सिद्धू का इस्तीफा प्रियंका गांधी के लिए झटका?

नई दिल्ली, 29 सितम्बर | पंजाब कांग्रेस प्रमुख के पद से नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे को पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की आपत्तियों के बावजूद पूर्व क्रिकेटर सिद्धू की नियुक्ति में सबसे आगे थीं। अब सिद्धू के चयन को लेकर कांग्रेस में सवाल उठ रहे हैं। वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने इस मुद्दे को लेकर सीधे...

क्या नेपाल में देउबा सरकार के कैबिनेट विस्तार को रोक रहा चीन?

अन्नपूर्णा एक्सप्रेस के एक हालिया लेख में कहा गया है कि यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में चीनी देउबा के साथ कैसे व्यवहार करते हैं।

जनता से संदेह का लाभ उठा रहे कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई

नई दिल्ली, 23 सितंबर | कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को अब तक जनता से संदेह का लाभ मिल रहा है, जबकि बी.एस. येदियुरप्पा। आईएएनएस सीवोटर ट्रैकर डेटा से पता चलता है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ संतुष्टि के स्तर के बारे में पूछे जाने पर ‘पता नहीं’/’कह नहीं सकता’ खंड 50 प्रतिशत तक है। अप्रूवल रेटिंग महज 10 फीसदी है। कर्नाटक के मामले में जनता अभी तक नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को संदेह...

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से असंतोष चरम पर – सीवोटर ट्रैकर

भाजपा ने हाल ही में गुजरात, कर्नाटक और उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदले हैं। उत्तराखंड के मामले में इस साल दो बार मुख्यमंत्री बदले गए। कांग्रेस ने भी हाल ही में पंजाब में अपने मुख्यमंत्री को हटाकर उसका अनुसरण किया।

अमेरिका के दो तिहाई लोगों का मानना, 9/11 के हमलों ने अमेरिका के जीने का तरीका बदल दिया : सर्वे

अगस्त की शुरूआत में, एक-चौथाई (25 प्रतिशत) ने कहा कि अमेरिका की ओर से 9/11 के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई ओवर-रिएक्शन थी, जबकि आधे (49 प्रतिशत) का मानना है कि यह सही कार्रवाई थी।

अफगानिस्तान में विभाजन को पाटने के लिए तालिबान, कतर और पाकिस्तान से गठजोड़ में जुटा तुर्की

नई दिल्ली, अगस्त 19: अफगानिस्तान की विस्फोटक स्थिति के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक सभी ताकतें अपने दांव लगाने के लिए तैयार हैं। हालांकि काबुल में तालिबान के दबदबे के साथ, विभिन्न देश फिलहाल अपनी रणनीति और कूटनीति को लेकर अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। मगर इस दिशा में तुर्की एक अपवाद है, क्योंकि यह युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में खुद को शांति-निर्माता के रूप में देखता है। अंकारा तुर्क और अफगानों को ऐतिहासिक सहयोगी के रूप...

अशांत अफगानिस्तान चलाने को तुर्की ने तालिबान के ‘कॉकपिट’ में दस्तक दी

विडंबना यह है कि अफगानिस्तान में गैर होने के बावजूद तुर्की हार नहीं मान रहा है। नवीनतम संदेश में विदेश मंत्री कैवुसोग्लू ने कहा है कि तुर्की तालिबान के सरकार बनाने का इंतजार कर रहा है, ताकि अंकारा उससे बातचीत कर सके।

पूर्ण टीकाकरण वाले लोगों में कोविड-19 संक्रमित होने का खतरा 3 गुना कम : स्टडी

पिछले अध्ययन के आंकड़ों से पता चला है कि संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने और मौतों के बीच की कड़ी फरवरी से कमजोर हो रही है।

शहीद उधम सिंह की पिस्टल ब्रिटेन से बरामद करें: पंजाब के मुख्यमंत्री

चंडीगढ़ | पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ब्रिटेन से स्वतंत्रता सेनानी और शहीद उधम सिंह की पिस्टल और डायरी की बरामदगी के मुद्दे को केंद्रीय विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाएगी। मुख्यमंत्री ने संगरूर जिले में शहीद ऊधम सिंह के 82वें शहादत दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह से इतर मीडिया से बात करते हुए कहा कि शहीदों की अस्थियां 40 साल बाद भारत को लौटाई गई हैं, वह...

वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन के औसत उपयोग के मामले में तीसरे स्थान पर भारत : रिपोर्ट

भारत में स्मार्टफोन यूजर्स ब्राजील और इंडोनेशिया के बाद दुनिया में औसतन सबसे ज्यादा समय अपने डिवाइस पर बिताते हैं। एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। पिछले साल तक, ब्राजील इंडोनेशिया के बाद दुनिया का दूसरा देश था, जहां स्मार्टफोन का सबसे अधिक उपयोग किया जाता था, जो अब प्रति दिन औसतन 5.3 घंटे स्मार्टफोन के उपयोग के साथ दूसरे स्थान पर है। जेडडीनेट की रिपोर्ट के अनुसार, औसतन 4.9 घंटे के...

कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल (26 जुलाई से 1 अगस्त)

इस सप्ताह आपका पारिवारिक जीवन, आर्थिक दशा, स्वास्थ्य व कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति कैसी रहेगी, यह जानने के लिए प्रस्तुत है, आपकी लग्नराशि पर आधारित कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल। जानिए, इस सप्ताह आपको क्या-कुछ मिलने वाला है, आपके लिए क्या-क्या करना फायदेमंद रहेगा और परेशानियों से बचने के लिए आपको कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए। मेष लग्नराशि : इस सप्ताह मेष राशि के जातकों को धन का लाभ मिलेगा। इस हफ्ते आपकी दैनिक आय में...

दिग्विजय के खिलाफ कांग्रेस में होने लगी है लामबंदी

भोपाल 15 जुलाई | मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के खिलाफ कांग्रेस के भीतर ही लामबंदी तेज हो गई है। कांग्रेस के नेता ही दिग्विजय सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे हैं तो वही कई नेता उनके बयानों से नाराज हैं मगर खुलकर बोलने का साहस कम ही लोग जुटा पा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदूवादी संगठनों के सबसे बड़े विरोधियों के तौर पर दिग्विजय सिंह को...

अधिकांश लोगों का मानना, भारत काफी तेजी से बहुत जल्दी अनलॉक हुआ है : Survey

नई दिल्ली | भारत के अधिकांश लोगों का मानना है कि देश में अनलॉक की प्रक्रिया बहुत जल्द और काफी तेजी से अमल में लाई गई है। आईएएनएस सी वोटर लाइव ट्रैकर में यह बात सामने आई है और सरकार ने भी हिल स्टेशनों पर एकाएक बढ़ी भीड़ पर चिंता व्यक्त की है। सर्वे के दौरान यह पूछे जाने पर कि क्या भारत बहुत जल्दी और काफी तेजी से खुल रहा है, तो इस पर...

गंगा को स्वच्छ रखने के लिए काम करेगा इलाहाबाद विश्वविद्यालय का पैनल

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) | इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University-AU) के फैकल्टी सदस्य अब गंगा नदी को गिरते पर्यावरणीय से बचाने के लिए काम करेंगे। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, एयू अधिकारियों ने प्रोफेसर आई.आर. इस उद्देश्य के लिए रसायन विज्ञान विभाग के सिद्दीकी। टीम गंगा को प्रदूषण से बचाने और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से इसके किनारों को फिर से जीवंत करने के लिए काम करने के लिए वॉलेंटियर्सो को भी...

जानें कैसे उठाएँ फसल बीमा योजना का लाभ?

किसी भी बीमा की तरह फसल बीमा मकसद भी किसानों को मुश्किल दौर में वित्तीय सुरक्षा देना ही है। PMFBY के तहत फसल की बुआई के पहले से लेकर कटाई के बाद तक की बीमा सुरक्षा मिलती है।

चीनी वैज्ञानिकों का अभ्यास रहस्य

बीजिंग | 30 मई को चीन का पांचवां राष्ट्रीय विज्ञान व तकनीकी कार्यकर्ता दिवस मनाया जाता है। फिलहाल विज्ञान व तकनीकी सृजन विश्व में रणनीतिक लड़ाई में एक मुख्य मैदान बन गया है। इस लड़ाई में जीत पाने के लिए विभिन्न देशों के वैज्ञानिक मेहनत से काम कर रहे हैं। फिर चीनी वैज्ञानिक कैसे इसकी तैयारी कर रहे हैं? इस रिपोर्ट में हम मार्शल आर्ट के अभ्यास में शामिल कुछ रहस्यों के माध्यम से चीनी...

मध्यप्रदेश में कोरोना की चिकित्सा सेवा में कई छेद !

भोपाल , 18 मई | मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी के दौरान कई निजी अस्पतालों के कथित सेवा भावी चेहरे बेनकाब हो रहे हैं। मरीजों को नकली इंजेक्शन लगाए जाने से लेकर उनसे लूटमार किए जाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के कार्डधारियों को निशुल्क उपचार किए जाने के निदेशरें की भी खुले तौर पर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कोरोना संक्रमण के कारण सरकारी...

कोरोना महामारी का भारत की शिक्षा पर बड़ा असर

बीजिंग, 16 मई । देखा जाए तो मौजूदा दौर हम सभी की जिंदगी का शायद सबसे अटपटा और उथल-पुथल वाला है और सबसे ज्यादा उलझन वाला भी है। आज लोगों की सबसे बड़ी चिंता है कि आगे जिंदगी कैसे चलेगी? कोरोनावायरस महामारी के दौरान जहां एक ओर लोग अपनी जिंदगी पटरी पर लाने की योजना बना रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर उन्हें यह चिंता सता रही है कि अगर स्थिति पूरी तरह से ठीक...

कोविड डायरी : कोविड के समय में एक श्मशान स्थल के कर्मचारी का अनुभव

नई दिल्ली, 12 मई । शाम ढल रही है, इस जगह से बाहर निकलने का समय आ गया है। लेकिन अभी भी लोग अपने मृतकों के साथ आ रहे हैं। श्मशान घाट के शांत पर्याय को एम्बुलेंस सायरन, पीपीई सूट में रिश्तेदारों और जलती हुई लकड़ी की दरारों ने बदल दिया है। चंडीगढ़ के सेक्टर-25 में स्थित श्मशान घाट जब दशकों पहले स्थापित किया गया तब पहले कभी इतनी चिताएं यहां नहीं देखी। एक निश्चित...

कोरोना संकट पर चेतावनियों को मोदी सरकार ने किया दरकिनार, चुनावी रैलियां-धार्मिक आयोजनों को दी मंजूरी: लैंसेट

मशहूर मेडिकल जर्नल द लैंसेट (The Lancet) के संपादकीय में भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से पैदा हुए मौजूदा संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है। जर्नल के मुताबिक, सरकार ने न सिर्फ ‘सुपरस्प्रेडर’ (Superspreader) धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों को होने दिया बल्कि देश में वैक्सीशनेश कैंपेन भी धीमा हो गया। पत्रिका के संपादकीय में लिखा है, ‘सुपरस्प्रेडर आयोजनों के जोखिम को लेकर चेतावनियां मिलने के बावजूद केंद्र में नरेंद्र...

क्यों हुआ भारत में  कोरोना का विस्फोट? पढ़ें WHO के टॉप सांइटिस्ट की रिपोर्ट

भारत में कोरोना वायरस का ऐसा विस्फोट हुआ है जिसके कारण अब हर दिन 4 लाख से अधिक कोरोना केस सामने आ रहे हैं और करीब 4 हजार से अधिक लोगों की मौतें हो रहीं हैं। भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के पीछे कई वजहें सामने आईं हैं, जिसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टॉप वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कई कारण बता रहीं हैं। डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि भारत में...

Covaxin राज्यों को 600 रुपए और प्राइवेट अस्पतालों को 1200 रुपए में मिलेगी: भारत बायोटेक

वैक्सीनेशन की तीसरा चरण 1 मई से शुरू हो रहा है, उससे पहले कंपनी ने वैक्सीन की कीमतों का ऐलान कर दिया

Kashmir: समाजसेवी फैसल डार ने100 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर्स महाराष्ट्र भेजे

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा (Health and Medical) क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के विक्रेता फैसल डार कश्मीर (Faisal Dar Kashmir) में कई समाजसेवी संगठनों के साथ जुड़े हुए हैं।

Proning: शरीर में ऑक्सीजन का स्तर घटने लगे तो करें यह उपाय, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार Proning की जरूरत उस समय पड़ती है जब रोगी को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 94 के नीचे चला जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि समय रहते Proning क्रिया के जरिए कई जीवन बचाए जा सकते हैं।

हिन्दू नववर्ष पर विशेष : संविधान में भारतीय तिथि क्यों नहीं लिखी गयी?

जैसे पृथ्वी की श्वेत-श्याम कला को दिन और रात का नाम मिला, वैसे ही चन्द्रमा के इसी स्वरूप को शुक्ल और कृष्ण पक्ष कहा गया। शक सम्वत की तरह भारत में बेहद प्रचलित विक्रम सम्वत में भी महीने तो 12 ही हैं, महीनों के नाम और उनका क्रम भी एक जैसा ही है, लेकिन विक्रम सम्वत की तिथियाँ 15-15 दिन के दो पखवाड़ों यानी पक्षों तक सीमित हैं, इसीलिए ये चन्द्र-मासी या ‘Lunar Calendar’ कहलाता...

चैत्र को आखिर क्यों माना जाता है सम्वत का पहला महीना?

क्या देश की एकता और समरसता से कैलेंडर या पंचांग का कोई नाता हो सकता है? आज़ादी के बाद, 1952 में जवाहर लाल नेहरू ने पाया कि काल-गणना के लिए भारत में कम से कम 30 पंचांग प्रचलित हैं, जो अशुद्ध गणितीय सिद्धान्तों के दलदल में फँसे थे। जिसकी वजह से मौसम आधारित पर्व-त्योहारों का वक़्त भी बेमौसम बताया जाता था। इसकी सबसे प्रमुख वजह थी कि खगोल शास्त्र में हुई वैज्ञानिक प्रगति के अनुसार...

Garlic Benefits: सुबह खाएंगे लहसुन, तो मिलेंगे ये 5 कमाल के फायदे

Garlic Health Benefits: लहसुन खाने से खून का जमाव नहीं होता है और हार्ट अटैक (Heart Attack) होने का खतरा कम हो सकता है. लहसुन खाने से हाई बीपी ((Garlic For High BP) में आराम मिल सकता है. दरअसल, लहसुन ब्‍लड सर्कुलेशन (Garlic For Blood Circulation) को कंट्रोल करने में काफी मददगार हो सकता है.

वैश्विक ताप वृद्धि के कारण अंटार्कटिक में बर्फ की चादर के ढहने का खतरा

शोधकर्ताओं ने कहा कि अगर तापमान चार डिग्री के बजाय दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ता है तो इस क्षेत्र पर खतरा आधा हो जाएगा।

महाराष्ट्र के नए गृह मंत्री बने दिलीप वलसे पाटिल, पढ़ें- ‘शरद पवार के पीए से लेकर होम मिनिस्टर बनने तक का सफर

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के वसूली संबंधी आरोपों पर उच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई जांच का आदेश दिए जाने के बाद सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

निष्पक्ष राजनीतिक मुकाबला के लिए जिम्मेदार संस्थाएं अपेक्षित सहयोग नहीं दे रहीं : राहुल गांधी

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष की तरफ से संस्थागत ढांचे पर पूरी तरह कब्जा कर लिया गया है।

असम के लोगों को बीजेपी ग़रीब और पिछड़ों से भी ज्यादा निपट मूर्ख मानती है!

‘गुजरात मॉडल’ का नगाड़ा बजाने के बाद संघ-बीजेपी को ‘डबल इंजन’ का झुनझुना बजाने की जैसी लत लग गयी। इसका ताज़ा और शानदार संस्करण इस बार असम और बंगाल के चुनावों में पेश-ए-नज़र है। वैसे अब देश के ज़्यादातर लोग बीजेपी की आदत, फ़ितरत और चस्कों से परिचित हैं। इसीलिए ये देखना दिलचस्प होगा कि इस बार बंगाल और असम के कितने मतदाता ‘आँख से देखकर मक्खी निगलने’ का रास्ता चुनते हैं! 5 साल में...

कट मनी, भतीजावाद, हिंदुत्व नहीं आ रहे हैं भाजपा के काम?

सर्वे की मानें तो इन राज्यों में बीजेपी की दाल गलती नहीं नजर आ रही है। जबकि भाजपा शासित असम में भी पार्टी के सामने चुनौतियां बढ़ गई है।

मोदी के बाद योगी हैं पीएम बनने के काबिल, उप्र के नागरिकों ने दी राय

रोजगार के नए अवसर दिलाने को योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाता है और इसके बाद अपराध पर नकेल कसने से संबंधित मुद्दा दूसरे नंबर पर है।

देश में 59 फीसदी नियोक्ता Work From Home के पक्ष में नहीं : सर्वे

अपने गृहनगर से काम करने के लिए वेतन में कटौती की इच्छा हाइरैरकी (ऊपर से नीचे) के साथ कम हो जाती है – 88 प्रतिशत वरिष्ठ-स्तर के कर्मचारियों का कहना है कि वे वेतन में कटौती करने के लिए तैयार नहीं हैं और 50 प्रतिशत ने कहा कि कि अगर उन्हें नौकरी मिल जाती है तो वे वापस बड़े शहर में चले जाएंगे।

मोदी राज में भारत में कम हुई आजादी, अमेरिकी रिपोर्ट का दावा

इस रिपोर्ट में पिछले साल कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए भारत सरकार की ओर से लगाए गए लॉकडाउन की भी चर्चा की गई है। इसमें लिखा है कि सरकार की ओर से पिछले साल लागू किया गया लॉकडाउन खतरनाक था। इस दौरान लाखों प्रवासी मजदूरों को पलायन का सामना करना पड़ा।

भीमा कोरेगांव मामले में साक्ष्यों से की गई छेड़छाड़ अभूतपूर्व: मार्क स्पेंसर

यूएस की फॉरेंसिक फर्म आर्सेनल कंसल्टिंग (Arsenal Consulting – Computer Forensics Services) के अध्यक्ष मार्क स्पेंसर (MARK SPENCER) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें निष्कर्ष निकाला गया था कि भीमा-कोरेगांव (Bhima-Kore Gaon) के आरोपी और कार्यकर्ता रोना विल्सन के कंप्यूटर में साक्ष्य प्लांट कर दिए गए थे। आउटलुक के साथ एक ईमेल साक्षात्कार में, मार्क स्पेंसर ने डेटा के विश्लेषण में शामिल प्रक्रिया और मामले के संबंध में बड़े मुद्दों पर...

किसानों, मजदूरों और नौजवानों में बढ़ता असंतोष मोदी सरकार के पतन का कारण बनेगा: वृंदा करात

मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और संप्रभुता के प्रतीक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का बड़े पैमाने पर निजीकरण कर अपने देशी - विदेशी आकाओं के सामने आत्म समर्पण कर दिया है।

A Digital Media Startup Growing Up With Millennial Women

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Indonesia’s Largest Fleet Of Taxis Teams Up To Beat Ride-hailing Apps

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Thousands of peoples leaving Bali via port to skip ‘Day of Silence’

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Finland Has An Education System The Other Country Should Learn From

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Women in Politics: Urgency of Quota System For Women In Regional Elections

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Commentary: Why 2019 Indonesian Presidential Election is all about 2024

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Super Bowl 2017: Here’s How Many People Watched the Super Bowl

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मध्य प्रदेश: आतंकवादी और नक्सली बनने की ली शपथ

उनका आरोप था कि नगरपालिका द्वारा आवंटित दुकानों का प्रतिमाह किराया दिये जाने के बावजूद कार्रवाई की गई और न्यायालय में विचाराधीन मामलों को लेकर भी संज्ञान नहीं लिया गया न ही उचित माध्यम से सूचना दी गई।

चीन ने कैसे कोविड-19 महामारी पर काबू पाया

महामारी के दौरान वुहान में ठहरे फ्रांसीसी चिकित्सक फिलिप क्लेन ने कहा कि चीन सरकार ने महामारी की रोकथाम में चौंकाने वाला प्रयास किया है, और चीनी लोगों ने भी इसमें बड़ा योगदान दिया है।

The Benefits of Running That Make You Healthier and Happier

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Not Thieves, But Wife, Cleared Funds Out Of Customer Account, Says BRI

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Bawaslu finds Crescent Star Party eligible for Indonesia’s 2019 elections

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Obama Visits Bali, Expected To Promote Indonesian Tourism

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Mirza Ghalib: मिर्जा गालिब के वो जबरदस्त शेर जो अमर हैं

गालिब की मां शिक्षित थीं उन्होंने गालिब को घर पर ही शिक्षा दी जिसकी वजह से उन्हें नियमित शिक्षा कुछ ज़्यादा नहीं मिल सकी। गालिब ने आगरा के पास उस समय के प्रतिष्ठित विद्वान ‘मौलवी मोहम्मद मोवज्जम’ से फारसी की प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त की।

Cyber-Violence, an Emerging New Reality for Many Indonesian Women

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उर्दू जगत के मशहूर कवि Shamsur Rahman Faruqi का निधन, अपने घर पर ली आखिरी सांस

साल 1960 में उन्होंने लिखना शुरू किया। शुरू में, उन्होंने भारतीय डाक सेवा (1960-1968) के लिए काम किया, और फिर 1994 तक एक मुख्य पोस्टमास्टर-जनरल और पोस्टल सर्विसेज बोर्ड, नई दिल्ली के सदस्य के रूप में काम किया।

Covid-19 lockdown के दौरान सबसे अधिक मददगार लोकसभा सांसदों में राहुल गांधी

नई दिल्ली स्थित नागरिक सगाई मंच द्वारा एक सर्वे, GovernEye के जरिये पाया गया कि कांग्रेस के पूर्व प्रमुख और वायनाड के सांसद राहुल गांधी कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन में सबसे अधिक मददगार सांसद के सर्वे में नंबर 3 पर हैं।

Rashifal 22 December: इस राशि के लोगों के बन सकते हैं रुके काम, देखें अपना राशिफल

कुंभ राशि-पुराने प्रोजेक्ट पर फिर से शुरू कर सकते हैं काम। सूरज भगवान को जल चढ़ाना न भूलें। आज के दिन जानवरों के खिलएं खाना। पीपल के पेड़ को जल अर्पित करें। काले तिल का दान करें। धन का हो सकता है लाभ। आज के दिन पंछियों को दाना खिलाएं। काम में मन लगेगा। दुश्मन कमज़ोर रहेगा। मन को शांत रखें। आज के दिन गरीबों में कपड़ा बांटे। आज के लिए आपका लकी नम्बर होगा 2 और शुभ रंग होगा पीला।

Market Watch: विदेशी संकेतों से तय होगी घरेलू शेयर बाजार की चाल

आगामी सप्ताह के दौरान भी घरेलू शेयर बाजार की चाल कोरोना वैक्सीन की प्रगति और अमेरिका में प्रोत्साहन पैकेज से चालित विदेशी बाजारों के संकेतों से तय होगी।

कांग्रेस बैठक में वेणुगोपाल, सुरजेवाला की गैरमौजूदगी क्या कोई संदेश है?

नई दिल्ली, 20 दिसंबर । कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर बैठक के दौरान राहुल गांधी के करीबी सहयोगी के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला मौजूद नहीं थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। वेणुगोपाल के करीबी सूत्रों ने कहा कि वह अपनी मां के निधन के बाद कुछ धार्मिक रस्म करने के लिए अपने पैतृक स्थान पर हैं लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या राहुल गांधी ने वेणुगोपाल को जानबूझकर बैठक से...

हैदराबाद : भारत की वैक्सीन राजधानी

हैदराबाद, 20 दिसंबर । कोरोना की वजह से निराशा के बीच एक क्षेत्र जिसने आशा की किरण प्रदान की, वह जीवन विज्ञान है और क्षेत्र ने चुनौती को एक अवसर में बदलकर दिखाया है। इसी क्रम में हैदराबाद ने फार्मास्यूटिकल्स की दुनिया में एक वैश्विक ताकत के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत की है। पहले से ही वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इस शहर ने फार्मास्यूटिकल्स और जैव प्रौद्योगिकी...

बिहार : जनवरी से सितंबर के बीच रोजाना 4 दुष्कर्म/सामूहिक दुष्कर्म के मामले

पटना, 20 दिसंबर । साल 2020 में जनवरी से सितंबर के बीच बिहार में हर दिन दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के 4 मामले दर्ज किए गए हैं। सुलिस विभाग के सूत्रों के बताया राज्य के पुलिस थानों में ऐसे कुल 1,106 मामले दर्ज किए गए। आईएएनएस को मिले आंकड़ों के अनुसार जून में सबसे ज्यादा 152 मामले, जुलाई 149 मामले और अगस्त 139 मामले दर्ज हुए। इससे पहले जनवरी में 88, फरवरी में 105, मार्च...

Opinion: कॉरपोरेट के बहिष्कार के सिवाय कोई रास्ता नहीं!

किसान कैसे भूल सकते हैं कि तेज़ी से कड़े फ़ैसले लेने वाली सरकार ने जिस संसद से डंके की चोट पर कृषि क़ानून पारित करवाये, उसी ढंग से संविधान के अनुच्छेद 370 का सफ़ाया किया, जम्मू-कश्मीर का विभाजन किया और नागरिकता क़ानून बनाया।

शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद की बनेगी बायोपिक

अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि कौन अभिनेता इस अनटाइटल्ड फिल्म में आनंद राय के निर्देशन में शतरंज ग्रैंडमास्टर का किरदार निभाएगा।

सिंघु बॉर्डर : किसान आंदोलन का प्रभावशाली केंद्र

नई दिल्ली, 13 दिसम्बर : दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर पहला प्रमुख किसान आंदोलन स्थल सिंघु सीमा, पिछले 17 दिनों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के धरने के लिए भविष्य की रणनीति बनाने के साथ किसानों के प्रदर्शन के लिए एक प्रभावशाली केंद्र बन गया है। यह तीन महीने पहले संसद द्वारा तीन कृषि कानूनों को लागू करने के बाद उनके मुद्दों को हल करने में सरकार के साथ चर्चा करने के लिए प्रतिनिधियों का चयन...

किसानों को अलगाववादी के रूप में पेश कर रही मीडिया : ब्रिटिश सांसद ढेसी

चंडीगढ़, 13 दिसंबर : भारत में प्रदर्शनकारी किसानों के मुखर समर्थक रहे ब्रिटिश लेबर सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने किसानों को अलगाववादी या आतंकी के रूप में पेश कर गलत सूचना फैलाने के लिए मीडिया की आलोचना की है। ढेसी जिन्होंने पहले ब्रिटिश विदेश मंत्री डॉमिनिक रैब को 35 अन्य सांसदों के साथ नई दिल्ली के साथ किसानों के आंदोलन का मुद्दा उठाने के लिए लिखा था, उन्होंने शनिवार को ट्वीट किया, आपके अपशब्द और...

कोविड-19 से रिकवरी के बाद देखी जा रही हृदय संबंधी समस्याएं

नई दिल्ली, 13 दिसंबर : कोविड-19 से संक्रमित लोगों के लिए इस बीमारी से लड़ाई का अंत रिकवरी के बाद भी शायद नहीं हो रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं सहित कई लोगों में घातक बीमारी से रिकवरी के बाद हृदय संबंधी समस्याएं देखी जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पतालों में ऐसे युवाओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है, जो संक्रमण से ठीक होने के बाद कार्डियक मुद्दों की वजह...

लखनऊ में हनी-ट्रैप, ब्लैकमेलिग गिरोह का भांडाफोड़

डॉक्टर के दोस्त ने पैसे की व्यवस्था के बहाने उसे पुलिस तक पहुंचने में मदद की। हालांकि, जब पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची, तो अपहर्ता भाग गए थे और डॉक्टर को बचा लिया गया था।

Daily Horoscope : इस राशि के लोग नए व्यापार में लगाएं पैसा, देखें अपना राशिफल

सिंह राशि-भगवान को चांदी के बर्तन में लगाएं भोग होगा शुभ। आज आप किसी लंबी यात्रा और जा सकते हैं। आज तुलसी के पेड़ की करें पूजा। प्रेमियों के लिए आज का दिन खास है। हनुमान जी की पूजा करें। अपने क्रोध पर काबू रखें। गरीब को चावल का दान करें। आज के दिन रुके काम जल्दी ही पूरे होंगे। आज के लिए आपका लकी नम्बर है 1 और शुभ रंग है सफेद।

Assam NRC में हो सकते हैं 2.77 लाख अवांछित नाम

गुवाहाटी, 11 दिसंबर। असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) को लेकर एक महत्वपूर्ण रहस्योद्घाटन हुआ है। असम के राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में 2.77 लाख गलत नाम दर्ज होने की संभावना जताई गई है। असम के एनआरसी समन्वयक (को-ऑर्डिनेटर) हितेश देव सरमा ने कहा है कि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बताया है कि असम एनआरसी में 31 अगस्त को जारी सूची में 2.77 लाख अवांछित नाम हो सकते हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हितेश...

COVID-19 से लड़ाई में गेमचेंजर साबित हो सकती है नई दवा Monupiravir

मोल्नूपीराविर दवा देने के बाद संक्रमित जानवरों को स्वस्थ जानवरों के साथ एक ही पिंजरे में रखा गया, ताकि यह देखा जा सके कि उनमें संक्रमण फैलता है या नहीं।

Human Rights Day: जानें क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस, क्या है इसका इतिहास और इस बार की थीम

साल 1948 में यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली ने इसको अपनाया, लेकिन आधिकारिक तौर पर इस दिन की घोषणा साल 1950 में की गई थी।

कोरोना वैक्सीन की आपातकालीन स्वीकृति में पारदर्शिता चाहती है सिविल सोसायटी

नई दिल्ली, 9 दिसम्बर । स्वास्थ्य सेवा से जुड़े संगठन अखिल भारतीय ड्रग एक्शन नेटवर्क (एआईडीएएन) ने स्वास्थ्य मंत्रालय, नीति आयोग और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को कोरोनावायरस वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए देश की ओर से अपनाई जा रही विनियामक अनुमोदन प्रक्रियाओं पर पारदर्शिता और स्पष्टता के लिए पत्र लिखा है। यह पत्र अमेरिकी दवा निर्माता फाइजर, पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड की ओर...

दिल्ली में सैयद अहमद खान के लिए बन रहा संग्रहालय

एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि संग्रहालय परियोजना के लिए सभी आवश्यक सहायता और सहयोग विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया जाएगा।

सार्वजनिक उपयोग के लिए फरवरी से उपलब्ध हो सकती है कोवैक्सीन

नई दिल्ली, 8 दिसंबर । भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक लिमिटेड की ओर से विकसित की जा रही कोवैक्सीन के फरवरी 2021 के अंत तक आम जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध होने की संभावना है। एम्स में इसके नैदानिक परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) के प्रमुख जांचकर्ता (पीआई) डॉ. संजय रॉय ने मंगलवार को आईएएनएस को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, हम उम्मीद कर सकते हैं कि फरवरी तक...

Pfizer के कोरोना टीकाकरण के दौरान हुआ संयोग, टीका लगने वाले दूसरे व्यक्ति का नाम William Shakespeare

इस दिन ब्रिटेन की 90 वर्षीय दादी मार्गरेट कीनन (Margaret Keenan) को फाइजर की कोविड वैक्सीन (Pfizer Covid Vaccine) का पहला टीका लगा।

हार के बाद भी कमलनाथ का दबदबा कायम, चाह कर भी हाईकमान नहीं ढूढ़ पा रहा विकल्प

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कमलनाथ लंबे समय से कांग्रेस नेतृत्व के करीब रहे है। इसी वजह से जब तक सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी रहेंगी कमलनाथ इसी तरह मजबूत रहेंगे।

Dev Deepawali: स्नान से लेकर उपवास तक, इन बातों का रखें खास ध्यान होगा शुभ

इस बार खास बात ये है कि कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया भी लगने जा रहा है। देव दिवाली को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सभी देवता स्वर्गलोक से दिवाली मनाने काशी में आते हैं।

Guru Nanak Jayanti: गुरु नानक देव के इन विचारों को अपनाएं, बदल जायेगा जीवन

Guru Nanak Jayanti 2020 के शुभ अवसर पर पढ़ें नानक देव के कुछ ऐसे विचार जिसे अपनाने से आपका जीवन बदल सकता है।

राम लीला मैदान की ओर कूच कर रहे किसान, पुलिस ने निरंकारी मैदान में लाकर छोड़ा

दरअसल निरंकारी मैदान पर किसानों के लिए बेसिक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इसके तहत सबसे पहले यहां किसानों के लिए पेयजल की व्यवस्था करवाई जा रही है।

चक्रवात निवार ने पार किया तमिलनाडु और पुडुचेरी समुद्री तट

मौसम विभाग ने कहा कि हवा की गति तमिलनाडु के आंध्र प्रदेश और चित्तूर जिले के आंतरिक जिलों (रानीपेट, तिरुवन्नमलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर) में 65-75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक कम होने की संभावना है।

कांग्रेस के दिग्गज-निष्ठावान नेता अहमद पटेल का निधन – श्रद्धांजलि

पटेल को पत्रकारों का मित्र माना जाता था। वह देर रात पत्रकारों को बुलाते थे। लेकिन कभी भी सीधे तौर पर कोई बयान नहीं देते थे। उनके द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, उन्हें जज करना होता था।

“अबकी बार किसका बिहार?”, ये 12 सीटें जिन पर होंगी सबकी नजर

“अबकी बार किसका बिहार?” ये सवाल बीते कई महीनों से बिहार की सियासी फिजाओं और लोगों की जुबान पर तैर रहा है। कल यानी मंगलवार 10 नंवबर को ये इंतजार खत्म हो जाएगा। सुबह 8 बजे से जनता द्वारा ईवीएम में कैद नेताओं की किस्मत के पिटारे खुलने शुरू हो जाएंगे और चढ़ते दिन के साथ ये स्पष्ट हो जाएगा कि इस बार राज्य की जनता ने सत्ता की चाभी “युवराज” को सौंपी है या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार...

मध्य प्रदेश उपचुनाव: सिंधिया की बगावत बचाएगी शिवराज सरकार या फिर कमलनाथ की खुलेगी किस्मत, फैसला आज

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी। सभी जिला मुख्यालयों में मतगणना की जाएगी। सबसे ज्यादा मतगणना के 32 राउंड ग्वालियर पूर्व में होंगे।ग्वालियर से काफी लोग सेना में है, ऐसे में पोस्टल बैलेट से डाले गए वोट की संख्या अधिक हैं, इसलिए यहां पर पोस्टल बैलेट की गणना में सबसे ज्यादा समय लगेगा, जबकि डबरा में सबसे कम सिर्फ 24 राउंड होंगे।हालांकि...

क्या मोदी सरकार पर चुनाव आचार संहिता लागू नहीं है?

चुनाव आयोग, क्या सरकारी कर्मचारियों को मतदाता नहीं मानता? क्योंकि यदि सरकारी कर्मचारी भी मतदाता हैं तो चुनाव की घोषणा होने या आदर्श चुनाव संहिता के लागू होने बाद इन्हें रिझाने या बहलाने के लिए किसी रियायत या राहत पैकेज़ का एलान नहीं हो सकता। लिहाज़ा, ये सवाल तो है कि अर्थव्यवस्था में माँग बढ़ाने के लिए 12 अक्टूबर को घोषित वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ‘डिमांड इंफ़्यूज़न’ पैकेज़ को आचार संहिता का उल्लंघन क्यों...

नीतीश को निपटाने के लिए बीजेपी ने अपनी दो टीमें मैदान में उतारीं

अंक और गिनती से पनपी गणित की दर्ज़नों शाखाएँ हैं। अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति वग़ैरह से तो सभी परिचित हैं। गणित विज्ञान है। विज्ञान की तरह गणित के भी नियम और सिद्धान्त अकाट्य होते हैं। तभी तो पूरे ब्रह्मांड में हर जगह दो और दो, चार ही होता है। लेकिन ‘सियासी-गणित’ ऐसी विचित्र विधा है जिसमें ‘चार’ कभी ‘साढ़े तीन’ बन जाता है तो कभी ‘साढ़े चार’। मज़ेदार तो ये है कि दुनिया भर में ‘राजनीति-विज्ञान’...

राजनीति को अपराधियों से बचाये बग़ैर नहीं बचेंगी बेटियां

पुलिस या न्यायिक सुधारों को लेकर देश या राज्यों में काँग्रेसी सरकारों ने अतीत में जैसी लापरवाही दिखायी, उसी का दंश मौजूदा काँग्रेसियों को ख़ून के आँसू रोकर भोगना पड़ रहा है। दमन और उत्पीड़न विरोधी क़ानूनों को संसद और विधानसभा में बनाने के बावजूद ज़मीनी हालात में अपेक्षित बदलाव इसीलिए नहीं हुआ क्योंकि वहाँ बदलते दौर की चुनौतियों से निपटने वाला पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र मौजूद नहीं रहा।

बढ़ती बेरोज़गारी, गर्त में जाती अर्थव्यवस्था के बीच सरकारों का निजीकरण पर जोर

केन्द्र सरकार इस बात को लेकर बहुत सन्तुष्ट नज़र आती है कि ताज़ा कृषि क़ानूनों का अभी मुख्य रूप से सिर्फ़ दो राज्यों- पंजाब और हरियाणा में ही भारी विरोध हो रहा है। बाक़ी देश के किसान ख़ुश और गदगद हैं कि ‘मोदी जी ने एक और चमत्कार कर दिखाया है।’ बेशक़, सबको अपनी धारणाएँ बनाने की आज़ादी है। लेकिन कृषि क़ानूनों को लेकर जिस ढंग से सियासत गरमायी उससे साफ़ दिख रहा है कि...

हाथरस के निर्भया कांड को बाबरी मस्जिद के चश्मे से भी देखिए

दूर तलक जाने वाली अगली बात है कि भारतीय न्यायपालिका में ‘न्यायिक चमत्कारों’ का भी शानदार इतिहास रहा है। मुम्बई में पाँच मज़दूरों ने सलमान ख़ान की कार से उस वक़्त पटरी उचककर उन्हें रौंद डालने की ग़ुहार लगायी थी, जब कार में भले ही कई लोग सवार हों, लेकिन कोई उसे चला नहीं रहा हो। ‘No One Killed Jessica’, अन्धा क़ानून, अदालत जैसी तमाम फ़िल्में यूँ ही नहीं बनतीं। फ़िल्मी पुलिस या अदालतों की...

यक़ीनन, अबकी बार बिहार पर है संविधान बचाने का दारोमदार

संघियों का एक ही एजेंडा है कि सांसद और विधानसभाओं को ख़रीदकर या सैद्धान्तिक रूप से ध्वस्त करके भारतीय लोकतंत्र और संविधान को पूरी तरह से संघ का ग़ुलाम बनाना! यही हिन्दू-राष्ट्र की वो परिकल्पना है जिसका ख़्वाब सावरकर और दीनदयाल ने देखा था। हिन्दुत्व की अफ़ीम चाटकर बैठे सवर्ण हिन्दुओं के लिए इसी एजेंडा को ‘काँग्रेस मुक्त भारत’ कहा गया था। लेकिन इसका असली लक्ष्य ‘विपक्ष विहीन भारत’ बनाना ही है! इसे ही ‘संकल्प...

‘टाइम’ में अमरत्व वाली मनमाफ़िक छवि अर्जित करने से श्रेष्ठ और कुछ नहीं!

मोदी युग की सबसे बड़ी पहचान यही हो गयी है कि यहाँ ‘मन की बात’ की तो भरमार है लेकिन ‘काम की बात’ को ढूँढ़ना मुहाल है। इसीलिए ‘टाइम’ और बोलिविया के अनुभवों से सीखना ज़रूरी है। देश बेचने वालों से निपटना ज़रूरी है।

लौंगी भुइंया से दशरथ मांझी बनने की पूरी कहानी

लौंगी भुइंया के साथ के लोग शायद अब उनके साथ न हों पर आने वाली उस गाँव की पीढ़ी “लौंगी भुइंया” का हमेशा शुक्रगुज़ार रहेगी।

कांग्रेस की बीमारियां उन्हें क्यों सता रहीं जिन्होंने इसे वोट दिया ही नहीं?

मध्यम वर्गीय, शिक्षित, खाते-पीते लोगों और ख़ासकर सवर्णों के बीच कांग्रेस की चिर परिचित बीमारियां अरसे से आपसी चर्चा का मुद्दा बनती रही हैं। लेकिन मज़े की बात तो ये है कि ऐसा अनायास नहीं है। बल्कि बाक़ायदा, सुविचारित रणनीति के तहत ऐसा करवाया जा रहा है। इसे संघ के ‘डैमेज़ कंट्रोल एक्सरसाइज़’ की तरह देखा जा सकता है। इसकी कई वजहें साफ़ दिख रही हैं। संघ को स्पष्ट ‘फ़ीडबैक’ मिल रहा है कि मोदी...

संविधान बचाने से ज़्यादा ज़रूरी है इसके आन्दोलनकारियों को बचाना

सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा के हवाले से शाहीन बाग़ वाले संविधान बचाओ आन्दोलन को जल्द बहाल करने की सुगबुगाहट है। इसी तर्ज़ पर क्या सोशल-डिस्टेसिंग का जोख़िम उठाकर 30 अगस्त को मुहर्रम का जुलूस निकालने की इजाज़त माँगने, देने या नहीं देने को लेकर कहीं तनाव के हालात तो नहीं बन जाएँगे? ऐसे दौर में जब रोज़ाना करीब 65 हज़ार कोरोना पॉज़िटिव के मामले सामने रहे हों, जब स्कूल-कॉलेज निलम्बित हों और रेल-सेवा...

गाय, गधा, ग़ालिब और दिलीप घोष की मज़ेदार जुगलबन्दी

दिलीप घोष ने बीते नवम्बर में रहस्योद्घाटन किया था कि ‘भारतीय नस्ल की गायों में एक खासियत होती है। इनके दूध में सोना मिला होता है और इसी वजह से उनके दूध का रंग सुनहरा होता है। उनके एक नाड़ी होती है जो सूर्य की रोशनी की मदद से सोने का उत्पादन करने में सहायक होती है। इसलिए हमें देसी गायें पालनी चाहिए।

‘ग़रीब कल्याण रोज़गार’ के तमाशे के पीछे अभी तो बस बिहार चुनाव ही है

मेरा 30 साल का सारा पत्रकारीय अनुभव और कौशल ये पता नहीं लगा पाया कि बिहार और बंगाल की चुनावी बेला को ध्यान में रखकर घोषित हुआ केन्द्र सरकार का चमत्कारी ‘ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान’ वास्तव में ज़मीन पर कब से और कितना चमत्कार दिखा पाएगा? कोरोना की मार खाकर बदहवासी के साथ अपने गाँवों को लौटे कितने स्किल्ड (हुनरमन्द) प्रवासी मज़दूरों को, कितने दिनों का, कितनी आमदनी वाला और कैसा रोज़गार देकर उनका उद्धार...

शेयर बाजार में पूरे सप्ताह रहा उतार-चढ़ाव, 1.5 फीसदी टूटे सेंसेक्स, निफ्टी

मुंबई, 13 जून (आईएएनएस)। घरेलू शेयर बाजार में इस सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी रहा, लेकिन लगातार दो सप्ताह बढ़त कायम नहीं रह पाई। घरेलू कारकों और कमजोर विदेशी संकेतों से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पिछले सप्ताह के मुकाबले करीब 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह के मुकाबले 506.35 अंकों यानी 1.48 फीसदी की गिरावट के साथ...

यदि देश में ‘समानान्तर सरकार’ चल रही है तो क्या भारत में गृह युद्ध छिड़ चुका है?

आश्चर्य की बात तो यह भी है कि सरकार को नाख़ुश कर रहे 19 हाईकोर्ट का क्षेत्राधिकार तक़रीबन 90 फ़ीसदी आबादी से जुड़ा हुआ है। क्या यह माना जाए कि कोरोना संकट के आगे देश का सारा संवैधानिक ढाँचा चरमरा चुका है। हालात पूरी तरह से हाथ से निकल चुके हैं। सरकारों ने जनता को उसकी क़िस्मत के हवाले कर दिया है।

वित्तमंत्री का क़बूलनामा: बैंकों को भी डराती हैं CBI, CVC और CAG जैसी संस्थाएँ

भारत के संवैधानिक, क़ानूनी और सरकारी ढाँचे को जानने-समझने वाले लोग वैसे तो इतना जानते ही हैं कि CBI, CVC और CAG जैसी शीर्ष संस्थाएँ केन्द्र सरकार के इशारे पर ही काम करती हैं। इनकी निष्पक्षता और स्वायत्तता ‘हाथी के दिखाने वाले दाँतों’ की तरह ही रही हैं। इसलिए भी इन्हें केन्द्र सरकार के ‘दबंग सरकारी लठैतों’ की तरह देखा जाता रहा है। सरकारी दबंगों की इस बिरादरी में ही पुलिस के अलावा आयकर विभाग...

आख़िर क्यों वित्तमंत्री के ऐलान झुनझुने जैसे ही हैं?

ग़रीब हो या अमीर, अब तो सभी 20 लाख करोड़ रुपये के सुहाने पैकेज़ वाले झुनझुने की झंकार सुनने को बेताब हैं। लेकिन वित्तमंत्री की पहले दिन की पेशकश में ग़रीबों के लिए कुछ नहीं था। हो सकता है, आने वाले दिनों में सरकार को इनके लिए भी कुछ सूझने लगे। अभी तक तो सरकार की तरफ से समाज के उस सबसे कमज़ोर तबके के लिए हमदर्दी के बोल भी नहीं थे, वो एक से...

कोरोना पैकेज़: झुनझुना बजाने और ऐलान करने के मोर्चे पर प्रधानमंत्री से आगे निकलीं वित्तमंत्री

12 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस 20 लाख करोड़ रुपये के आत्म-निर्भर पैकेज़ का ऐलान किया था, वो अब बढ़कर क़रीब 21 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। रहा सवाल कि सरकार इतनी रक़म लाएगी कहाँ से? तो इसके बारे में वित्त मंत्री का कहना है कि स्वाभाविक रूप से इसके लिए सरकार कर्ज़ का ही इन्तज़ाम करेगी। वित्तमंत्री ने बताया कि 22 मार्च से लेकर अब तक जितनी भी घोषणाएँ हुए...

बेशक़, प्रधानमंत्री की सहमति से ही हो रही है श्रम क़ानूनों की ‘हत्या’!

ऐसे वक़्त में जब कोरोना संक्रमण से पैदा हुई चुनौतियाँ बेक़ाबू ही बनी हुई हैं, तभी हमारी राज्य सरकारों में एक नया संक्रमण बेहद तेज़ी से अपने पैर पसार रहा है। बीते पाँच दिनों में छह राज्यों ने 40 से ज़्यादा केन्द्रीय श्रम क़ानूनों को अपने प्रदेशों में तीन साल के लिए निलम्बित करने का असंवैधानिक और मज़दूर विरोधी फ़ैसला ले लिया। पहले से ही तक़रीबन बेजान पड़े इन श्रम क़ानूनों को ताक़ पर रखने...

सम्पन्न तबके की दूरदर्शिता के बग़ैर पटरी पर नहीं लौटेगी अर्थव्यवस्था

कोरोना संकट के पहले से अर्थव्यवस्था पर गहराई चौतरफ़ा मन्दी और बढ़ती बेरोज़गारी का कहर ग़रीबों के बाद अब मध्य वर्ग पर सितम ढाने को तैयार है। अर्थव्यवस्था के हरेक सेक्टर के सामने अब लाखों-करोड़ों मज़दूरों का टोटा मुँह बाए खड़ा है।

क्या काँग्रेस के लिए टर्निंग प्वाइंट बनेगी ग़रीबों का रेल-भाड़ा भरने की पेशकश?

राजनीति में हवा का रुख़ पलटने में ज़्यादा देर नहीं लगती। इसीलिए सभी राजनेता हर बात का राजनीतिकरण करने का मौक़ा ढूँढते रहते हैं। यह हवा जिसके ख़िलाफ़ होती है, वो हमेशा ‘इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए’ की दुहाई देता रहता है। पहले से ही अर्थव्यवस्था ख़राब हालत में थी। लॉकडाउन ने बचे-खुचे को भी ध्वस्त कर दिया। ग़रीबों पर ऐसी मार पहले कभी नहीं पड़ी। इसीलिए रेल-भाड़े की पेशकश कांग्रेस के लिए टर्निंग प्वाइंट बन सकती है।

धन्य है गोदी मीडिया जिसने प्रधानमंत्री के बयान को भी ‘अंडरप्ले’ कर दिया!

मुख्यमंत्रियों के साथ 27 अप्रैल को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो सबसे बड़ी बात कही, उसे उनके चहेते मेनस्ट्रीम (गोदी) मीडिया ने ऐसा ‘अंडरप्ले’ किया कि वो सुर्ख़ियों से ग़ायब हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि “आर्थिक स्थिति की चिन्ता करने की ज़रूरत नहीं है। हमारी अर्थव्यवस्था अच्छी है।” कोरोना की आफ़त के बीच प्रधानमंत्री ने इतनी बड़ी बात कही है। लेकिन इसे तव्वज़ो नहीं मिली। शायद, ऐसी वजहों से ही...

अद्भुत है मोदीजी की ‘कष्ट-थिरैपी’!

मोदीजी को पता है कि जनता जितना कष्ट में रहेगी, उतना ही उनकी ओर तारणहार की तरह देखेगी। तारणहार, यानी भगवान। आम तौर पर लोग कष्टों को भगवान की मर्ज़ी ही समझते हैं। तभी तो भगवान से ही कष्टों को हरने की प्रार्थना करते रहते हैं।

ट्रम्प को अपना सिंहासन डोलता दिख रहा है, भारत भी अछूता नहीं रहने वाला

वैसे तो सारी दुनिया में जनता की नब्ज़ को भाँपने के लिए अनेक सर्वेक्षण होते हैं, लेकिन अमेरिकी सर्वेक्षणों की प्रतिष्ठा ख़ासी बेहतर समझी जाती है। क्योंकि इनसे सच का आभास होता है। जबकि भारत में सर्वेक्षणों की आड़ में तरह-तरह के ‘खेल’ खेले जाते हैं। तभी तो भारत में कोरोना से निपटने को लेकर हुई तमाम लापरवाही के बावजूद नरेन्द्र मोदी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री होते हैं, जबकि इन्हीं लापरवाहियों के आधार पर...

टिप्पणी : अमेरिका का दोषारोपण खेल वायरस से कहीं अधिक खतरनाक

अमेरिका की तुलना में, चीन ने वायरस पर प्रभावी ढंग से काबू पाया है। उसने अभूतपूर्व ढंग से महामारी-रोधी उपाय अपनाये हैं और दुनिया को इस महामारी के खिलाफ लड़ने के प्रति मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास का जोश भरा है।

ट्रम्प की नींद कोरोना ने उड़ा रखी है या चुनाव में लुटिया डूबने की चिन्ता ने?

कोरोना के कहर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प को चकरघिन्नी बना दिया है। ख़ुद को सर्वशक्तिमान समझने वाला अमेरिका अब तक अपनी 50,000 लाशें गिन चुका है। वैसे ट्रम्प ख़ुद आशंका जता चुके हैं कि कोरोना 2.5 लाख अमेरिकियों की बलि लिये बग़ैर नहीं मानने वाला। यानी, अभी चार गुना तबाही देखना बाक़ी है। लेकिन ट्रम्प की बदहवासी की वजह इन लाशों से ज़्यादा दिसम्बर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर है। इसीलिए वो...

मोदी-शाह के इशारे पर महाराष्ट्र के राजभवन में ‘चालू आहे’ संविधान का चीरहरण

द्वापर युग में हस्तिनापुर के राजदरबार में जैसे दुर्योधन और दुःशासन ने द्रौपदी का चीरहरण करके अपने माथे पर अमिट कलंक लगाया था, बिल्कुल वैसे ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर मुम्बई के राजभवन में 10 अप्रैल से संविधान का चीरहरण जारी है। द्वापर की उस लीला की तुलना यदि मौजूदा मोदी-युग से करें तो हम पाएँगे कि इसमें मोदी-शाह दोनों मिलकर दुर्योधन की भूमिका में हैं तो राज्यपाल भगत...

कोरोना के भ्रामक आँकड़ों के मकरजाल की पीछे भी सियासत है

ऐसे भ्रामक दावों से सरकार जो हासिल करना चाहती थी वो तो कमोबेश उसने हासिल कर लिया, क्योंकि मीडिया ने ICMR के दावों को वैसे ही ‘प्लांट ख़बर’ के रूप में पेश कर दिया, जैसा कि सरकार चाहती थी।

क्या प्रधानमंत्री का सन्देश देश को सही दिशा दिखाएगा?

क्या देश जिन चुनौतियों से जूझ रहा है, उसका समाधान बताएँगे प्रधानमंत्री या फिर ये एक और 'इवेंट' अथवा 'मन की बात' ही होगी?

सूरत से उभरे सन्देशों की गहराई को सरकारें फ़ौरन समझें

अब भी वक़्त है कि प्रधानमंत्री लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने के ऐलान के साथ ही देश और ख़ासकर मेहनतकश तबके को अच्छे ढंग से समझाएँ कि मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए सरकारें उनके लिए क्या-क्या करने वाली हैं? जिन चिन्ताओं ने ग़रीबों को बेचैन कर रखा है, उन्हें लेकर ऐसा समाधान ढूँढना होगा, जिससे लॉकडाउन के मक़सद पर आँच नहीं आये।

COVID-19: भारत के पास अब भी दक्षिण कोरिया से सीखने का भरपूर मौक़ा है

दक्षिण कोरिया की खुशनसीबी थी कि उसने चीन के ऐसे अनुभवों को देखते हुए अपनी रणनीति बनायी और उसे अमल में लाया। जबकि बाक़ी दुनिया के देशों का मूर्ख नेतृत्व अपने सियासी अहंकारों में ही मदमस्त रहा।

कैसे बेमिसाल रणनीति है, ‘टेस्टिंग नहीं, तो कोरोना नहीं’?

राष्ट्रपति ट्रम्प आशंका जता चुके हैं कि अमेरिका की 34 करोड़ की आबादी में से क़रीब 2.5 लाख लोग कोरोना की भेंट चढ़ जाएँगे। यदि भारत में ऐसा ही अनुपात रहा तो अमेरिका से चार गुना आबादी वाले 130 करोड़ भारतीयों में से मृतकों की संख्या 10 लाख तक क्यों नहीं पहुँचेगी?

COVID 19 : ..तो दुनिया में पहली बार रमजान के दौरान रहेंगी बंदिशें?

"दुनिया मे पहली दफा ऐसा होगा कि जब रमजान के वक्त पाबंदियां होंगी, एक साथ और लोग घरों में रहेंगे। इससे पहले 39 बार मक्का को लोगों की इबादत के लिये बंद कर दिया गया था, लेकिन लॉकडाउन बढ़ने की स्थिति में ऐसा पहली बार होगा दुनिया की तारीख में जब रमजान पांबदियों से गुजरेगा।"

‘5 अप्रैल, 9 बजे, 9 मिनट’ – मूर्खता के अथाह कुंड में गोताख़ोरी

प्रवचन और उपदेशों से समाज की विकृतियाँ दूर हुई होती तो चप्पे-चप्पे पर धर्मात्मा ही नज़र आते। दरअसल, समझाने से सिर्फ़ वही समझते हैं, जो समझना चाहते हैं। जो समझना चाहते हैं, उनमें समझने की क्षमता भी विकसित हो जाती है। लेकिन इतिहास ग़वाह है कि मूर्खों को समझा पाना नामुमकिन है। इस ब्रह्म सत्य को मौजूदा निज़ाम से बेहतर और कोई नहीं जानता। इसीलिए पहले ये रही-सही अक्ल वालों को मूर्खों में तब्दील करता...

80 फीसदी लोग मास्क पहनें तो महामारी पर लगाम संभव : डॉ. शैलजा

नई दिल्ली, 2 अप्रैल | देश की अगर 50 प्रतिशत आबादी मास्क पहनती है, तो सिर्फ 50 प्रतिशत आबादी को ही कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा हो सकता है। यदि 80 प्रतिशत आबादी मास्क पहनती है, तो इस महामारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जा सकती है।-यह कहना है, सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय में वरिष्ठ सलाहकार डॉ. शैलजा वैद्य गुप्ता का। उन्होंने यह बात भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक...

इंदौर में सोशल डिस्टेंसिंग से बेरुखी महंगी पड़ी

इंदौर, 2 अप्रैल | स्वच्छता का परचम लहराने वाला मध्य प्रदेश का इंदौर इन दिनों देश और दुनिया में फैली कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है। स्वच्छता के बावजूद आखिर क्या वजह रही कि इंदौर में कोरोना के मरीज बढ़ते गए। इनमें एक जो प्रमुख वजह रही वह है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न किया जाना। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े और आधुनिक सुविधाओं वाले शहर में शुरुआती केस आने के...

पत्रकारीय तर्कों से देखें तो तीन महीने से कम नहीं रहेगा भारत में लॉकडाउन

भारत की नौकरशाही के मुखिया कैबिनेट सचिव राजीव गौबा का 30 मार्च 2020 का बयान है, “मैं ऐसी रिपोर्टों से चकित हूँ, लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।” अंग्रेज़ी में लिखूँ तो “I’m surprised to see such reports, there is no such plan of extending the lockdown.” लेकिन मेनस्ट्रीम मीडिया ने इसे कुछ ऐसे पेश किया कि लॉकडाउन की मियाद आगे नहीं बढ़ने वाली, क्योंकि कैबिनेट सचिव ने कहा कि ‘इसे आगे...

कोरोना की ग़लतियाँ तब क्यों न गिनाएँ जब हो रही हैं?

मैं ‘राष्ट्रद्रोही-लिबरल-सेक्यूलर’ मौजूदा दौर में क्या करूँ? पत्रकारिता का धर्म कैसे निभाऊँ? कैसे कहूँ कि “हुज़ूर, वज़ीर-ए-आज़म आपने ‘जनता कर्फ़्यू’ और ‘टोटल लॉकडाउन’ का फ़ैसला लेने में बहुत देर कर दी। जिस वक़्त आप अपने प्रिय दोस्त डोनॉल्ड ट्रम्प के स्वागत वाले ‘इवेंट मैनेजमेंट’ में मशगूल थे, उसी वक़्त आपको भारत को सील कर देना चाहिए था।

प्रधानमंत्री को माफ़ी देकर ग़रीब तो इंसानियत से गद्दारी करने से रहा

आपने भले ही प्रज्ञा ठाकुर को ‘कभी दिल से माफ़ नहीं करने’ का बयान देने के बावजूद माफ़ कर दिया हो, उनके ख़िलाफ़ आपकी पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की हो, आपने उन्हें बहुत गर्व से अपना माननीय सांसद बनाये रखा हो, लेकिन याद रखिए प्रधानमंत्री जी, अपनी जान की बाज़ी लगाकर सड़कों पर भटक रहे लाखों ग़रीब-मज़दूर आपको कभी माफ़ नहीं कर पाएँगे। यदि दुआओं और बददुआओं का कोई असर होता है तो ऐसे...

जानकारी ही बचाव है: क्या है कोरोना का स्टेज – 1-2-3…?

वुहान और चीन को भी कोरोना की स्टेज के बारे में जानने में वक़्त लगा। यही हाल दुनिया के तमाम देशों का भी रहा। भारत को प्रकृति ने औरों के अनुभव से सीखने का बहुत मौका दिया।

कोरोना से जुड़ा सबसे बड़ा झूठ

ये सबसे बड़ा झूठ है कि कोरोना वायरस को चीन या अमेरिका ने अपने किसी जैविक हथियार के रूप में विकसित किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश वो प्रयोगशालाओं के तालों और दीवारों को चकमा देकर निकल भागा और अब सारी दुनिया में नरसंहार कर रहा है। जबकि वैज्ञानिक सच्चाई ये है कि आज तक मनुष्य अपनी प्रयोगशालाओं में किसी भी नये जन्तु का निर्माण नहीं कर पाया है। लिहाज़ा, कोरोना वायरस को किसी जैविक हथियार के...

ज्योतिरादित्य सिंधिया बढ़े दादी-पिता की राह पर

ज्योतिरादित्य की दो बुआ यशोधरा राजे सिंधिया और वसुंधरा राजे सिंधिया भाजपा की कद्दावर नेता हैं। अब ज्योतिरादित्य के कांग्रेस छोड़ने से दोनों बुआ खुश हैं। यशोधरा राजे ने इसे ज्योतिरादित्य की घरवापसी करार दिया है।

आख़िर, ये शपथ है क्या बला!

संवैधानिक पदों का दायित्व सम्भालने वालों के लिए संविधान में पद और गोपनीयता की शपथ लेने का विधान बनाया गया है। संविधान के अनुच्छेद 60, 69, 75(4), 99, 124(6), 148(2), 159, 164(3), 188 और 219 में इसका बाक़ायदा ज़िक्र है। इसका सम्बन्ध राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्री, स्पीकर, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस और जजों, सांसदों, विधायकों और सीएजी के पदों से है। संवैधानिक पद होने के बावजूद संघ लोक सेवा...

…तो क्या बीजेपी ने विधायक ओम प्रकाश शर्मा को सुपर पीएम बना दिया है?

क्या बीजेपी ने दिल्ली में अपने पुनर्निर्वाचित विधायक ओम प्रकाश शर्मा को सुपर पीएम बना दिया है? वर्ना वो कैसे कह रहे हैं कि ‘दिल्ली में हार के बाद भी बीजेपी की नीतियों में कोई बदलाव नहीं आएगा। देश में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के बाद एनआरसी भी आएगा और जनसंख्या नियंत्रण क़ानून भी आएगा।’ ओम प्रकाश शर्मा का ये बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के उन बयानों के बाद कैसे...

कोई बताएगा कि ‘मुफ़्तख़ोरी’, आख़िर है क्या बला!

दिल्ली विधानसभा के चुनावों में अनेक भ्रष्ट narratives (कथा, कहानी) का बोलाबाला रहा। इनमें से एक है ‘मुफ़्तख़ोरी’ (Freebies)। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी पर हमला करने के लिए बिजली-पानी, महिलाओं की बस-यात्रा पर मिलने वाली रियायतों को मुफ़्तख़ोरी बताने का रास्ता चुना। मुफ़्तख़ोरी की बातें ही जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के आन्दोलनरत छात्रों पर भी चस्पाँ की गयीं, क्योंकि उन्हें भी बीजेपी ने अपने विरोधियों के रूप में ही देखा। वैसे...

कहीं आपको गोपाल में कसाब तो नहीं दिख रहा?

भूलकर भी दिमाग़ में ये विचार नहीं लाएँ कि कसाब और गोपाल का मतलब एक ही है। आख़िर, एक मुसलमान और दूसरा हिन्दू जो है।

हेमंत की ‘बदलाव यात्रा’ ने बदली झारखंड की सत्ता और सियासत

हेमंत सोरेन ने 'बदलाव यात्रा' की शुरुआत संथाल परगना के साहिबगंज से की थी और इसका समापन रांची में हुआ। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पूरे झारखंड के सुदूर इलाकों का दौरान किया और लोगों की समस्याएं सुनीं और उसके समाधान का वादा किया।

पुलिस और सेना, सिर्फ़ तब बर्बर नहीं होती जब ‘ऊपर’ से हुक़्म होता है!

IT Cell की बदौलत तरह-तरह के झूठ, अफ़वाह और विरोधियों के चरित्र-हनन का सहारा लेकर बीजेपी ने 2014 में सबको धूल चटा दी। तब तक उसका IT Cell अभेद्य दुर्ग की तरह अपराजेय बन चुका था। 2015 में आम आदमी पार्टी ने भी बीजेपी के आज़माये हुए इसी नुस्ख़े को और सफलता से अपनाया।

आज वक़्त है कि आप महात्मा गाँधी के इस भाषण को ज़रूर पढ़ें

नागरिकता क़ानून को लेकर उत्तर-पूर्वी राज्य उबल रहे हैं। सरकार को शान्ति और ‘ऑर्डर’ क़ायम रखने के लिए सेना को बुलाने का आख़िर तरीक़ा अपनाने के लिए मज़बूर होना पड़ा है। हालाँकि, यही वो सबसे मुफ़ीद वक़्त है, जब भारतवासियों को महात्मा गाँधी के उस भाषण को पढ़ना चाहिए जो उन्होंने 15 नवम्बर 1947 को दिल्ली में हुई अखिल भारतीय काँग्रेस समिति की बैठक में बोला था। पेश है उसी भाषण के अंश, जिसे ‘सम्पूर्ण...

राहुल गांधी वापस संभालेंगे कांग्रेस की कमान?

नई दिल्ली/वायनाड (केरल), 6 दिसम्बर | पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वापस पार्टी की कमान संभालने वाले हैं। इस बात की संभावना है कि अगले साल के आरंभ में दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद वह दोबारा पार्टी की कमान संभालें। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल का कहना है कि देश अब ज्यादा चाहने लगा है कि वह नेतृत्व की भूमिका में हों। राहुल गांधी के साथ केरल स्थित उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड गए वेणुगोपाल ने...

आख़िर कोई दास्तान-ए-प्याज़ बताता क्यों नहीं?

सरकार कभी अफ़ग़ानिस्तान से तो कभी मिस्र से प्याज़ के आयात का भारी-भरकम आँकड़ा देकर कहती है कि ‘देश में तो सब ठीक है’। प्याज़ का दाम न तो कोई राष्ट्रीय समस्या है और ना ही कोई प्राकृतिक आपदा। हरेक दो-तीन साल पर प्याज़ ऐसे ही और लाल हो उठता रहा है, तो प्याज़ के भाव घटने के बजाय बढ़ क्यों रहा है?

किन पंच-तत्वों पर निर्भर रहेगी महाराष्ट्र के महा-प्रयोग की तक़दीर?

राजनीति को ‘अनन्त सम्भावनाओं का खेल’ कहा गया है। इसमें कोई भी अछूत नहीं होता। राजनीति का सत्ता और कुर्सी के पीछे भागना अनिवार्य है। राजनीतिक विचारधाराएँ सिर्फ़ मुखौटा होती हैं। विजेता ही नैतिकता को परिभाषित करता है। नहीं जीतने वाले अंगूरों को खट्टा बताते रहते हैं। राजनीति में खाने और दिखाने के दाँत हमेशा अलग ही होते हैं। राजनीति में किसी की भी कथनी और करनी हमेशा एक जैसी नहीं होती। गठबन्धन को राजनीति...

महाराष्ट्र में मोहरे बने मुहावरे!

सियासी दंगल को देखें तो इनमें से अलग-अलग मुहावरे, अलग-अलग मठाधीशों पर बिल्कुल सटीक ढंग से चस्पाँ होता है। हरेक मुहावरा दंगल के अलग-अलग खिलाड़ियों मसलन, बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी और काँग्रेस की मार्कशीट बनकर उभरता है।

विपक्ष में है हिम्मत तो करे ऐलान कि सत्ता में लौटे तो ख़त्म होगा अनुच्छेद 164 और 356!

यदि आप महाराष्ट्र में आनन-फ़ानन में देवेन्द्र फड़नवीस और अजीत पवार की ताजपोशी के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जैसे परजीवी को क़सूरवार मानते हैं, तो मानते रहें। धुनते रहें अपना सिर। कोसते रहे मोदी-शाह को, संविधान को, लोकतंत्र को। अब कुछ नहीं होने वाला। या फिर, अब महाराष्ट्र में वही होगा जो दिल्ली चाहेगी। उद्धव-शरद-सोनिया को अब एक बार फिर वैसी ही शानदार पटखनी मिल चुकी है, जैसी पिछले दिनों लालू-देवेगौड़ा-राहुल और महबूबा को...

‘अवैध’ या ‘मुफ़्त’, किस पर मेहरबान होगी दिल्ली?

अवैध कॉलोनियों के निवासियों के लिए ये तय करना बेहद मुश्किल होगा कि अपने वोट के ज़रिये किस पार्टी के प्रति आभार और विश्वास जताएँ? रोज़मर्रा की महत्वपूर्ण चीज़ों को मुफ़्त देने वाली पार्टी को या दशकों पुरानी फ़रमाइश को सशुल्क पूरी करने वाली पार्टी को।

केरल की ब्राह्मण महिला गोपाल‍िका अंतरजन्‍म ने 27 साल तक पढ़ाई अरबी ज़बान

BHU में अपने ही छात्रों का विरोध झेल रहे प्रोफेसर फिरोज खान एक तरह से अंडरग्राउंड हो गए। वह हैरान हैं कि पूरी उम्र उन्‍होंने संस्‍कृत पढ़ी तो क‍िसी ने मुसलमान होने का अहसास नहीं दिलाया, जब पढ़ाने जा रहे हैं तो मुसलमान बता कर उनका व‍िरोध हो रहा है।

महाराष्ट्र : सरकार बनाने की राह में आदित्य को सीएम बनाने की मांग से बाधा

नई दिल्ली, 19 नवंबर | महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चल रही बातचीत के बीच शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे द्वारा अपने बेटे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने पर दिया जा रहा जोर, सरकार गठन की राह में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। राकांपा के कई नेता इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। एक वरिष्ठ सूत्र ने आईएएनएस से कहा कि उद्धव ठाकरे...

ओवैसी की वजह से बीजेपी के चक्रव्यूह में फँसीं ममता

राजनीति में बड़ा नेता बनने की दो तरक़ीब है। पहला, आपके पास जितना बड़ा जनाधार, आप उतने बड़े नेता। और दूसरा, आपके प्रतिद्वन्दी आपको कितना बड़ा नेता मानते हैं? विरोधी आपको कितनी गम्भीरता से लेते हैं और लेने के लिए मज़बूर होते हैं? ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी भले ही एक क्षेत्रीय पार्टी के नेता हैं, लेकिन उनके बयान उनके विरोधियों को मज़बूर करते हैं कि वो ओवैसी को गम्भीरता से...

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन का  गुनहगार कौन?

महाराष्ट्र ने तो 24 अक्टूबर को खंडित जनादेश दिया नहीं, तो फिर उसे लोकप्रिय सरकार पाने के संवैधानिक हक़ से दूर रखने का गुनहगार कौन है? बीजेपी या शिवसेना या फिर दोनों! लेकिन संविधान के संरक्षकों ने क़सूरवार को सज़ा देने के बजाय बेक़सूर जनता पर ही एक और सितम का रास्ता चुना! संविधान की दुहाई देकर केन्द्र सरकार ने महाराष्ट्र को अपनी मुट्ठी में कर लिया। हालाँकि, सभी जानते हैं कि राष्ट्रपति शासन के...

महाराष्ट्र के राज्यपाल का दृष्टिकोण संवैधानिक : विशेषज्ञ

नई दिल्ली, 12 नवंबर | महाराष्ट्र के राज्यपाल ने राज्य में सरकार गठन को लेकर खरीद-फरोख्त रोकने के लिए संवैधानिक रास्ता अख्तियार किया है। यह बात संविधान विशेषज्ञों ने कही। राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने शिवसेना को दो दिन का समय देने से इंकार कर दिया। सेना ने सरकार गठन के लिए समर्थन का पत्र सौंपने के लिए दो दिन का समय मांगा था। शिवसेना के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार गठन...

क्या शिवसेना कुर्सी के लिए कट्टर हिंदुत्ववाद छोड़ देगी?

शिवसेना को अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपने दो परंपरागत प्रतिद्वंद्वियों एनसीपी और कांग्रेस का समर्थन लेना पड़ेगा। ऐसे में यहां अब सवाल यह उठता है कि हिंदू हृदय सम्राट बाल ठाकरे की शिवसेना उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की अनुवाई में सत्ता के लिए कट्टर हिंदुत्ववाद का रास्ता छोड़ देगी और सेकुलर शब्द को 'छद्म' कहने वाली शिवसेना सेकुलर रास्ता अख्तियार करेगी?

क्या गडकरी सर्वसम्मत सीएम उम्मीदवार होंगे?

सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) ने स्पष्ट रूप से गडकरी को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित करने का रोडमैप तैयार किया है।

कर्नाटक : टीपू सुल्तान पर भाजपा, कांग्रेस में कलह

बेंगलुरू, 3 नवंबर | 18वीं शताब्दी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की 10 नवंबर को पड़ रही 270वीं जयंती पर प्रतिबंध लगाने और विद्यालयों के पाठ्यक्रम से उनसे संबंधित इतिहास को मिटाने के कर्नाटक सरकार के निर्णय को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के प्रवक्ता जी. मधुसूदन ने यहां आईएएनएस को बताया, “टीपू एक धर्माध तानाशाह था, जिसने जबरदस्ती सैकड़ों हिंदुओं को...

भारत के पहले रॉकेट मैन टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों पर दागे थे रॉकेट

बेंगलुरू, 3 नवंबर | मैसूर साम्राज्य के पूर्व शासक टीपू सुल्तान पहले भारतीय थे, जिन्होंने रॉकेट विकसित किया और 18वीं शताब्दी में अंग्रेजों के खिलाफ उसका इस्तेमाल किया। राज्य पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक आर.एस. नायका के अनुसार, टीपू ने गुप्त रूप से सैकड़ों युद्धक रॉकेट बनाए और उन्हें अपने राज्य की राजधानी मैसूर के पास श्रीरंगपट्टन में निर्मित एक शस्त्रागार में संग्रहीत करके रखा। यह स्थान बेंगलुरू से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में...

उप्र के कर्मचारियों के पैसों को मिर्ची से जुड़ी वधावन की कंपनी में लगाया गया

नई दिल्ली, 1 नवंबर 😐 मुंबई स्थित विवादास्पद कंपनी, दीवान हाउसिंग फायनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कथित सौदे को लेकर लखनऊ में हड़कंप मचा हुआ है। राज्य सरकार के उप्र विद्युत निगम लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने एक विवादास्पद निर्णय के तहत कथित रूप से अपने कर्मचारियों के 2,600 करोड़ रुपये के फंड का डीएचएफएल में निवेश किया है। डीएचएफएल के प्रमोटरों से हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने दाऊद इब्राहिम के...

निर्भया कांड : ‘फांसी-माफी’ के लिए राष्ट्रपति से पहले, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे मुजरिम

"नोटिस कानूनन दिया गया है। ताकि जेल में बंद मुजरिम कहीं राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दाखिल करना जाने-अनजाने भूल न जाएं। यह जेल की ड्यूटी थी।"

किसान एमएसपी से कम भाव पर कपास बेचने को मजबूर

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर | किसानों के लिए सफेद सोना कहलाने वाली फसल कपास इस बार उनके लिए सफेद सोना साबित नहीं होने जा रही है, क्योंकि किसान सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम भाव पर कपास बेचने को मजबूर हैं। किसानों को कपास का भाव इस समय 3,300-5,200 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने चालू कपास सीजन 2019-20 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए लंबे रेशे वाले कपास का एमएसपी...

दिल्ली की दिवाली : 500 गिरफ्तार, 10 हजार किलो पटाखे जब्त, पुलिस आयुक्त ने आधी रात बांटी ‘मिठाई’

बीते दो दशक में राष्ट्रीय राजधानी में शायद यह पहला मौका है, जब दिवाली की रात सड़क पर ड्यूटी दे रहे मातहत पुलिसकर्मियों के हाथों में किसी पुलिस आयुक्त ने झिड़कियों के बजाए मिठाई के डिब्बे बांटे हों।

मोदी का नया मिशन : पशुधन से बढ़ेगा देश का धन

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर | देश को 2024 तक 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख कदमों में पशुधन उत्पादन को मिशन मोड में बढ़ाना एक अहम कदम होगा। पशुधन मामलों के विशेषज्ञों, पशुचिकित्सा के क्षेत्र के शीर्ष स्तर के वैज्ञानिकों और पशुपालन एवं डेरी मंत्रालय के प्रमुख अधिकारियों की सिलसिलेवार बैठक और मंथन के बाद मोदी ने तीन पर्वितनकारी परियोजनाओं का आगाज...

Article 370 : 2 महीने बीत गए, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं किया कोई हस्तक्षेप

दायर की गईं करीब 12 अलग-अलग याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 14 नवंबर को सुनवाई होगी। केंद्र और जम्मू एवं कश्मीर को सुप्रीम कोर्ट में अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दाखिल करनी होगी और राज्य से विशेष दर्जा हटाए जाने के फैसले से संबंधित सभी कागजात सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखने होंगे।

पटेल ने कभी आंख मूंदकर गांधी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया : तुषार गांधी

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर | महात्मा गांधी के परपोते तुषार अरुण गांधी ने कहा कि सरदार पटेल का राष्ट्रपिता के साथ अनोखा रिश्ता था, इसके बावजूद सरदार पटेल ने कभी भी उनके नेतृत्व को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं किया। तुषार गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम के दो अग्रणी दिग्गजों के संबंध के बारे में चर्चा करते हुए आईएएनएस से कहा कि महात्मा गांधी प्रत्येक कदम पर पटेल को यकीन दिलाने की कोशिश करते थे और उसके...

महात्मा की हत्या के चश्मदीद ने कहा, देश को गांधी जैसे नेता की जरूरत

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर | देश और दुनिया जब बुधवार को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने की तैयारी में है, गांधी के अंतिम क्षण के संभवत: एक मात्र जिंदा चश्मदीद के.डी. मदान ने इस महान नेता को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। ऑल इंडिया रेडियो के एक कार्यक्रम अधिकारी (1944-1948) रहे मदान नई दिल्ली के बिड़ला हाउस में हर शाम गांधी द्वारा प्रार्थना सभा के बाद दिए जाने वाले भाषण की रिकॉर्डिग किया...

गांधी ने भागलपुर में अपने ‘ऑटोग्राफ’ की कीमत रखी थी 5 रुपये

पटना, 1 अक्टूबर | महात्मा गांधी को ‘महात्मा’ बनाने वाला बिहार का चंपारण ही केवल बापू का कर्मक्षेत्र नहीं था। गांधी बिहार के भागलपुर भी आए थे और लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए एकजुट किया था। महात्मा गांधी वर्ष 1934 में यहां आए और भूकंप पीड़ितों की ना केवल मदद की थी, बल्कि पीड़ितों के लिए राशि भी इकट्ठी की थी। इस राशि के लिए उन्होंने अपने ऑटोग्राफ लेने वालों से पांच-पांच रुपये की...

जब मॉब लिंचिंग का शिकार होने से बचे थे महात्मा गांधी!

भीड़ 'गांधी..गांधी..' चिल्लाते हुए मोहनदास पर टूट पड़ी। बिल्कुल उसी तरह, जिस तरह आज अपने देश में अफवाहों पर भड़की हुई भीड़ किसी निर्दोष पर टूट पड़ती है।

भोपाल, 16 सितंबर | महात्मा गांधी लोगों के दिल में बसते हैं, उनके आदर्श हैं, यह उन लोगों को देखकर समझा जा सकता है, जिन्होंने सरदार सरोवर बांध के पानी में असहाय होकर अपना सब कुछ डूबते देखा, मगर गांधी की प्रतिमा को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। वाकया धार जिले के चिखल्दा गांव का है। यह सरदार सरोवर बांध के डूब वाले गांव में आता है। लगभग 3200 की आबादी...

‘370’ ने तो मायावती को भी धर्मसंकट में ढकेल दिया

भारतीय राजनीति में मायावती एक बड़ी और अनुभवी नेता हैं। कई बार उनका राजनीतिक दाँव हमें चकित भी करता रहा है। उनके ताज़ा बयान ने सिर्फ़ इतना ही ज़ाहिर किया है कि वो बहुत गम्भीर दुविधा से पीड़ित हैं। मायावती को विपक्षी नेताओं के इस वक़्त श्रीनगर जाने पर ऐतराज़ है। उनका कहना है कि (1) बिना अनुमति वहाँ जाना ठीक नहीं था, (2) उन्हें दर्जन भर विपक्षी नेताओं का एक-साथ वहाँ जाना ‘सुविचारित’ भी...

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जनक थे अरूण जेटली

जेटली ने ही न्यायपालिका में मौजूद कॉलेज़ियम प्रणाली को ख़त्म करने की रणनीति बनायी। संसद में तो वो सफल हो गये, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बाज़ी पटल दी। जेटली ने ही काली सूची में डाले गये उन हथियार निर्माताओं के गुनाह को माफ़ करवाया, जिन पर गम्भीर अनियमितता के आरोप लगे।

कश्मीर ने साबित किया कि विपक्ष कमज़ोर नहीं है

कश्मीर के विपक्षी नेता नज़रबन्द हैं। मोदी सरकार को डर है कि विपक्षी नेता अपने बचे-खुचे जनाधार की बदौलत उसके तमाम वादों-इरादों की कलई खोल देंगे। जिससे सरकार की छीछालेदर होगी, लोगों का गुस्सा फट पड़ेगा, सरकार को जनता का गुस्सा हज़म नहीं होता।

इमरान खान का ट्रंप कार्ड!

इस्लामाबाद, 24 जुलाई | कश्मीर मामले में अमेरिकी मध्यस्थता की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पेशकश के बाद पाकिस्तान में मीडिया प्रधानमंत्री इमरान खान के कसीदे पढ़ रहा है। यह कहा जा रहा है कि इमरान की अमेरिका यात्रा को पाकिस्तान के लिए राजनयिक सफलता करार दिया जा सकता है। उर्दू दैनिक जंग ने इमरान की अमेरिका यात्रा पर प्रकाशित अपने संपादकीय का शीर्षक ‘इमरान का ट्रंप कार्ड’ दिया है। अखबार ने लिखा है कि राष्ट्रपति...

मनमोहक शीला की मृदुभाषिता हमेशा बेजोड़ रही

फ़ानी दुनिया में अपने मनमोहक व्यक्तित्व की विरासत छोड़कर शीला दीक्षित हमेशा के लिए रूख़सत हो गयीं। किसी ने उन्हें अजातशत्रु बताया तो किसी ने उनके ममतामय रूप को याद किया। किसी ने इस बेहद मिलनसार और स्नेहिल शख़्सियत को श्रद्धांजलि दी तो कोई उनकी मृदुभाषिता और प्रशासनिक तथा राजनीतिक कौशल का क़ायल है। ज़िन्दगी के 81 बसन्तों के दौरान शीला दीक्षित के सम्पर्क में आकर जिसने जैसा अनुभव बटोरा, जिसके जैसे संस्मरण बने, वो...