चीन : सैर-सपाटे को निकले 5 परिवार झील में डूबे, 14 लोग लापता | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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चीन : सैर-सपाटे को निकले 5 परिवार झील में डूबे, 14 लोग लापता

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सैर-सपाटे को निकले 5 परिवार झील में डूबे

चीन :दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत में शनिवार को एक भयानक नौका हादसे की घटना सामने आई है।

इस नौका के लिए अधिकारियों ने रविवार को जांच शुरू कर दी थी। इस नौका हादसे के बाद से छह बच्चों सहित 14 लोग लापता हो गए हैं।

एक न्यूज एजेंसी के संवाददाताओं के मुताबिक, शुआंगलोन्ग नामक पर्यटक नौका 18 यात्रियों को लेकर शनिवार दोपहर प्रांत के गुआंगयुआन शहर की बेलांग झील में यात्रा कर रही थी। ये नौका अपने तीन घंटे के टूर पर निकली थी। नौका करीब 2.40 बजे अपने डेस्टिनेशन पर पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही डूब गई।

इस हादसे के बाद तीन लोगों को बचा लिया गया। लेकिन इनमें बचाए गए लोगों में से एक बच्चे को बाद में मृत घोषित कर दिया गया। इसके अलावा कुल 14 लोग की तलाश अभी भी की जा रही है, जिनमें से ज्यादातर अपने बच्चों के साथ नौका पर सवार थे।

ये हादसा उन पांच परिवारों पर बहुत भारी पड़ा, जो झील में विकेंड पर सैर-सपाटा करने निकले थे। बेलांग झील एक फेमस डेस्टिनेशन है। लापता लोगों में नौका संचालक झौउ पिकिआंग, उसकी पत्नी व चार साल का बेटा भी शामिल है।

ब्लू स्काई बचाव टीम के एक प्रवक्ता ने रविवार कहा कि उन्होंने अंडरवाटर वीडियो कैमरों की मदद से झील में करीब 65 मीटर नीचे नौका बरामद कर ली है, लेकिन किसी के जिंदा बचने का कोई सकेंत नहीं मिला है।

wefornews bureau 

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संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप ने चीन पर बोला हमला, लेकिन क्यों?

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Houston Howdy Modi Donald Trump

बीजिंग, 24 सितम्बर (आईएएनएस)। 75वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तमाम देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के सामने तथ्यों की अनदेखी कर कोविड-19 महामारी, इंटरनेट सुरक्षा और पारिस्थितिकी पर्यावरण आदि मुद्दों पर अकारण चीन पर आरोप लगाया और मनमाने ढ़ंग से राजनीतिक वायरस फैलाया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा एक गंभीर मंच है, पर ट्रंप ने इस मंच के जरिए चीन के खिलाफ राजनीतिक हमला किया। सभी मौके पर चीन पर कालिख पोतने की कार्रवाई से न सिर्फ संयुक्त राष्ट्र संघ पर लांछन लगाया गया, बल्कि विश्व शांति भी भंग हुई।

तो ट्रंप ने क्यों इस मंच पर तथ्यों की अनदेखी कर झूठ बोला? सबसे बड़ा उद्देश्य आम चुनाव जीतने के लिए चीन पर जिम्मेदारी थोपना है। ट्रंप ने इसलिए कोरोना वायरस को फिर एक बार चीनी वायरस कहकर बुलाया, क्योंकि वे मतदाताओं में अपना समर्थन बढ़ाना चाहते हैं। ट्रंप के विचार में जितने बड़े मंच पर चीन पर लांछन लगाया जाएगा, अमेरिकी मतदाता उतना ही विश्वास करेंगे। वास्तव में ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा के जरिए नागरिकों को उत्तेजित करना चाहते हैं।

दरअसल, लंबे समय से अमेरिका दुनिया भर में चीन को नुकसान पहुंचाने वाली छवि बनाना चाहता है। इसलिए अमेरिका ने आरोप लगाया कि चीन को कोविड-19 महामारी की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है, चीन इंटरनेट हमला करता है, यहां तक कि चीन पारिस्थितिकी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। अमेरिका दुनिया को बताना चाहता है कि चीन अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरा है, चीन को रोकने पर ही सभी समस्याएं ठीक हो सकेंगी। वास्तव में अमेरिका के कथन का दुनिया विश्वास नहीं करती, लेकिन ट्रंप के विचार में जब तक बात करते करेंगे, देर-सबेर लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।

इसके अलावा, अमेरिका विश्व मंच पर चीन पर दबाव डालने के लिए बहाना और वैधता ढूंढ़ना चाहता है। आने वाले समय में अमेरिका अवश्य ही लगातार पूरी तरह से चीन पर दबाव डालेगा, लेकिन इससे दुनिया में अमेरिका की प्रतिष्ठा कमजोर हो जाएगी। इसलिए चीन पर कालिख पोतने के जरिए अमेरिका अपने राजनीतिक हमले के लिए बहाना ढूंढ़ना चाहता है।

लेकिन इन बेहूदा दलीलों की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने पहले से ही अपील की है। द लान्सेट, नेचर आदि प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक पत्रिकाओं ने बारांबार महामारी को राजनीतिक बनाने की कार्रवाई का ²ढ़ विरोध किया, लेकिन कुछ राजनीतिज्ञ अपने गिरेबान में नहीं झांकते। जब ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दे रहे थे, तब अमेरिका में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है। इस घड़ी में अमेरिकी सरकार नागरिकों की जान बचाने के बजाय लोगों का ध्यान चीन की ओर आकर्षित करना चाहती है। वास्तव में यह दुनिया के लोगों के साथ धोखा है।

तथ्य सबसे अच्छा सबूत है। महामारी को राजनीतिक बनाना लोगों की इच्छा के विरुद्ध है, राजनीतिक वायरस फैलाना अमेरिका में महामारी की स्थिति बेहतर नहीं बना सकती। महामारी पर जानकारी बढ़ने के चलते अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने सहमति बनाई है कि वायरस मानव जाति का समान दुश्मन है। एकजुट होकर सहयोग करने पर ही महामारी को पराजित कर सकेंगे। कुछ राजनीतिज्ञों की महामारी के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने की कुचेष्टा विफल नहीं होगी।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

— आईएएनएस

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अमेरिका ने क्यूबा पर लगाए नए प्रतिबंध

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वाशिंगटन, 24 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने हवाना में सरकार के राजस्व के स्रोतों को भविष्य के लिए कम करने के प्रयास में क्यूबा के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने बुधवार को एक बयान में कहा कि नए उपाय, अमेरिकी नागरिकों को क्यूबा में कुछ संपत्तियों में ठहरने, क्यूबा में उत्पादित शराब और तंबाकू उत्पादों को आयात करने, पेशेवर बैठकों या सम्मेलनों में भाग लेना या आयोजित करने और क्यूबा में कुछ सार्वजनिक प्रदर्शनों, क्लीनिकों, कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनियों में भाग लेना और उनका आयोजन करने से प्रतिबंधित करेंगे।

नए प्रतिबंधों की घोषणा पहली बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के कार्यक्रम में बे ऑफ पिग्स के दिग्गजों को सम्मानित करने के लिए अपनी टिप्पणी के दौरान की थी।

राष्ट्रपति ने कहा था, आज कम्युनिस्ट उत्पीड़न के खिलाफ हमारी निरंतर लड़ाई के हिस्से के रूप में, मैं घोषणा कर रहा हूं कि ट्रेजरी विभाग अमेरिकी यात्रियों को क्यूबा सरकार के स्वामित्व वाली संपत्तियों पर रहने से प्रतिबंधित करेगा।

उन्होंने आगे कहा, हम क्यूबा के शराब और क्यूबा के तंबाकू के आयात को भी प्रतिबंधित कर रहे हैं .. इन कार्रवाइयों से यह सुनिश्चित होगा कि अमेरिकी डॉलर क्यूबा शासन के निधि में नहीं जा रही हैं और वह सीधे क्यूबा के लोगों के पास जा रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के दौरान मंगलवार को अपने वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज कानेल ने द्वीप देश के खिलाफ वाशिंगटन की सख्त आर्थिक प्रतिबंध की निंदा की।

उन्होंने ट्रंप प्रशासन को नैतिक रूप से भ्रष्ट शासन कहा।

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CICA बैठक में भारत ने लगाई पाक को लताड़, वैश्विक आतंकवाद का केंद्र कहा

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एशिया में वार्ता एवं विश्वास निर्माण उपायों पर सम्मेलन (सीआईसीए) में मंत्रियों की विशेष बैठक के दौरान भारत ने राइट टू रिप्लाई के तहत पाकिस्तान को निशाने पर लिया।

भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के बारे में भ्रांतियां फैलाना जारी रखकर एक और मंच का दुरुपयोग किया है। भारत ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं और रहेंगे। पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। 

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक बैठक में भारत ने कहा कि पाकिस्तान की आज की टिप्पणी भारत के आंतरिक मामलों, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता में हस्तक्षेप है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान की यह हरकत सितंबर 1999 में सीआईसीए के सदस्य देशों के बीच तय की गईं प्रमुख मार्गदर्शन संबंधों पर घोषणाओं के अनुरूप नहीं है। 

पाकिस्तान में आतंकवाद को समर्थन दिए जाने का मुद्दा उठाते हुए भारत ने कहा कि पाक वैश्विक आतंकवाद का परिकेंद्र है। पाकिस्तान अभी भी भारत में आतंकी गतिविधियों का सोर्स बना हुआ है। बैठक में मौजूद भारतीय पक्ष ने कहा कि हम पाकिस्तान को सलाह देते हैं कि वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को मदद और समर्थन देना बंद करे।

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