करने की अनुमति देने का आग्रह किया।

वर्तमान में एयरलाइन को रियाद, मदीना और जेद्दा के लिए ही उड़ानें संचालित करने की अनुमति है।

पिछले हफ्ते सऊदी सरकार ने अपने यहां कार्यस्थलों पर प्रवासियों की वापसी में आ रही रुकावटों को समाप्त करने के मुद्दे पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी।

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फ्रांस और ब्रिटेन में तेजी से बढ़ रहे मामले

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Coronavirus

फ्रांस में संक्रमण की दूसरी लहर एक सप्ताह से लगातार 13 हजार से ज्यादा नए मामले सामने ला रही है। शनिवार को भी 14 हजार नए मामले सामने आए। हालांकि, सरकार सख्त लॉकडाउन लगाना चाहती है लेकिन लोग इसके विरोध में उतर आए हैं।

यही हाल ब्रिटेन के भी हैं, जहां रोजाना करीब चार से पांच हजार केस सामने आ रहे हैं लेकिन लोग लॉकडाउन के खिलाफ हैं। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन संसद में भी विरोध झेल रहे हैं। सांसदों का कहना है कि जॉनसन ने संसद को भरोसे में लिए बिना प्रतिबंधों का आदेश जारी किया। इसकी वजह से लोगों में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है।

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