चुनावराजनीतिममता बनर्जी ने चुनाव याचिका दूसरी पीठ को सौपे जाने का अनुरोध किया

IANSJune 19, 20212031 min

कोलकाता | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक आश्चर्यजनक घटनाक्रम में कलकत्ता हाईकोर्ट को पत्र लिखकर नंदीग्राम से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली उनकी याचिका दूसरी पीठ को सौंपे जाने का अनुरोध किया है। याचिका वर्तमान में न्यायमूर्ति कौशिक चंदा को सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री की ओर से वकील द्वारा लिखे गए और 16 जून को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सौंपे गए एक पत्र में, बनर्जी ने अनुरोध के दो कारणों को रेखांकित किया है।

पत्र में कहा गया है, मेरे मुवक्किल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य सुवेंदु अधिकारी के चुनाव को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की है। चुनाव याचिका के निर्णय के राजनीतिक प्रभाव भी होंगे। मेरे मुवक्किल को अवगत कराया गया है कि माननीय न्यायमूर्ति कौशिक चंदा भाजपा के एक सक्रिय सदस्य रहे हैं। इस प्रकार, यदि माननीय न्यायाधीश चुनाव याचिका लेते हैं, तो मेरे मुवक्किल के मन में प्रतिवादी के पक्ष में या मेरे मुवक्किल के खिलाफ माननीय न्यायाधीश की ओर से पूर्वाग्रह की उचित आशंका होगी।

पत्र में संदेह जताते हुए कहा गया है कि इस तथ्य के मद्देनजर कि चुनाव याचिका में प्रतिवादी भाजपा का सदस्य है और माननीय न्यायाधीश भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे हैं, ऐसी स्थिति सही नहीं होगी इसलिए इसे ट्रांसफर किया जाना चाहिए।

पत्र में यह दावा किया गया है कि याचिका पर सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति कौशिक चंदा भाजपा के सक्रिय सदस्य रह चुके हैं और चूंकि चुनाव याचिका पर फैसले के राजनीतिक निहितार्थ होंगे, इसलिए यह अनुरोध किया जाता है कि विषय को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश द्वारा दूसरी पीठ को सौंप दिया जाए।

बनर्जी के वकील ने पत्र में यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माननीय न्यायाधीश के नाम की कलकत्ता के माननीय हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में मंजूरी देने पर भी आपत्ति जताई थी और इस तरह संबद्ध न्यायाधीश की ओर से पूर्वाग्रह की आशंका है। ममता के वकील ने अनुरोध किया है कि चुनाव याचिका को दूसरी पीठ को सौंपे जाने के लिए पत्र को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि किसी पूर्वाग्रह से बचा जा सके।

न्यायमूर्ति कौशिक ने नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी के निर्वाचन को अवैध एवं अमान्य घोषित करने की ममता की याचिका पर सुनवाई दिन में 24 जून तक के लिए स्थगित कर दी।

इस बीच तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि न्यायमूर्ति चंदा संभवत: (भाजपा के लिए) अनजाने में नरम हो सकते हैं और इस बुनियाद पर उन्हें इस मामले को छोड़ देना चाहिए।

बनर्जी ने एक समय पर अपनी पार्टी के प्रमुख चेहरे रहे और फिलहाल राज्य में विपक्ष के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ नंदीग्राम से उनकी चुनावी जीत को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में एक चुनावी याचिका दायर की है, जिसमें अदालत से चुनाव को अमान्य घोषित करने की प्रार्थना की गई है।

बनर्जी ने अधिकारी के खिलाफ नंदीग्राम से चुनाव लड़ा थी और वह हार गईं थीं। याचिका को 24 जून तक के लिए स्थगित करने से पहले शुक्रवार की सुबह न्यायमूर्ति चंदा द्वारा संक्षिप्त सुनवाई की गई।

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