झीलों की नगरी उदयपुर में कांग्रेस का नवसंकल्प चिंतन शिविर शुरू हो गया है। शिविर की शुरूआत से पहले सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी लगातार ‘ध्रुवीकरण का खेल खेल रही है और जनता में डर पैदा कर रही है’।

उन्होंने कहा, अब यह तय हो गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके सहयोगियों का वास्तव में उनका नारा मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्मेंट काक्या मतलब है। इसका मतलब है कि देश में ध्रुवीकरण बनाए रखना, भय और असुरक्षा की स्थिति बनाए रखना और हमारे समाज के अभिन्न अंगों और हमारे अल्पसंख्यकों को अक्सर प्रताड़ित करना और क्रूरतापूर्वक निशाना बनाना।

हालांकि अपने संबोधन में सोनिया गांधी ने अन्य मुद्दों पर भी बात रखी। उन्होंने नौकरी और किसानों के मुद्दों पर कहा कि, देश की बड़ी संख्या ने नौकरी की आस छोड़ दी है। मनरेगा और फूड सिक्योरिटी हमारे शानदार प्रोग्राम थे।

वहीं कांग्रेस पार्टी किसानों के आंदोलन के साथ थी। लेकिन पीएम ने किसानों से जो वादा किया वो अभी भी पूरा नहीं किया। साथ ही रसोई गैस, पेट्रोल डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

हमारे इस महान संगठन से लचीलेपन की उम्मीद की जाती रही है। हमसे ये उम्मीद की जा रही है कि हम हौसला दिखाएं। असाधारण परिस्थिति का मुकाबला असाधारण तरीके से ही किया जा सकता है।

हर संगठन को जीवित रहने के लिए परिवर्तन लाने होते हैं। हमे सुधारों की सख्त जरूरत है। काम करने के तरीके में परिवर्तन लाना होगा। हमारा पुनरुत्थान सामूहिक प्रयास से ही हो पाएगा।

इसे न टाले जा सकते है और ना टाले जायेंगे। हमे मिली नाकामयाबी से हम बेखबर नही हैं। लोगों को हमसे उम्मीद है, इससे भी हम अनजान नहीं हैं। हम देश की राजनीति में अपनी पार्टी को उसी भूमिका में लाएंगे जो लोग हम से उम्मीद करते हैं।

उदयपुर में चिंतिन शिविर के दौरान सभी नेताओं के मोबाइल फोन को जमा कराया गया है और छह कमिटियों में करीब 70 नेताओं का ग्रुप बनाकर तमाम मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

शिविर में भाग लेने के लिए राहुल गांधी दिल्ली से ट्रेन से चलकर उदयपुर पहुंच हुए हैं तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी स्पेशल फ्लाइट से पहुंची।

कांग्रेस अपने शिविर में कई पहलुओ पर चर्चा करेगी, इसमें एक परिवार एक टिकट मामला भी शामिल है। इस प्रस्ताव के तहत अगर परिवार के किसी दूसरे सदस्य को चुनाव लडना है तो उसे कम से कम 5 साल तक संगठन में काम करना होगा।

वहीं अगर कोई कांग्रेस पदाधिकारी अपने पद पर कार्यकाल पूरा कर चुका है यानी 5 साल का कार्यकाल पूरा कर चुका तो उसे 3 साल कूलिंग ऑफ पीरियड में रहना होगा, तभी उसे दोबारा पद मिलेगा।

इसके अलावा कांग्रेस में हर स्तर पर हर कमेटी में 50 फीसदी युवा लिए जायेंगे और एक पब्लिक इनसाइट डिपार्टमेंट नाम का एक विभाग कांग्रेस में खोला जाएगा जो सिर्फ चुनाव के वक्त नहीं बल्कि पूरे समय जनता की नब्ज और उनके मुद्दे टटोलेगा और यही विभाग ऐसे उम्मीदवारों की खोज भी करेगा जो साल भर काम करते हैं, ऐसे ही लोगों की संगठन में भी नियुक्ति की जाएगी।

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